अजीत भारती की anticipatory bail खारिज हो गई, लेकिन सवाल सिर्फ अजीत भारती का नहीं है।
सवर्ण समाज की बहन-बेटियों पर घटिया और आपत्तिजनक बातें करना अगर "अभिव्यक्ति की आज़ादी" है, तो उसी का विरोध करना अपराध कैसे हो गया?
एक तरफ अपमान को विचार बताकर बचाने की कोशिश, दूसरी तरफ जवाब देने वाले को कटघरे में खड़ा करना, ये कैसा दोहरा पैमाना है?
@ajeetbharti अकेले नहीं हैं, हम सब उनके साथ है। जो बात गलत है, उसके खिलाफ आवाज़ उठाना अपराध नहीं है।
अपमान सहेंगे नहीं, अन्याय से डरेंगे नहीं,
सच के लिए खड़े हैं, पीछे हटेंगे नहीं।
जिसे सच कहना गुनाह लगे तो लगे,
हम अपने हक़ की आवाज़ दबने देंगे नहीं।
Hey @abhijeet_dipke अगर कॉकरोच लोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए और देश बचाने के लिए आंदोलन करते हैँ,
तो मैं अपनी मेहनत की कमाई से कॉकरोचों को
1100 रूपये का चंदा दूंगा,
सुधांशु त्रिवेदी इतना डरते क्यों है?
अभी एक चैनल पर बहस होनी थी, मगर सुधांशु त्रिवेदी ने मेरा नाम सुनते ही बहस में आने से इंकार कर दिया। अंततः मुझे बोला गया कि डिबेट कैंसिल हो गया।
तोता त्रिवेदी की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी पोल पट्टी खोलने वाली थी, ज्ञानेश कुमार को अब नहीं बचा पाओगे!
“50 साल से राजनीति देख रहा हूँ… इंदिरा गांधी जी बांग्लादेश का युद्ध जीतती हैं लेकिन 3 साल Anti incumbency को झेलती हैं….लेकिन बीजेपी के साथ…नरेंद्र मोदी के साथ anti incumbency क्यों नहीं होती?”- राहुल गांधी
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अंतर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए गए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।
इन नव बौद्धों का आज का प्रदर्शन तो फुस्स होगया है तो ये नव बौद्ध अब अपने सह मित्र मुस्लिम पर भी जाल फेकने कोशिश कर रहे है।
तो अब आप ये भी बता दे कि अपने आरक्षण में मुस्लिम समुदाय को कितने परसेंट देगी?
या सिर्फ उनका भी इस्तेमाल करके उन पर भी SCST Act लगा देंगी🫣
#StopMisuseSCSTAct
आज जिला मुख्यालय, गाजियाबाद पर संपूर्ण भागीदारी आंदोलन के तहत सम्मान, शिक्षा, समान न्याय और आरक्षण के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया गया।
यूजीसी के फैसलों को वापस लेने, मुस्लिम समुदाय पर हो रहे अत्याचार सहित विभिन्न गंभीर सामाजिक मुद्दों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान गाजियाबाद के सैकड़ों साथी मौजूद रहे और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की।
#BhimArmy #AzadSamajParty #ChandrashekharAzad #Ghaziabad #SampoornaBhagidari #आरक्षण_बचाओ #जयभीम #जयसंविधान
आदरणीय @myogioffice महोदय
लखनऊ थाना #चिनहट क्षेत्र के अंतर्गत दबंगों ने किया धार दार अवज़ार से हमला महिला और उसकी नाबालिग बेटी को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है।
@dgpup@Uppolice@lkopolice@LkoCp@east_dcp कृपया अभियुक्त पंजीकृत कर आरोपियों को गिरफ्तार करे!
वाराणसी में पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल चल रही है, जिसमें प्रदर्शनकारी यूजीसी, एससी/एसटी अधिनियम और आरक्षण प्रणाली के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं।
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#UGC_काला_कानून_वापस_लो