तथागत बुद्ध जिसे धम्म कहते है वह धर्म से सर्वथा भिन्न है। धर्म व्यक्तिगत है जिसे सार्वजनिक जीवन में बिल्कुल दखल नही देना चाहिये,जबकि धम्म सामाजिक है, धम्म का मतलब है सदाचरण। जिसका मतलब है जीवन के सभी क्षेत्रों मे एक व्यक्ति का दुसरे व्यक्ति के प्रति अच्छा व्यवहार। #नमोबुद्धाय
2017 में उत्तरप्रदेश के हरदोई में रहने वाले जितेंद्र कुमार का विवाह शीलू से हुआ. एक साल बाद जितेंद्र लापता हो गया.
उस समय पत्नी गर्भवती थी. अपने पति को बहुत ढूंढा, लेकिन पति नही मिला. पुलिस ने भी खोजबीन के बाद फ़ाइल बंद कर दी.
लेकिन सात साल बाद अचानक शीलू को अपना पति सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत महिला के साथ रील वीडियो बनाते हुए दिखा.
शीलू ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज की है. शुरुआती जानकारी में पता चला सात साल पहले घर से लापता होने के बाद जितेंद्र ने लुधियाना में दूसरी महिला से विवाह कर लिया.
वो लुधियाना में सात सालों से चोरी रह रहा था. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के चक्कर में उसका भेद खुल गया.
आदमी डिलीवरी बॉय से चाहे डिप्टी कलेक्टर बन जाए या करोडपति बन जाए. वो अपनी पत्नी को कभी नही छोड़ता है.
पुरुष अपनी सफलता में पूरे परिवार को हिस्सेदार बनाता है. जबकि महिलाएं अपनी सफलता में अपने पति या पूरे परिवार को हिस्सेदार बनाना पसंद नही करती हैं.
असल में हमारा सामाजिक ढांचा इस तरह बना है परिवार में ज्यादा कमाने वाला हमेशा पुरुष रहा है. इस व्यवस्था को हमेशा ताकत और वर्चस्व का प्रतीक माना गया है.
इसलिए आप देखेंगे भारत में सफल महिलाएं भी विवाह उन्ही पुरषों से करती हैं जो उनसे अधिक सफल या कमाते हैं. इसी कारण SDM बनने के बाद ज्योति मौर्य ने मजदूर पति को छोड़ दिया.
यह कोई एक मामला नही है, इस तरह के अनगिनत मामले सापने आ रहे हैं. लेकिन महिला अधिकार के नाम पर पुरुषों को खलनायक बना दिया गया है.
@KraantiKumar समाज और मन में गंदगी इन्हीं ओटीटी ने डाली है। आज से दस साल पहले इतने केस नहीं आते थे क्योंकि लोगों में सामाजिक और पारिवारिक मर्यादा थी।
वैसे सरकार ने फेसबुक और इंस्टा बंद नहीं किया है। तुम ये काम करके समाज को अपना चारित्रिक पतन दिखा सकते हो। तुम्हारी भी तो बुआ, भाभी, मामी होगी।
अपनी नई नवेली दुल्हन प्रिया को शादी के दूसरे दिन ही दहेज मे मिली नई चमाचमाती गाड़ी से शाम को रवि लॉन्ग ड्राइव पर लेकर निकला। गाड़ी बहुत तेज भगा रहा था , प्रिया ने उसे ऐसा करने से मना किया तो बोला-अरे जानेमन... मजे लेने दो आज तक दोस्तों की गाड़ी चलाई है। आज अपनी गाड़ी है सालों की तमन्ना पूरी हुई। मैं तो खरीदने की सोच भी नही सकता था, इसीलिए तुम्हारे डैड से मांग करी थी।
