Last week we met @DCPNewDelhi Sachin Sharma and gave him a complaint against “Satyam Pandit”. We requested a photograph but DCP Sachin denied it, saying he doesn’t allow photos at the office.
Our MLA @KuldeepKumarAAP told him he wouldn’t hesitate if BJP leaders clicked a photo while meeting him. But he projected a very “उसूलों वाली” body language.
And here is yesterday’s photo of the same DCP. How do we trust a machinery that is so politically biased?
How do we expect the same DCP to file an FIR against the right-wing gunda who was recorded on camera physically assaulting innocent minors who participated in the CJP protest at Jantar Mantar?
DCP Sachin Sharma or @CPDelhi can deny it if I am lying.
पीडित छात्रा:- एक पुलिस वाले ने मेरे पिछले हिस्से मे लाठी घुसेडी...💔
ठीक ऐसी ही घटना प्रोटेस्टर के दौरान जंतर-मंतर पर और भी छात्राओ के साथ भी हुई
हमें ₹@डी बोला गया है, हमे मारते वक्त ये बोल रहे थे कि और मारो इन बहन की लौ@डी को 💔
एक लडकी को ये तक बोला गया कि घर चली जा वर्ना थाने ले जा कर नं&गा करके मारूंगा
औरतो की छाती पर पैर रखे गए है और ये सब पुरूष पुलिस के द्वारा किया गया था और जो इनमे से तमाम बिना वर्दी के भी थे !!
इस पीडिता की आवाज प्रधानमंत्री के कानो तक जरूर पहुचनी चाहिए, उनको अपने ऊपर पडी गालियां तो सुनाई दे गई...
पर प्रधानमंत्री की पुलिस ने इन छात्राओ के साथ जो सुलूक किया उसके बारे मे प्रधानमंत्री के क्या विचार है ?
Ruchika Singh vs Riddhima Sharma..
One abused PM Modi, There is an FIR against her. She is being discussed on Multiple Television Anchors..
Another, Abused Mahatma Gandhi, She was invited to several programs where Modi was giving speeches, has met several Top BJP leaders despite her abuses to Mahatma Gandhi and to Minorities.
RAGHAV BROUGHT THE PUNJAB SCRIPT DHRUV BROUGHT THE RECEIPTS 🚨
RAGHAV CHADHA: Punjab’s pharmacy exam saw massive irregularities involving Bluetooth cheating and a ₹13 lakh rate.
DHRUV RATHEE 🎯: High-tech cheating, not a paper leak. The accused were arrested. The Punjab “leak” collapses at the first fact.
RAGHAV: Accountability cannot change with the party or state.
DHRUV 🔥: Agreed. The Union government’s own reports rank Punjab No. 1 in PARAKH and school education, with 99% computer access and over 80% smart classrooms.
बच्चो ने कुछ भी ग़लत किया है तो गिरफ्तार करते इस तरह जानवरों की तरह कौन मारता है ये सब के सब सस्पेंड होने चाहिए मैं तो कहता हूँ टर्मिनेट होने चाहिए
विपक्ष को ये वीडियो पार्लियामेंट में रखनी चाहिए और शकल की पहचान करवा के इन पर कार्यवाही की माँग करनी चाहिए .
ये अत्याचार है बच्चों ने कुछ भी ग़लत किया हो पुलिस केवल गिरफ्तार कर सकती है
@makemytripcare@makemytrip
I have booked 2 Suite Rooms for 6 Nights at Renion Park,Almaty.
Instead I got Deluxe rooms.
Now, I'm offered 20k reimbursement. While difference in this 2 catagory is 35K & inconvenience I faced is extra. What logic,you're applying for reimbursement?
@flyspicejet Today I got message about AMD- SHJ flight, PNR - NBBD9P is cancelled.
Now if passangers not going to Dubai , how will they return?
So what will be the status of free cancellation about PNR - ZFW2KG.?
@flyspicejet Today I got message about AMD- SHJ flight, PNR - NBBD9P is cancelled.
Now if passangers not going to Dubai , how will they return?
So what will be the status of free cancellation about PNR - ZFW2KG.?
@DGCAIndia@MoCA_GoI
Hello,
Please issue an advisory for near future travel to UAE.
We require that for flight cancellations or reschedule without penalty.
Thank you.
SHARE MAXIMUM
How much has Punjab Stubble Burning decreased over the last 5 years ??
From 71,300+ in 2021 to 5,000 cases only this year.
Then, What is the REAL Cause of Delhi Pollution?
How much does Punjab Farm fires contribute?
Why @gupta_rekha and Narendra Modi SILENT??
@Sonal_MK Reports.
