#Jalaun के महेबा ब्लॉक में अवैध स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बिना मान्यता के चल रहे चार स्कूलों को सील कर दिया गया, जो नोटिस के बावजूद संचालित हो रहे थे। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और पुलिस टीम मौजूद रही। प्रशासन ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा कदौरा स्थित गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कर संरक्षित गौवंशों को कर संरक्षित गौवंशों को गुड़-चना खिलाया गया तथा मानक के अनुसार भूसा, हरा चारा, चोकर/खरी, पेयजल, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण साफ-सफाई व शेड की व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया तथा गौशाला परिसर में छायादार व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गर्मी के दृष्टिगत विशेष इंतजाम करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उक्त शिकायत की जाँच मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ की गई । मौके पर मात्र एक गाय बीमार पाई गई जिसका इलाज किया जा रहा है शेष सभी गोवंश स्वस्थ पाए गए मौके पर पर्याप्त भूसा हरा चारा चोकर और पानी उपलब्ध है । सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और अन्य सामग्री तथ्यात्मक नहीं है । कालपी गोशाला के संचालन पर राजस्व अधिकारी और नोडल अधिकारी के द्वारा नियमित निगरानी कराई जा रही है ।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह द्वारा तहसील कालपी के सभागार में शिकायतकर्ताओं द्वारा राजस्व, पुलिस, विकास, आपूर्ति, नगर पालिका सहित अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को गम्भीरता से सुना साथ ही मौके पर ही दो लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड तथा एक व्यक्ति का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर उपलब्ध कराया गया। समाधान दिवस में प्राप्त 69 शिकायती प्रार्थना पत्रों में से 17 का मौक़े पर निस्तारण कर शेष जनशिकायतो को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए
मंडलायुक्त झाँसी श्री बिमल कुमार दुबे द्वारा जालौन कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न प्रशासनिक पटलों का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने भूलेख अनुभाग, संग्रह अनुभाग, नजारत अनुभाग, शस्त्र अनुभाग, अभिलेखागार, माल फौजदारी अनुभाग तथा आपदा नियंत्रण कक्ष सहित अन्य कार्यालयों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कार्यालयों में अभिलेखों के संधारण, पत्रावलियों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों की स्थिति तथा उनके निस्तारण की प्रगति का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों को अद्यावधिक रखते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। साथ ही कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं, जीपीएफ अभिलेखों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का भी अवलोकन किया गया। मंडलायुक्त ने ई-गवर्नेंस सेल में स्थापित गौशाला कमांड सेंटर का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि यदि कहीं गौशालाओं में पशुओं को भूसा-पानी उपलब्ध कराने में देरी हो रही हो तो यहां से तत्काल संबंधित केयरटेकर से संपर्क कर भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएं। शस्त्र अनुभाग के निरीक्षण के दौरान उन्होंने शस्त्र लिपिक को निर्देशित किया कि ऐसे लाइसेंस धारकों की सूची तैयार की जाए, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा में अपने शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण (रिन्यूअल) नहीं कराया है। ऐसे सभी लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान वहां लगाए गए परगना वाइज बोर्ड को देखकर मंडलायुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त की और निर्देश दिए कि इस मॉडल को मंडल के अन्य जनपदों में भी लागू किया जाए। बंदोबस्त नक्शे की पक्की नकल सामान्यतः तीन दिनों के भीतर उपलब्ध करा दी जाती है, जबकि आपात स्थिति में इसे 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि अभिलेखागार में पर्याप्त कंपैक्टर न होने के कारण फाइलों के रख-रखाव में कुछ अव्यवस्था पाई गई, जिस पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अभिलेखागार में लगे फायर इक्विपमेंट की नियमित टेस्टिंग कराए जाने के भी निर्देश दिए।