प्रिया बोली :- अच्छा , म्यूजिक तो कम रहने दो.. आवाज कम करते प्रिया बोली, तभी अचानक गाड़ी के आगे एक भिखारी आ गया। बडी मुश्किल से ब्रेक लगाते , पूरी गाड़ी घुमाते रवि ने बचाया मगर तुरंत उसको गाली देकर बोला-अबे मरेगा क्या भिखारी साले, देश को बरबाद करके रखा है तुम लोगों ने। तब तक प्रिया गाड़ी से निकलकर उस भिखारी तक पहुंची देखा तो बेचारा अपाहिज था उससे माफी मांगते हुए और पर्स से 100रू निकालकर उसे देकर बोली-माफ करना काका वो हम बातों मे........कही चोट तो नहीं आई ? ये लीजिए हमारी शादी हुई है मिठाई खाइएगा ओर आर्शिवाद दीजिएगा ,कहकर उसे साइड में फुटपाथ पर लेजाकर बिठा दिया।
भिखारी दुआएं देने लगा,गाड़ी मे वापस बैठी प्रिया से रवि बोला :- तुम जैसों की वजह से इनकी हिम्मत बढती है भिखारी को मुंह नही लगाना चाहिए। प्रिया मुसकुराते हुए बोली - रवि , भिखारी तो मजबूर था इसीलिए भीख मांग रहा था वरना सबकुछ सही होते हुए भी लोग भीख मांगते हैं दहेज लेकर। जानते हो खून पसीना मिला होता है गरीब लड़की के माँ - बाप का इस दहेज मे , ओर लोग.. तुमने भी तो पापा से गाड़ी मांगी थी तो कौन भिखारी हुआ ?? वो मजबूर अपाहिज या ..?? .
एक बाप अपने जिगर के टुकड़े को २० सालों तक संभालकर रखता है दूसरे को दान करता है जिसे कन्यादान "महादान" तक कहा जाता है ताकि दूसरे का परिवार चल सके उसका वंश बढे और किसी की नई गृहस्थी शुरू हो , उसपर दहेज मांगना भीख नही तो क्या है बोलो ..? कौन हुआ भिखारी वो मजबूर या तुम जैसे दूल्हे ....रवि एकदम खामोश नीची नजरें किए शर्मिंदगी से सब सुनता रहा...
क्योंकि,
प्रिया की बातों से पडे तमाचे ने उसे बता दिया था कि कौन है सचमुच का भिखारी।
@Dipa15594793 महाराज पैसे का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए नहीं करते... ट्रस्ट स्कूल, कॉलेज, अस्पताल चला सकता है... रामकृष्ण मिशन चिन्मय मिशन..को देखें। . कुछ फर्जी बाबा ढोंगी हो सकते हैं लेकिन उनसे दूर रहें.. सरल
@PratikVoiceObc पिछले 1 महीने से मैं वेदों को पढ़ रही हूं। अब तक जितना मैंने पढ़ा है वेदों में कहीं भी इंसान इंसान के भेदभाव की बात नहीं दिखी। वेदों में ज्यादातर प्रकृति का ही वर्णन मिला है।
@DivyeshBhogayat@_Divya51 @______0Sa_umya अरे भैया! मैं भी दलित हूं। लेकिन सभी धर्म ग्रंथो को पढ़ती हूं। जब उनका अर्थ घटन जब समझ में आ जाता है तो लगता है जैसे कुछ भी काल्पनिक नहीं है। और हां जब आप तर्क संगत या विज्ञान संगत बात करेंगे तो आपको ये लोग जवाब ही नहीं देंगे। क्योंकि पोल खुल जाने का डर लगता है।
@_Divya51 @______0Sa_umya श्रीमद् भागवत स्कंध 3, अध्याय 11, श्लोक 1.
आज ही पढ़ रहा था। ठीक से पढ़ना। इसमें परमाणु(nuclear) की व्याख्या है। और हां! भांग या गांजा पीने से ऐसा धर्म ग्रंथ लिख सकते हैं तो मुझे भी बताना वह भांग-गांजा मुझे भी चाहिए।🙏