लिखने वालों की एक अजीब आदत होती है अच्छी है या बुरी,पता नहीं पर वे हर चीज़ पर लिख सकते हैं किसी की ख़ामोशी पर,किसी अधूरी मुलाक़ात पर,एक मामूली-सी मुस्कान पर,यहाँ तक कि अपने भीतर टूटती हुई आवाज़ों पर भी वे सिर्फ़ शब्द नहीं लिखते,बल्कि हर एहसास को कहीं न कहीं ज़िंदा कर देते हैं...!
तुम्हारे बगैर न ये दिन अच्छा लगता है न ये रात...न बातें अच्छी लगती है न ही कोई जज़्बात...अजीब सी ख़ामोशी रहने लगी है... मन कैसा जुड़ गया है तुमसे की तुम्हारे बगैर अब कुछ अच्छा नहीं लगता।।।❤️💫
#वंदना
मैं भूल जाऊँ तुम्हें
अब यही मुनासिब है
मगर भुलाना भी चाहूँ तो किस तरह भूलूँ
कि तुम तो फिर भी हक़ीक़त वो
कोई ख़्वाब नहीं
यहाँ तो दिल का ये आलम है क्या कहूँ
कम-बख़्त!
भुला न पाया वो सिलसिला
जो था ही नहीं
वो इक ख़याल
जो आवाज़ तक गया ही नहीं
वो एक बात
जो मैं कह नहीं सका तुम से
वो एक रब्त
जो हम में कभी रहा ही नहीं
मुझे है याद वो सब
जो कभी हुआ ही नहीं
🖤🌸
जावेद अख़्तर
क्या कहेगा कभी मिलने भी अगर आएगा वो
अब वफ़ादारी की क़समें तो नहीं खाएगा वो
हम समझते थे कि हम उसको भुला सकते हैं
वो समझता था हमें भूल नहीं पाएगा वो
सब के होते हुए इक रोज़ वो तन्हा होगा
फिर वो ढूँढेगा हमें और नहीं पाएगा वो
🖤🌸
- Ajmal Siraj
एक शख्स क्या गया, कि पूरा काफिला गया,
तूफ़ा था तेज, पेड़ को जड़ से हिला गया।
जब सल्तनत से दिल की ही रानी चली गई,
फिर क्या मलाल तख्त गया या किला गया।।
- स्वयं श्रीवास्तव
तुम इस सर्द मौसम में गुनगुनी धूप सा सुकून हो, तुम इस सर्द मौसम में चाय के तलब जैसे हो.. दिसंबर में सर्द रात जैसे हो..इस सर्द मौसम में इश्क के इज़हार जैसे हो...खिलते हुए बचपन जैसे...इस सर्द मौसम में उस धूप के तरह जो अपने साए से पूरे बदन को एक खूबसूरत एहसास दे जाता है..❤️
#वंदना 🍁
वो एक खूबसूरत बंगाली लड़की हैं...दीखने में छोटे कद की, बहुत ही पतली देह और वृक्ष की टहनी जैसा रंग - भूरा...हल्की ब्राउन आँखें...अधिकतर बाल बिगड़े रहते है...एक छोटी लाल बिंदी पर एक लाल टीका और छोटी सी नथ...कमर में साड़ी को खोंस कर जब वह छत पर आती हैं ! कसम से दिल ठहर जाता है !😍
जहां हमें बोलना चाहिए था हम वहां अक्सर चुप रहे,यह जानते हुए भी कि यह चुप्पी,एक दिन हमें खा जाएगी,फिर भी हम चुप रहे,खुद को कोसते रहे,भीतर द्वंद करते रहे,खैर!... एक रोज आखिर में स्वर फूटेगा,हे राम तबतक बड़ी देर हो चुकी होगी...!
“na mile agar kisi ka sath to humein yaad kar lena,
jab tanhai sataye to humse baat kar lena.”
“khushiyan bantane ko tumhare paas kahin loog hunge,
magar gam bantane ho to hamein yaad kar lena.”
मैं पहले ही अपनी जिंदगी से लड़ रहा था
अब तुमने भी छोड़ दिया मुझे
मैंने अपने सभी करीबियों को
कहा था दुनिया इधर से उधर हो जाए
तुम हर वक़्त मेरे साथ रहोगे
अब क्या कहूँ उन्हें,वो पूछते है
कहाँ हो वो शख्स जिसके भरोसे तुम जग जीतने चले थे !!