इसके बाद मंडलायुक्त ने आपदा नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्हें अवगत कराया गया कि मुख्यालय स्तर पर 1070 हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से तथा जनपद स्तर पर ऑफलाइन माध्यम से आपदा संबंधी सूचनाएं प्राप्त होती हैं। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि 1076 से प्राप्त आपदा संबंधी आवेदनों को ई-ऑफिस से मैपिंग कर संबंधित तहसीलों को भेजा जाए, जिससे शिकायतों के निस्तारण में तेजी आए और व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने नागरिक सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि नए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के चयन/मनोनयन हेतु प्राप्त आवेदनों के आवेदकों के मोबाइल नंबर एकत्र कर ब्रॉडकास्ट मैसेज की व्यवस्था की जाए, ताकि सभी आवेदकों को एक साथ आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जा सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेंद्र यादव, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस नोट)
*राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी) में नागरिकों द्वारा दी गई रेटिंग के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान*
*एनजीएसपी पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शीर्ष 4 प्रदेशों में उत्तर प्रदेश शामिल*
लखनऊ, 1 मार्च 2026
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी 2.0) संचालित है, जिसमें नागरिकों द्वारा अपनी शिकायतों एवं प्रश्नों को दर्ज और ट्रैक किया जा सकता है।
भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल https://t.co/CcvJiIz3H0 अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल नंबर अथवा ईमेल आईडी अनिवार्य है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए एक निश्चित समय अवधि निर्धारित की गई है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में प्रदेश में एनजीएसपी पर माह फरवरी 2026 में 22,469 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके सापेक्ष कुल 21,864 (97.3 प्रतिशत) शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा चुका है। फरवरी माह में शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश को पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश द्वारा शिकायतों के निस्तारण निश्चित समय अवधि के भीतर करते हुए पूरे देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। उत्तर प्रदेश के ऊपर मिजोरम, लद्दाख तथा उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य हैं, जहां प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या बहुत ही कम है। ऐसे में उत्तर प्रदेश द्वारा शिकायतों के निस्तारण के लिए किया गया कार्य सराहनीय है।
शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा निस्तारण से संतुष्ट होते हुए 1 से 3 तक अंक दिये जाते हैं। नागरिकों द्वारा विगत एक माह में दी गई रेटिंग के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
संलग्नक- 1 & 2
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश।
(प्रेस विज्ञप्ति)
मेरठ/लखनऊ, दिनांकः 28-02-2026
आज जनपद मेरठ भ्रमण के दौरान विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गयी तथा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 49-मेरठ दक्षिण के खण्ड विकास कार्यालय, रजपुरा में स्थित सुनवाई केन्द्र का निरीक्षण किया गया।
सुनवाई केन्द्र का निरीक्षण
सर्वप्रथम विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 49-मेरठ दक्षिण के खण्ड विकास कार्यालय, रजपुरा में स्थित सुनवाई केन्द्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नोटिस सुनवाई केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था एवं नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। सुनवाई केंद्र पर उपस्थित नागरिकों एवं मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गए तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। नोटिस सुनवाई केंद्र पर आने वाले नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया गया।
जिन मतदाताओं का नाम आलेख्य मतदाता सूची में नहीं है वह आवश्यक साक्ष्य सहित फार्म-6 भरकर, 6 मार्च, 2026 तक अपने बीएलओ को उपलब्ध करा दें, ताकि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान बने हुए मतदाताओं को एक अतिरिक्त लाभ यह भी है कि उनका रिकॉर्ड आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण तक सुरक्षित रखा जाएगा। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बाद भी नये मतदाता तो बनेंगे परन्तु उनका रिकॉर्ड एसआईआर के तहत सुरक्षित नहीं होगा। ऐसे में इस मौके को न गवाएं। मतदाताओं से आग्रह किया कि यदि किसी का वोट एक से अधिक स्थान पर है तो फार्म-7 भरकर स्वेच्छा से अन्य स्थानों से अपना नाम कटवा लें, यह एक दण्डनीय अपराध है जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित मतदाता का है।
बीएलओ के साथ संवाद तथा सम्मान कार्यक्रम
