उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा जी द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के संबंध में 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को मध्याह्न 12 बजे से लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर, लखनऊ में प्रेसवार्ता की जाएगी।
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सामान्य निवास और स्थाई निवास में अंतर है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किसी निर्वाचक की मैपिंग न होने पर उसको नोटिस मिलने पर जमा किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची में स्थाई निवास प्रमाण पत्र तो है परंतु सामान्य निवास प्रमाण पत्र नहीं है।इसलिए सामान्य निवास प्रमाण पत्र मान्य नहीं है।
फ़ॉर्म 6 भरते समय जन्मतिथि एवं आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड मान्य है। जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा भी पाँच अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ साक्ष्य के रूप में मान्य होगा इसी प्रकार आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा छह अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ी साक्ष्य के रूप में मान्य होगा। इन सारे दस्तावेज़ी विकल्पों की लिस्ट फ़ार्म 6 में ही दी गई है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण यानी SIR में फ़ॉर्म 6 भरते समय नयी बात यह है कि फ़ॉर्म 6 के साथ एक घोषणा पत्र भी देना है जिसमें आवेदक को विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं का अथवा स्वयं के माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का नाम खोज कर उसकी सूचना घोषणा पत्र में भरनी है। यदि आप यह कर लेते हैं तो फिर बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ी साक्ष्य के आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाएगा।
यदि फ़ॉर्म 6 भरते समय आवेदक घोषणा पत्र में 2003 की अंतिम मतदाता सूची में से स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं खोज पाता है तो आवेदक को ERO द्वारा एक नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का प्रारूप वही होगा जो कि गणना चरण के दौरान गणना फ़ार्म में स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं दर्ज करने वाले मतदाताओं को दिया जा रहा है और नोटिस पर दिए गए दस्तावेजों की सूची में से आवेदक को दस्तावेज़ी साक्ष्य देना होगा। दस्तावेज़ी साक्ष्य देने पर आवेदक का नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
मतदाता के वोटर ID कार्ड (EPIC) के साथ उसका मोबाइल नंबर जोड़ना बहुत ही आसान है और घर बैठे ही मिनटों में इस काम को किया जा सकता है। वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने के निम्नलिखित फ़ायदे हैं।
१. अगर आप फ़ॉर्म 6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं और फ़ॉर्म 6 भरते समय आपने फ़ॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरा है तो आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ते ही (लगभग दस पंद्रह दिन में) अपना e-EPIC (वोटर ID कार्ड) डाउनलोड कर सकते हैं। प्रिंटेड वोटर ID कार्ड डाक विभाग के माध्यम से आपके आवासीय पते पर भेजा जाता है जिसमें कई बार समय लग जाता है।
२. जब जब आप ज़रूरत समझें तब तब और जितनी बार चाहे उतनी बार अपना e-EPIC घर बैठे ही डाउनलोड कर सकते हैं।
३. वोटर लिस्ट तथा वोटर ID कार्ड ( EPIC) में आपके विवरण में विद्यमान् त्रुटियों को घर बैठे ही ऑनलाइन फ़ॉर्म 8 भरकर त्रुटियों को ठीक करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
४. ECINET mobile ऐप तथा https://t.co/oc9BoIIa7R website पर voter ID से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर अथवा वोटर आयी कार्ड पर बने QR कोड को स्कैन कर जब चाहें तब कुछ ही सेकेंडों में अपना पोलिंग स्टेशन नंबर और मतदाता सूची में अपना क्रमांक तुरंत ज्ञात कर सकते हैं।
वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने की प्रक्रिया संलग्न चित्रों से स्पष्ट हो जाएगी। यह प्रक्रिया चंद मिनटों में पूरी की जा सकती है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सैकंडों में मोबाइल नंबर आपके वोटर ID कार्ड से जुड़ जाता है।
@ECISVEEP
आज शाम 5 बजे तक उत्तर प्रदेश के प्रत्येक पोलिंग बूथ पर BLO ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित है।उसके पास पर्याप्त संख्या में फ़ॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भी उपलब्ध है। सभी उत्तर प्रदेश वासियों से आग्रह है कि आज अपने अपने बूथ पर जाकर उपलब्ध ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जाँच लें और यदि आपका नाम उसमें नहीं है फ़ॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भरकर BLO को दे दें जिससे अंतिम मतदाता सूची में आपका नाम अवश्य आ जाए। यदि ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम है परंतु आपके विवरण में त्रुटियां है तो फ़ॉर्म 8 भरकर BLO को दे दें जिससे वो त्रुटियां ठीक हो जाएं।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ के साथ संवाद कार्यक्रम में देवघर के तपोवन स्थित श्री श्री मोहनानंद +2 विद्यालय में जिले के विभिन्न विधानसभा के बीएलओ से मुलाकात की एवं उनका हौसला बढ़ाया।
@ECISVEEP@ceojharkhand@DCDeoghar
आपकी पोस्ट के बिन्दु संख्या 2 के बारे में यह कहना है कि जब आपका नाम नई जगह की वोटर लिस्ट में जुड़ा ही नहीं है तो आपका नाम दोनों जगहों से काटने की बात कहना सही नहीं है। जिस नई जगह आप शिफ़्ट किए हैं उस घर के पते को डालकर आप फ़ॉर्म 6 भर सकते हैं । आपकी जैसी ही स्थिति में और लोग भी हो सकते हैं । उनके द्वारा भी यही प्रक्रिया का पालन किया जाना अपेक्षित है। SIR का प्रारंभिक चरण ही पूरा हुआ है।SIR का रिज़ल्ट तो फ़ाइनल वोटर लिस्ट होगी। यह फ़र्क नहीं पड़ता कि आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आया था की नहीं आया । फ़र्क इस बात का पड़ेगा कि आपका नाम फ़ाइनल वोटर लिस्ट में हैं या नहीं।
If any person wants to check whether his/her name exists in the draft voter list of UP in SIR-2026 published on 6th January, 2026, the process is simple. Please go to the web portal of CEO UP https://t.co/VjeI2llyne
A pop up window titled
Special Intensive Revision (SIR) -2026
opens up on main page of the portal. In this window, click the tab named “Search your name by EPIC number in draft electoral roll SIR 2026”. In the ensuing screen, type your EPIC number in the box titled EPIC number, type given Captcha and click tab named SEARCH. If your name exists in the draft voter list, the search result will give the details of the district, the Assembly Constituency, the polling station name and your serial number in that part of the voter list. If your name does not exist in the draft electoral roll of any Assembly Constituency in UP, then it will return with “No result Found”.