19 साल का अरनव खैरे ने लोकल ट्रेन में उसने बस हिंदी में इतना कहा, Bhai Thoda Aage Badho.
इसके बाद कुछ लोगों ने उसे इसलिए पीटा, क्योंकि वह हिंदी बोल रहा था. जबकि अरनव खैरे खुद मराठी है.
अपमान और सदमे में उसने परीक्षा बीच में छोड़ दी. घर आया और अपनी जान ले ली.
एक मामूली-सी लाइन, एक सामान्य-सी भाषा, और इतनी नफ़रत कि एक नौजवान की जिंदगी ख़त्म हो गई.
यह महाराष्ट्र की पहचान नहीं हो सकती. यह भाषा का अभिमान नहीं, इंसानियत का पतन है.
@RajThackeray@MNSAdhikrut
क्या यही महाराष्ट्र चाहिए था. जहां भाषा की राजनीति ने एक मराठी बच्चे की जान ले ली.
लाला लाजपत राय और भगतसिंह..
20 वी सदी की शुरुआत में पंजाब के दो चेहरे।
लाला लाजपतराय बड़ा चेहरा थे, सुस्थापित औऱ कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता थे। भगतसिंह तब कॉलेज में पढ़ रहे थे।
और लाजपतराय के घोर विरोधी थे ।
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लाजपतराय जनता को उद्वेलित करना चाहते थे। संगठित करना चाहते थे। लेकिन सँगठन का उनके पास कोई आधुनिक विचार नही था। उनकी कोशिश, सबसे आसान तरीके, याने धर्म और पहचान के इर्दगिर्द थी।
उन्होंने हिन्दुओ को धर्म के नाम पर संगठित करना शुरू किया। क्षेत्रीय हिन्दू सभाओं का गठन किया। बैठके शुरू की, उन्हें काफी सफलता मिली।
पंजाब के विभिन्न इलाकों में हिन्दू सभाएं गठित हुई। देश भर को यह मॉडल, सँगठनीकरण का आइडिया दे रहा था। यहां तक कि अखिल भारतीय हिन्दू महासभा का गठन, इसी बीज से फूटकर निकला।
इसके बूते वे लाजपतराय कांग्रेस की बाल-पाल-लाल की तिकड़ी में शामिल हुए।।
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पर इन सभाओं ने हिन्दू मुस्लिम विभेद भी पैदा किया। ऐसा सँगठनीकरण, समाज को दुश्मन कबीलों में बांट देगा, यह खतरा, भगतसिंह ने तब ही भांप लिया था।
सो वे हिन्दू मुसलमान की राजनीति के खिलाफ थे। अपने लेखों में उन्होंने लालाजी की सख्त आलोचना की। ये लेख पंजाब के अखबारों में छपते रहे।
लेकिन लालाजी बड़े शख्स थे, और भगतसिंह एक अनाम कॉलेज स्टूडेंट.. उनका लिखा, आज किसी बड़े नेता के विरुद्ध लिखी गई मामूली फेसबुक पोस्ट से अधिक नही थे।
पर यह बताने को काफी हैं, की सरदार भगतसिंह और लाला लाजपतराय, तब पंजाब की जमीन पर विचारधारा के दो विपरीत सिरों पर खड़े थे।
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और फिर लाला लाजपतराय पर लाठी चलती है।
17 नवंबर 1927 की उनकी मौत हो जाती है। 97 साल पहले, अगले दिन 18 नवम्बर को, आज के दिन यह खबर अखबारों में आई होगी। और किसी किसी जगह, इसी वक्त भगतसिंह ने पढ़ी होगी।
औऱ मन मे वो भाव आया होगा।
क्रोध, क्षोभ, बेबसी, गुस्सा..
हम लाख किसी के वैचारिक विरोधी हों, लेकिन उसकी भी जान लेने की इजाजत, सरकार को नही दी जा सकती। शान्तिपूर्ण प्रदर्शन पर हिंसक सरकारी हमला, बोलने की आजादी का हनन..