नोटिस सुनवाई केंद्र के निरीक्षण के उपरांत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस प्रेक्षागृह, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों 43—सिवालखास, 44—सरधना, 45—हस्तिनापुर, 46—किठौर, 47—मेरठ कैन्ट, 48—मेरठ तथा 49—मेरठ दक्षिण के बूथ लेवल अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम संशोधन, स्थानांतरण एवं विलोपन से संबंधित कार्यों के संबंध में संवाद करते हुए कार्य में हो रही तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों को जानने का प्रयास किया गया। बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजरों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए गये।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु जनपद के प्रत्येक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से 10-10 बूथ लेवल अधिकारियों तथा 2—2 बीएलओ सुपरवाइज़रों को प्रशस्ति पत्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बी0एल0ओ0 सुपरवाइजर तथा बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनैतिक दलों के साथ बैठक
विकास भवन सभागार में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उन्हें नोटिस सुनवाई प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राजनैतिक दलों द्वारा भी अपने सुझाव दिये गये, जिस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। समस्त राजनैतिक दलों से आग्रह किया गया कि सभी दलों के बूथ लेवल एजेण्ट ज़्यादा से ज़्यादा नये एवं युवा वोटर्स को जोड़ने का काम करें। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में अब तक हुए कार्य में जिला प्रशासन के सहयोग एवं समन्वय के लिए प्रशंसा करते हुए संतोष व्यक्त किया।
समीक्षा बैठक
मण्डलायुक्त मेरठ/रोल प्रेक्षक तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में विकास भवन सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम की प्रगति के संबंध में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में मतदाता सूची के अद्यतन कार्यों, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नोटिस सुनवाई की प्रगति, बुक ए कॉल विद बीएलओ तथा एनजीएसपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण, नोटिस सुनवाई स्थल की व्यवस्थाओं आदि के संबंध में समीक्षा की गई।
6 मार्च तक कोई भी पात्र व्यक्ति फार्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है। नए वोटर्स को जोड़ने हेतु भरे जाने वाले फॉर्म-6 में नागरिकों की साफ व स्पष्ट फोटो लगाई जाए। अभी तक भरे गए फार्मों में से जिन फॉर्मों में फोटो स्पष्ट नहीं आ रही हो, उनमें सही फोटो जरूर लगवायें। फॉर्म भरने के दौरान आवेदक का पूरा पता और मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज करें। 27 मार्च तक दावे-आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी तत्पश्चात 10 अप्रैल, 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नोटिस सुनवाई से संबंधित सभी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं, अधिक से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्रोत्साहित किए जाएं और प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए। मतदाता सूची में न तो अपात्र का नाम शामिल हो और न ही पात्र व्यक्ति छूटे, इसी लक्ष्य के साथ प्रदेश भर में कार्य हो रहा है।
नोटिस सुनवाई की प्रगति
समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि नोटिस सुनवाई के राज्य औसत 73.32 प्रतिशत के सापेक्ष विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों 44—सरधना में 78.29 प्रतिशत, 46—किठौर में 69.88 प्रतिशत, 45—हस्तिनापुर में 60.41, 47—मेरठ कैन्ट में 58.62 प्रतिशत, 49—मेरठ दक्षिण में 57.92, 48—मेरठ में 54.87 प्रतिशत तथा 43—सिवालखास में 50.27 प्रतिशत सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है। राज्य औसत से अधिक प्रगति लाने के लिए 44—सरधना के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की सराहना की । राज्य औसत से कम प्रगति वाले शेष विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को नोटिस की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिये गये।
बुक ए कॉल विद बीएलओ/एनजीएसपी
ईसीआईनेट ऐप तथा https://t.co/CcvJiIz3H0 पर नागरिकों हेतु उपलब्ध बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अंतर्गत बुक की गई कॉल के निस्तारण की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में पाया गया कि जनपद में 48 घण्टे से अधिक समय की कोई भी कॉल लंबित नही है। बुक ए कॉल में बीएलओ उपलब्धता में मिजोरम के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। शिकायतों के निस्तारण हेतु एनजीएसपी में मतदाताओं द्वारा दिए गए फीडबैक में देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति संतोषजनक पायी गयी। भविष्य में भी इसी प्रकार सजगता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने के निर्देश दिए गये।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश।
