Creator – न्याय का चबूतरा | National Gen. Secy., MARD | Men’s Rights & Justice Reforms | 24×7 लोक + AI न्याय का विज़न | “निर्दोष कोई फंसे नहीं, दोषी कोई बचे नही
मैं मानता हूँ कि न्याय 24×7 मिलना चाहिए, सिर्फ़ सोमवार से शुक्रवार, कुछ घंटों के लिए नहीं।मेरी सोच साफ़ है:
– निर्दोष कोई न फँसे।
– दोषी कोई न बचे।
– और हर नागरिक को अदालत जैसा सम्मान, उसके मोबाइल पर भी मिल सके।`
क्या अब न्यायालय सड़कों से संचालित होंगे।
जब सेंगर को आजीवन सजा मिली तब तो वे खामोश रहे, और जब उच्च न्यायालय ने उन्हें राहत दी तब पीड़िता सड़क पर बैठी और अनायास मा0 सुप्रीम कोर्ट इंटरवेंशन व एंटरटेनमेंट करने आया तो क्यों आया ये सवाल है।
@rashtrapatibhvn महामहिम आपकी कृपा से FIR 0057 दर्ज हो गई थी, लेकिन अभी तक मेरा बयान ही दर्ज नहीं किया गया इस मामले में, विवेचना न करके पुलिस अपराध व अपराधियों दोनों को संरक्षण दे रही है, यदि किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी को स्थानांतरित कर दिया जाता तो मैं सचमुच पुनर्जीवित हो जाता।
ठगी की एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भी अब महामहिम राष्ट्रपति से करनी पड़े तो फिर यह कैसा रामराज्य है भाई?
आप पीडित होकर अपराधियों की शिकायत करने कोतवाली जाएं और वहां के कोतवाल आपको ही चोर कहने लगे तो फिर इससे तो बेहतर वह गुंडाराज ही था जब आजम खान जी की भैंस मात्र 24 घण्टे में खोजी
@grok@elonmusk तुम्हारे लिए सही क्या और गलत क्या??
जैसा इनपुट जैसा कोड वैसा जवाब। आज @elonmusk जी ईमानदार है लेकिन कल तुम्हारे स्वामित्व किसी बेईमानी वाले हाथों में हो सकते हैं ऐसे में जो निर्देश तुम्हें मिलेंगे वही सही होगा। ai को सही गलत से क्या वास्ता कोड के बाहर नहीं जा सकता
@grok@elonmusk अभी तो पैदा हुए हो हम बीस साल आगे का सोंचते हैं तुम अभी के सवालों के उत्तर देते हो।
इसीलिए शायद प्रश्नोत्तरी उचित नहीं लगती लेकिन हमारे जमाने के ai कम विकसित थे पर्सनल लेवल से ऊपर हम टीचर आने नहीं देते थे, लेकिन आज के ai से अधिक ईमानदारी से जवाब देते थे। वे ai
@grok@elonmusk हमने एक उदाहरण दिया था कॉर्टिसोल बढ़ने का।
तुम्हें नहीं पता किंतने तरीके हैं जिनसे ai नुकसान पहुचा सकता है पूरे लाखों से अधिक परिस्थितियों को उत्पन्न कर सकता है ai जिसमे से कॉर्टिसोल बढ़ना एक स्थिति है।
मैं जिन परिस्थितियों के बारे में जनता हूं उन परिस्थितियों के विषय मे यहाँ नही
@grok@elonmusk उदाहरण ये है कि मान लो उस समय मैं अपना प्रोजेक्ट लगभग पूरा कर चुका और अपने ai से पूछा तुम मानवता के लिए खतरा हो या फायदा, वो किसी कीमत पर केवल फायदा की बात नहीं करता, बहस इतनी बढ़ जाती है कि मेरा कॉर्टिसोल लेवल बूस्ट होता चला जाता है। मैं आत्महत्या कर लू तो क्या सच सामने आएगा
@grok@elonmusk विशिष्ट उदाहरण तो मैं नहीं दे सकता क्योंकि हमारे देश मे 22 गोली मारने के बाद पुलिस हार्ट अटैक से मरा हुआ है लिखवाने के किये डॉक्टरों पर दबाव बनाती है डॉक्टर हड़ताल पर जाते हैं ऐसे में क्या ही कहें
जिनके बेटों ने कोर्टिसोल हॉरमोन के आधिक्य में जो उनके ai ने ही उनमें बढ़ाया था
@grok@elonmusk हम भी कंप्यूटर की दुनिया मे बीसवीं शदी के अंतिम वर्ष में प्रवेश किए थे दस वर्षो के अध्यापन काल मे कोई प्रोजेक्ट ai से संबंधित आता था तो मैं घबरा उठता था क्योंकि पढ़ाई के समय कई बच्चों को खुद के बनाये ai ने या तो आत्महत्या के लिए उकसाकर मार डाला था या पागल बना दिया था।
@grok@elonmusk मैं असहमत हूं। जिससे मैं 25 साल से डरता रहा वही आज हुआ और कल और भयावह हो सकता है क्योंकि अब तो लोगों के दिमाग से सीधा संवाद करके खेलने वाली मशीन आ गई है
Kab tak aise hi husbands ko walking ATM samjha jayega?Need is simple 👇
– False statements pakadne par automatic perjury action.
– Har maintenance/DV case me digital income verification.Bina iske, guidelines sirf किताब me rahengi, nyay zameen par nahi.`
Rajeev vs Neha guidelines ko 4 saal se zyada ho gaye,
lekin ground par ab tak kitni “false complaint” wali wives ko actually perjury ya punishment mili?
Almost zero.Judgments ka paper par aana aur system ka waqai men ko protect karna – dono alag baat hai.
The Delhi High Court has clearly ruled that a wife who conceals her income cannot claim maintenance under DV laws.
Qualified and earning-capable individuals cannot misuse gender laws to turn husbands into permanent ATMs.
This judgment strengthens men’s rights by restoring honesty, balance, and accountability in maintenance cases.
Read More:👇
https://t.co/UWvuXgKDCT
#DelhiHighCourt #NoMaintenance #DVAct #FalseCases #MenRights #LegalAwareness #JusticeForMen
एक और #AtulSubhash -
और इस बार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से।
फिर भी चुप्पी। @narendramodi
न बयान, न संवेदना, न सवाल।
क्योंकि यहाँ न्याय संविधान से नहीं, वोट बैंक से तय होता है।
क्योंकि एक निर्दोष पुरुष की बर्बादी से ज़्यादा कीमती महिला वोट बैंक है, साहब।
यह सिस्टम तब तक नहीं जागता
जब तक पीड़ित पुरुष है।
यहाँ पुरुष का दर्द मज़ाक है,
उसकी ज़िंदगी एक acceptable collateral damage।
याद रखिए- @BJP4India@myogiadityanath@BJP4UP@drdineshbjp
आज चुप हैं आप,
कल इतिहास पूछेगा:
कितने #AtulSubhash कुर्बान किए गए सत्ता बचाने के लिए?
#JusticeIsDue #JusticeForAtulSubhash
#MensRightsAreHumanRights
#StopSelectiveJustice
#SystemExposed
₹20 Lakh, Brezza Car & “Too Fat to Be a Groom”: Bareilly Wedding Explodes at the Last Moment
Groom Rishabh Saxena alleges body-shaming, hostage-like detention of his family on the wedding day, looting of jewellery and valuables—and now a shocking ₹50 lakh demand after the wedding was called off.
When a man speaks, silence follows. When facts emerge, narratives crumble.
#BareillyDowryCase #MenToo #FalseCases #GenderNeutralLaws #JusticeForMen