एक भारतीय के दिल मे, दूसरे भारतीय की मौत ने जो निश्चय पैदा किया, वह भगतसिंह के लेजेंड का मेकिंग पॉइंट है।
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वे इस लाठीकाण्ड के अपराधी को खुद सजा देने का निश्चय करते हैं। उस अंग्रेज अफसर स्कॉट पर गोली चलाना है। अफसोस, स्कॉट की जगह एक युवा अफसर सांडर्स, गलत पहचान की वजह से मारा जाता है।
लालाजी की मौत की खबर के बाद से ही, जीवित भगतसिंह के सर पर फांसी का फंदा झूल रहा है। लेकिन आज, भगतसिंह के लेजेंड पर वह सोने का ताज है।
इस ताज पर जड़ा हीरा, ये तथ्य है, कि भगत जिसकी मौत का बदला लेने निकले,
वह उनका वैचारिक विरोधी था।
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वैचारिक विरोध का अपना महत्व है, समाज मे विपरीत विमर्श का अपना जरूरी स्थान है। इसका अर्थ उस मतावलम्बी से निजी शत्रुता नही। यह बात भगतसिंह को क्लियर थी।
आज के युवा को नही।
वह विपरीत विचार को जेल में देखना चाहता है। उसके घर पर बुलडोजर चाहता है। उनके साथ विकृत समलैंगिक यौन कल्पनाएं करता है। वो विरोधी के घर की स्त्रियों का बलात्कार चाहता है। उनकी मॉर्फ फोटो, उनके डॉक्टर्ड वीडियो, और गन्दी अफवाहें चलाता है।
उसकी मृत्यु पर जश्न मनाता है।
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97 सालो में यह देश आगे अवश्य बढ़ा, मगर समाज बहुत पीछे रह गया है। भगतसिंह अब भी हमारी पीढ़ी की टीशर्ट, टोपी और सिक्सर की 6 गोलियों में जरूर मौजूद है,
मगर विचार के स्तर पर वह भगतसिंह से कोसों दूर, कहीं गन्दी नाली में रेंगता दिखाई देता है।
वह भगत-वादी, खुद ही लाजपतराय की हत्या करने को तैयार है। मगर डरपोक है। तो एक पूरी सरकार ही इन क़िस्त क़िस्त में हत्याओं के लिए पाल रखी है।
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ऐसा देश, ये समाज, ऐसा युवा, न तो लाजपतराय का सपना था, और न भगतसिंह का। मैं और आप, एक खतरनाक, इम्प्लोड होती सोसायटी की सतह पर ऊँघ रहे हैं।
बहरे कानो को सुनाने के लिए शब्दो का धमाका करने वाला हर हिम्मतवाला, गद्दार करार दिया जा रहा है।
वह राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो जाता है।
◆◆
विदेशी सरकार की जगह स्वदेशी अंग्रेज बिठाकर क्या हमने गुलामी को स्वतंत्रता का नाम दे दिया है। सोचिये।
आप खुद को भगतसिंह के वारिस कहते हो, या लाजपतराय का..
आज दोनों ही आपसे जवाब मांग रहे हैं।
🙏
मोदी राज में अडानी की ताकत जानना चाहते हैं?
जिस आदमी ने 1990 में
समस्तीपुर में लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार किया…
उसी को 1999 में
आडवाणी ने ही गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया।
2013 में उसी अफ़सर ने बतौर गृह सचिव कहा—
“समझौता, मक्का मस्जिद, अजमेर—
कम से कम 10 आरोपी RSS लिंक वाले मिले।”
इसके बाद भी BJP ने टिकट दिया…
वो जीते…
2017 में ऊर्जा मंत्री…
2019 में कैबिनेट मंत्री।
लेकिन 2025 में—
जैसे ही उन्होंने 4 नवंबर को
अडानी–बिहार बिजली समझौते को देश का सबसे बड़ा घोटाला कहा…
चुनाव खत्म होते ही
उन्हें दूध में से मक्खी की तरह निकाल फेंक दिया गया।
ये कहानी है आर.के. सिंह की।
मतलब साफ़:
देश में सब चलेगा…
बस अडानी की पोल मत खोलना।
#घोरकलजुग #Adani #ModiHaiTohMumkinHai
Punjab stubble burning story..!!
2010 : 🔥🔥🔥🔥
2015 : 🔥🔥🔥🔥🔥🔥
2021: 🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥
2025 :🔥🏞🏞🏞🏞🏞🏞
In just 3.5 years, the AAP govt in Punjab has delivered what seemed impossible for +3 decades, a massive 92% drop in stubble-burning cases.
A problem that every govt kept calling too big to solve, has been tackled with science, support & systemic reforms:
• Large-scale use of residue mgmt machines
• Incentives for farmers to adopt alternative practices
• Door-to-door outreach by officials
• Quick response teams during burning season
• Continuous monitoring & satellite tracking
• Community-led crop residue management
Today, Punjab’s farm fire numbers are at their lowest in years, with many districts showing 80–96% reduction.
This isn’t just a stat, it’s cleaner air, less pollution blowing into NCR, and a major win for farmers who chose solutions over compulsion.
A 30-year crisis, solved with 3 years of focused governance. A rare example of what political will + technology + farmer trust can achieve in shortest time.
Salute to @BhagwantMann and @ArvindKejriwal for their hard work a team which only being criticised, haunted asked accountability since 12yrs, with almost zero appreciation.