(प्रेस विज्ञप्ति)
आगरा/लखनऊ, दिनांकः 26-02-2026
आज जनपद आगरा भ्रमण के दौरान मण्डलायुक्त आगरा/रोल प्रेक्षक तथा जिला निर्वाचन अधिकारी, आगरा की उपस्थिति में आयुक्त सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम की प्रगति के संबंध में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी।
बैठक में सर्वप्रथम जनपद के विधान सभावार डिजिटाईज़ किये गये फार्म, ईपी रेशियो, जेण्डर रेशियो रिपोर्ट, विधान सभावार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक, डुप्लीकेट मतदाताओं का विवरण, ईआरओनेट पर फार्म- 6, 6ए, 7 एवं 8 की अद्यतन इन्ट्री आदि की रिपोर्ट के संबंध में विस्तार से समीक्षा की गयी। नोटिस जनरेशन, प्रिंटिंग, सुनवाई, बुक ए कॉल विद बीएलओ, 1950 तथा एनजीएसपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण, नोटिस सुनवाई स्थल की व्यवस्थाओं आदि की जानकारी प्राप्त कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त सभी बूथ लेवल अधिकारी एवं बीएलओ सुपरवाईजरों को ससमय मानदेय की धनराशि निर्गत करने तथा कोई भी मानदेय लम्बित न रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह निर्देश भी दिए गए कि नए वोटर्स को जोड़ने हेतु भरे जाने वाले फॉर्म-6 में नागरिकों की साफ व स्पष्ट फोटो लगाई जाए। अभी तक भरे गए फार्मों में से जिन फॉर्मों में फोटो स्पष्ट नहीं आ रही हो, उनमें सही फोटो जरूर लगवायें। फॉर्म भरने के दौरान आवेदक का पूरा पता और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
नोटिस सुनवाई की प्रगति
समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि नोटिस सुनवाई के राज्य औसत 65.53 प्रतिशत के सापेक्ष विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 86-एत्मादपुर में 83.52 प्रतिशत, 94-बाह में 67.56 प्रतिशत, 93-फतेहाबाद में 59.42 प्रतिशत 90-आगरा ग्रामीण में 58.15 प्रतिशत, 92-खैरागढ़ में 57.94 प्रतिशत, 87-आगरा कैण्ट में 55.72 प्रतिशत, 91-फतेहपुर सीकरी में 50.54 प्रतिशत, 89-आगरा उत्तर में 47.21 प्रतिशत तथा 88-आगरा दक्षिण में 44.25 प्रतिशत सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है। राज्य औसत से अधिक प्रगति लाने के लिए 86-एत्मादपुर एवं 94-बाह के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सराहना की गई। साथ ही राज्य औसत से कम प्रगति वाले विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी नोटिस की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिये गए। समस्त अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किये जाने के भी निर्देश दिए गए।
बुक ए कॉल विद बीएलओ/एनजीएसपी
ईसीआईनेट ऐप तथा https://t.co/CcvJiIz3H0 पर नागरिकों हेतु उपलब्ध बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अंतर्गत बुक की गई कॉल के निस्तारण की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में पाया गया कि जनपद में 48 घण्टे से अधिक समय की कोई भी कॉल लंबित नही है। बुक ए कॉल में बीएलओ उपलब्धता में मिजोरम के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। शिकायतों के निस्तारण हेतु एनजीएसपी में मतदाताओं द्वारा दिए गए फीडबैक में देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति संतोषजनक पायी गयी। भविष्य में भी इसी प्रकार सजगता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने के निर्देश दिए गये।
राजनैतिक दलों के साथ बैठक
आयुक्त सभागार में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उन्हें नोटिस सुनवाई प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। बैठक में राजनैतिक दलों यथा आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनके सुझाव लिए गए एवं एसआईआर प्रक्रिया में उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना भी की गई। समस्त राजनैतिक दलों से आग्रह किया गया कि सभी दलों के बूथ लेवल एजेण्ट ज़्यादा से ज़्यादा नये एवं युवा वोटर्स को जोड़ने का काम करें।
नोटिस सुनवाई केन्द्रों का निरीक्षण
तहसील सदर स्थित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 87-आगरा कैण्ट तथा 88-आगरा दक्षिण के नोटिस सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नोटिस सुनवाई केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था एवं नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। सुनवाई केंद्रों पर उपस्थित नागरिकों एवं मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गये तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गये। नोटिस सुनवाई केंद्रों पर आने वाले नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया गया। लोकतंत्र की मज़बूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है और प्रशासन का दायित्व है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार के प्रयोग में कोई असुविधा न हो।