Alternatively,
Go to web portal https://t.co/h3Q5WW8xrO and then search your name by typing your EPIC number in the box named EPIC number and click SEARCH after typing the given Captcha. The result will provide the details of your entry in the draft voter list,if your name is present in the draft voter list, otherwise it will display “No result Found”
गुरदीप जी धन्यवाद। आपने अपनी पोस्ट में आपके और आपके परिवार के सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट से कटने का सही कारण भी बताया कि आप ग़ाज़ियाबाद से नोएडा शिफ़्ट कर गए हैं। BLO ने अपना कार्य सही ढंग से किया है जो आपका नाम ग़ाज़ियाबाद ज़िले की वोटर लिस्ट से काट दिया । आपको और आपके परिवार के सदस्यों को नोएडा ज़िले की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने हेतु फ़ॉर्म 6 भरना चाहिए। जिस प्रकार आप फ़ॉर्म 6 भर सकते हैं बिलकुल उसी तरह आपकी जैसी स्थिति में रहने वाले बाक़ी लोग भी फ़ॉर्म 6 भर सकते हैं और उन्हें फ़ार्म 6 भरना चाहिए। @ECISVEEP@gurdeepsappal
जैसे की विगत Tweet में अवगत कराया गया है कि 18000 व्यक्तियों के शपथ पत्रों ( Affidavits) के स्थान पर अभी तक केवल 3919 शपथ पत्रों की scanned copies ही email के माध्यम से प्राप्त हुई हैं । संभव हैं की email भेजते समय आपका कार्यालय 18000 के स्थान पर त्रुटिवश केवल 3919 शपथ पत्रों की scanned copies को ही विभिन्न attached folders में save कर पाया हो । अनुरोध है कि 18 हज़ार मतदाताओं के शपथ पत्र जिनके संबंध में आपकी पार्टी द्वारा ईमेल के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग को शिकायत की गई थी उन समस्त 18,000 शपथ पत्रों की मूल प्रतियाँ सुविधानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के कार्यालय में अथवा संबंधित ज़िले के जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अथवा संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराने का कष्ट करें जिससे जाँच प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ सके। यह भी अनुरोध है कि आपके द्वारा हस्तगत कराए जाने वाले शपथ पत्रों की सूची पर संबंधित कार्यालय से हस्तगत कराए जाने के प्रमाण स्वरूप पावती (Receipt) अवश्य प्राप्त करें जिससे स्पष्ट हो सके कि आपके द्वारा दिए गए कितने शपथ पत्र संबंधित कार्यालय में किस तिथि को प्राप्त हुए। इस संबंध में आवश्यक निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारीगण (DEOs) तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीगण (EROs ) को दे दिये गये हैं।
ईमेल ([email protected] ) द्वारा उत्तर प्रदेश के ज़िला चंदौली के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र 383-चकिया के कुल चार मतदाताओं के नाम ग़लत ढंग से काटे जाने की शिकायत अन्य शिकायतों के साथ (37 ईमेल प्राप्त हुए जिनमें 33 ज़िलों के 74 विधानसभा क्षेत्रों के 3919 मतदाताओं के शपथ पत्रों की scanned प्रतियां उपलब्ध हैं।) भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से प्राप्त हुई । 383-चकिया विधानसभा क्षेत्र से संबंधित शिकायत के साथ चारों मतदाताओं के शपथ पत्रों की scanned copies भी प्राप्त हुई ।
सर्वसाधारण को अवगत कराया जाता है कि उपर्युक्त शिकायत से संबंधित चारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बदस्तूर दर्ज हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 383-चकिया विधानसभा क्षेत्र ( जो उपजिलाधिकारी चकिया हैं) द्वारा सम्बंधित गाँव में जाकर मौक़े पर की गई जाँच में इन चारों मतदाताओं द्वारा अपना नाम ग़लत ढंग से काटे जाने की कोई शिकायत किए जाने और इस संबंध में कोई शपथ पत्र देने से स्पष्ट इंकार किया गया।