बीएलओ के साथ संवाद तथा सम्मान कार्यक्रम
नोटिस सुनवाई केंद्र के निरीक्षण के उपरांत सूरसदन प्रेक्षागृह आगरा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्रों 86-एत्मादपुर, 87-आगरा कैण्ट, 88-आगरा दक्षिण, 89-आगरा उत्तर, 90-आगरा ग्रामीण, 91-फतेहपुर सीकरी, 92-खैरागढ़, 93-फतेहाबाद तथा 94-बाह के बूथ लेवल अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम संशोधन, स्थानांतरण एवं विलोपन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गयी तथा उनसे संवाद करते हुए कार्य में हो रही तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों को जानने का प्रयास किया गया। बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजरों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए गये।
जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु जनपद के प्रत्येक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से 3-3 बूथ लेवल अधिकारियों, 2-2 बी0एल0ओ0 सुपरवाइज़रों एवं 1 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा समस्त 9 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मण्डलायुक्त आगरा/रोल प्रेक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी आगरा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, आगरा, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बी0एल0ओ0, सुपरवाइजर तथा बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्वाचन कार्य केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि लोकतन्त्र की सुदृढ़ता का आधार है। बूथ लेवल अधिकारी ‘‘डेमोक्रेसी वॉरियर्स’’ के रूप में कार्य कर रहे हैं और उनके समर्पण से ही मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
लखनऊ, 21 फरवरी 2026
विशेष अभियान दिवसः 22-02-2026
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अन्तर्गत दावा एवं आपत्ति अवधि में अधिक से अधिक संख्या में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में सम्मिलित कराने तथा मतदाता सूची को शुद्ध करने के उद्देश्य से दावा एवं आपत्ति प्राप्त किये जाने हेतु चार विशेष अभियान दिवस आयोजित कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
इन निर्देशों के क्रम में पूर्व में दिनांक 11 जनवरी, 18 जनवरी तथा 31 जनवरी, 2026 को विशेष अभियान दिवस आयोजित किये गये थे। इसी कड़ी में रविवार, दिनांक 22 फरवरी 2026 को प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर चौथा विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जा रहा है।
इस विशेष अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि-
•विशेष अभियान दिवस में प्रत्येक मतदेय स्थल पर प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे।
•सभी बीएलओ के पास 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची तथा पर्याप्त संख्या में सभी प्रकार के फार्म यथा 6, 6A, 7 एवं 8 उपलब्ध रहेंगे।
•विशेष अभियान में प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था होगी जहॉ मतदाताओं को फार्म भरने में सहायता प्रदान की जाएगी।
•मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को अभियान तिथि की जानकारी देते हुए उनसे सहयोग प्राप्त किया जाएगा। सभासदों, ग्राम प्रधानों एवं स्वयंसेवकों का भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त विशेष अभियान दिवस के पर्यवेक्षण हेतु समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भ्रमणशील रहते हुए विशेष अभियान को सफल बनाये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
समस्त नागरिकों से अपील है कि विशेष अभियान दिवस-22 फरवरी, 2026 को अपने बूथ पर जाकर अपना तथा अपने परिवार के सदस्यों के नाम 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में अवश्य जॉच लें। यदि किसी पात्र सदस्य का नाम मतदाता सूची में अकिंत नही है अथवा ऐसे सदस्य जिनकी आयु 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो, उनका भी फार्म 6 घोषणा पत्र सहित भरवाकर अपने बूथ लेवल अधिकारी को उपलब्ध करा दें अथवा ECINET मोबाइल एप्लीकेशन या https://t.co/CcvJiIz3H0 पोर्टल पर ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आलेख्य मतदाता सूची में अंकित अपनी प्रविष्टि में किसी भी त्रुटि को सुधारने के लिए फॉर्म 8 भरा जा सकता है।
एनजीएसपी में नागरिकों द्वारा दी गई रेटिंग के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान
बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अंतर्गत कॉल निस्तारण में उत्तर प्रदेश को देश में मिला द्वितीय स्थान
लखनऊ, 20 फरवरी 2026
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से सीधे बात करने के लिए फोन कॉल बुक कर सकता है। यह सेवा निर्वाचन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्राप्त करने के लिए उपयोगी है। आयोग के पोर्टल https://t.co/CcvJiIz3H0 तथा ECINET ऐप के माध्यम से बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में प्रदेश में अब तक कुल 5.74 लाख मतदाताओं द्वारा बूथ लेविल अधिकारियों से बात करने के लिए इस सुविधा का उपयोग किया गया है। बुक की गई कॉल के सापेक्ष 5.44 लाख (95 प्रतिशत) मतदाताओं को बीएलओ द्वारा कॉल कर सम्पर्क किया गया है। उत्तर प्रदेश में आज की तिथि में मात्र 0.26 प्रतिशत कॉल रिक्वेस्ट ही लंबित हैं।
बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अंतर्गत कॉल निस्तारण में उत्तर प्रदेश को पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' के संबंध में समस्त जनपदों को निर्देशित किया गया है कि सुविधान्तर्गत बुक की गई कोई भी कॉल 48 घण्टे से अधिक लंबित न रहे तथा अनुपलब्ध कॉल का प्रतिशत कम रखने हेतु बूथ लेवल अधिकारी द्वारा आवेदक से सम्पर्क करने का अधिक से अधिक प्रयास किया जाय। (संलग्नक-1)
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी 2.0) संचालित है, जिसमें नागरिकों द्वारा अपनी शिकायतों एवं प्रश्नों को दर्ज और ट्रैक किया जा सकता है।
प्रदेश में एनजीएसपी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में अब तक 83,214 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके सापेक्ष कुल 81,721 (98.21 प्रतिशत) शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा चुका है। शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा निस्तारण से संतुष्ट होते हुए अंक दिये जाते हैं। नागरिकों द्वारा विगत एक माह में दी गई रेटिंग के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। (संलग्नक-2)
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश।
(प्रेस विज्ञप्ति)
दिनांकः 18-02-2026
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में बुधवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता की गयी। नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई तथा अब तक प्राप्त फार्म-6 एवं फार्म-7 की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।
नोटिसों की सुनवाई
6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग से संबंधित 1.04 करोड़ मतदाता तथा तार्किक विसंगतियों से संबंधित कुल 2.22 करोड़ मतदाता सहित कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जाना है, जिसके क्रम में अब तक कुल 3.25 करोड़ नोटिस निर्गत किये जा चुके हैं। निर्गत किये गये नोटिसों में से लगभग 1.85 करोड़ से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराये जा चुके हैं। मतदाताओं को प्राप्त कराये गये नोटिसों में से अब तक लगभग 1.15 करोड़ नोटिसों पर अधिसूचित अधिकारियों द्वारा सुनवायी भी की जा चुकी है।
नोटिसों की सुनवाई की प्रगति
•5 फरवरी, 2026 तक 30 लाख नोटिसों पर सुनवाई की गयी थी, जो 9 फरवरी को 37.19 लाख, 13 फरवरी को 60 लाख, 14 फरवरी को 69.17 लाख, 15 फरवरी को 79.75 लाख से बढ़कर 18 फरवरी को 1.15 करोड़ हो चुकी है। विगत तीन दिवसों में 35 लाख से अधिक नोटिसों पर सुनवाई की गई है। सुनवाई की इस गति को बनाये रखते हुए निर्धारित अवधि में सुनवाई पूर्ण कर ली जायेगी।
•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के प्रारम्भ में प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर कुल 13,161 हो चुकी है। अधिसूचित अधिकारियों द्वारा नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया गतिमान है। पूर्व में नोटिस सुनवाई केन्द्रों की संख्या 3,984 थी, जो 9 फरवरी को बढ़कर 4,635 हो गई है। इसके अतिरिक्त अधिसूचित अधिकारियों को मतदान केन्द्रों पर जाकर भी सुनवाई करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे कि मतदाताओं को सुनवाई हेतु कम से कम दूरी तय करनी पड़े।
•अभियान के अंतर्गत नो मैपिंग से संबंधित मतदाता अथवा उनके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा सुनवाई के समय आयोग द्वारा जन्म तिथि अथवा/और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और अभिलेखीय साक्ष्यों की बाध्यता कम की गई है।
•तार्किक विसंगति से संबंधित नोटिस उन मतदाताओं को जारी किया जा रहा है जहां मतदाता के नाम में विसंगति हो, मतदाता और उसके अभिभावक की आयु में अन्तर 15 वर्ष से कम अथवा 50 वर्ष से अधिक का हो, मतदाता और उसके दादा-दादी/नाना-नानी की आयु में 40 वर्ष से कम का अन्तर हो, 6 अथवा अधिक मतदाताओं की मैपिंग पिता के रूप में एक ही व्यक्ति से की गयी हो।
•बीएलओ द्वारा नोटिस मतदाता अथवा मतदाता के किसी निकट संबंधी को दी जायेगी तथा उसकी पावती बीएलओ ऐप पर अपलोड की जायेगी।
•बीएलओ द्वारा ऐप में विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अन्तिम मतदाता सूची के सुसंगत पृष्ठ का अंश, मतदाता से मैप किये गये व्यक्ति के संबंध को प्रमाणित करने वाला कोई अभिलेख तथा बीएलओ द्वारा की गयी घोषणा अपलोड की जायेगी।
•मतदाता अथवा संबंधी का हस्ताक्षर व बीएलओ के साथ मतदाता अथवा संबंधी का फोटो ऐप पर अपलोड किया जायेगा।
फार्म-6
आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक कुल 54.40 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या 27.20 लाख तथा पुरुषों की संख्या 27.19 लाख और तृतीय लिंग की संख्या 222 है। 18 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के 36.76 लाख फार्म प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी, 2026 तक कुल 70 लाख से अधिक नए मतदाताओं के फार्म-6 प्राप्त हुए हैं।
फार्म-7
प्रदेश में नाम कटने के प्रकरणों को लेकर फैली भ्रांतियों का तथ्यात्मक विश्लेषणः-
•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फार्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 55,752 महिला एवं 84,667 पुरूष तथा 6 तृतीय लिंग के मतदाता हैं।
•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी तक 1.89 लाख फार्म-7 प्राप्त हुए, जिसमें 76,866 महिला, 1.12 लाख पुरूष तथा तृतीय लिंग के 8 मतदाता शामिल हैं।
•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी, 2026 से 16 फरवरी 2026 तक प्राप्त 1.35 लाख फार्म-7 में से 70,865 आवेदन स्वयं मतदाताओं द्वारा दिया गया है तथा 16,863 आवेदन मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन (फार्म-8) के फलस्वरूप स्वतः जनरेट हुए हैं। किसी दूसरे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए अन्य व्यक्ति द्वारा दिये गये आवेदनों की संख्या मात्र 47,684 है।
•इन संख्याओं के सापेक्ष 6 जनवरी से 16 फरवरी तक दावा एवं आपत्ति अवधि में 12.55 करोड़ मतदाताओं में से अब तक मात्र 23,935 मतदाताओं के नाम विलोपित किये गये हैं, जिसमें फार्म-8 की वजह से विलोपन 14,388 तथा स्वयं मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन के फलस्वरूप विलोपित हुए नामों की संख्या 5,211 है एवं किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम विलोपित किये जाने हेतु दिये गये फार्म-7 की वजह से विलोपित नामों की संख्या 4,336 है।
•जन सामान्य एवं राजनैतिक दलों की जानकारी हेतु दावा एवं आपत्ति अवधि में बूथवार प्रत्येक दिन प्राप्त फार्म-7 की संकलित सूची जिसे फार्म-10 कहा जाता है, संबंधित विधान सभा के ईआरओ कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित भी की जा रही है।
जून एवं सितम्बर 2025 में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया संबंधित प्रशिक्षण से वंचित रह गये जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी 17 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। साथ ही समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी को एसआईआर प्रक्रिया विशेषकर तार्किक विसंगति में प्राप्त नोटिसों में सुनवाई तथा फार्म-6 भरने से संबंधित जानकारी पुनः स्पष्ट कर दी जाये।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक वैधानिक प्रक्रिया है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के अनुसार संचालित होती है। आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान नागरिक द्वारा नाम जोड़ने तथा मतदाता द्वारा संशोधन अथवा किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है। प्रदेश के नागरिकों और राजनैतिक दलों से अपील है कि तथ्यों के आधार पर जानकारी साझा करें और एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग करें।
यदि कोई नागरिक अपना Form reference no. भूल गए हैं और इस वजह से https://t.co/CcvJiIyvRs पर application track नहीं कर पा रहे हैं, इसके लिए वह https://t.co/VjeI2ll0xG पर उपलब्ध link- “Claims and Objections” (form 9,10,11,11a,11b) पर click करें जनपद तथा विधानसभा select कर संबंधित date जिसमें form apply किया गया है pdf file (form 6 reference के लिए form 9, Form 7 reference के लिए form 10, form 8 correction reference के लिए form 11, form 8 shifting reference के लिए form 11a, 11b) download कर form reference no. ज्ञात कर सकते हैं।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय, नया पटेल नगर व विकास भवन स्थित नोटिस सुनवाई केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्रों पर उपस्थित मतदाताओं सेे संवाद कर मूलभूत सुविधाओं, कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था एवं नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की गहन समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
फ़ॉर्म 8 ( निवास स्थान का परिवर्तन ) भरकर पहले तो पत्नी का वोट मायके से ससुराल ले आएं । जैसे ही फ़ॉर्म 8 स्वीकार हो और Eroll Update हो जाए उसके तुरंत बाद फ़ॉर्म 8 ( प्रविष्टियां में सुधार) भर सकते हैं जिसमें Relationship type पिता की जगह पति और Relation Name बदल सकते हैं। एक दिन का इंतज़ार करने की भी आवश्यकता नहीं है।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश।
(प्रेस विज्ञप्ति)
दिनांकः 13.02.2026
आज जनपद गाजियाबाद भ्रमण के दौरान अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर संचालित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गयी। इस क्रम में 55-साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के नगर पालिका बालिका इण्टर कालेज स्थित नोटिस सुनवाई केंद्र का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान नोटिस सुनवाई केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था एवं नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। केंद्र पर उपस्थित नागरिकों एवं मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गये तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये। साथ ही उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर सुझाव लिए गये एवं उक्त प्रक्रिया में उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग की प्रशंसा भी की गयी।
नोटिस सुनवाई केंद्रों पर आने वाले नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया गया। लोकतंत्र की मज़बूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है और प्रशासन का दायित्व है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार के प्रयोग में कोई असुविधा न हो। जिला निर्वाचन अधिकारी को विभिन्न स्थानों पर मतदाता जागरूकता कैम्प लगाने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
नोटिस सुनवाई केंद्र के निरीक्षण के उपरांत हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में आयोजित संवाद कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्रों 53-लोनी, 54-मुरादनगर, 55-साहिबाबाद, 56-गाजियाबाद, 57-मोदीनगर एवं 58-धौलाना (आंशिक) के बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम संशोधन, स्थानांतरण एवं विलोपन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गयी। इस अवसर बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों से संवाद करते हुए कार्य में हो रही तकनीकी तथा व्यवहारिक कठिनाईयों को जानने का प्रयास किया गया। बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए गये। निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया सुनिश्चित करने में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 37 बूथ लेवल अधिकारियों, 11 बी.एल.ओ. सुपरवाइज़रों एवं 06 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इसके अतिरिक्त नये मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र का वितरण भी किया गया।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम में उत्कृष्ट एवं सराहनीय सहयोग प्रदान करने के लिए प्रधानाचार्य, सेठ मुकुंदलाल इण्टर कॉलेज, प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज, अध्यक्ष, रेजिडेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन, गौर होम्स तथा चीफ वार्डन, सिविल डिफेन्स, जनपद गाजियाबाद को भी सम्मानित किया गया।
नोटिस सुनवाई केंद्रों पर सुनवाई के लिए अधिक संख्या में नागरिक उपस्थित हो रहे हैं, जिसके लिए जिला प्रशासन को यह निर्देश दिए गये कि मतदाताओं की सुविधा हेतु प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदाता सहायता केन्द्र तथा हेल्प डेस्क स्थापित कराते हुये आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करायी जायें, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जनपद में SIR कार्यक्रम की प्रगति संतोषजनक पायी गयी। भविष्य में भी इसी प्रकार सजगता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने के निर्देश दिए गये। इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी गाजियाबाद, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, गाजियाबाद, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बी.एल.ओ. सुपरवाइजर तथा बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे।