मतदाता सूची में शामिल होने से छूटे हुए पात्र नागरिकों एवं युवा मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए आज प्राथमिक विद्यालय गायघाट व सर्वोदय इंटर कॉलेज मिहीपुरवा में आयोजित विशेष कैंप का निरीक्षण किया।
युवाओं ने अपने-अपने बी0एल0ओ0 से मिलकर फार्म-6 भरे।
मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाएँ और लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
@ECISVEEP@ceoup@UPGovt@CMOfficeUP@InfoDeptUP@deobrh@DMBahraich
मा. आयोग के निर्देशानुसार आज दिनांक 17.10.2026 को 282-बलहा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के समस्त 403 मतदेय स्थलों पर विशेष कैंप आयोजित किए गए। कैंपों में (BLO) एवं सुपरवाइजरों द्वारा पात्र नागरिकों एवं युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने हेतु आवश्यक सहायता प्रदान की गई।
समस्त पात्र नागरिकों से पुनः अपील है कि मतदाता सूची में अपना एवं अपने परिवार के सदस्यों का नाम सुनिश्चित करें तथा नाम सम्मिलित न होने की स्थिति में फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करें।
#VoterRegistration #ECISVEEP #CEOUP
निर्वाचक नामावली में पंजीकरण से छूटे हुए एवं प्रथम बार / युवा निर्वाचकों के नाम सम्मिलित किए जाने के संबंध में दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक मतदेय स्थल पर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक बी0एल0ओ0 उपस्थित रहेंगे।
सभी मतदेय स्थलों पर फार्म 6, 7 एवं 8 उपलब्ध रहेंगें।
https://t.co/XA8kIUYHOz, https://t.co/F7z52jJ8Tw, https://t.co/nC1amid52e तथा वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी कर सकते है।
निर्वाचक नामावली में पंजीकरण से छूटे हुए एवं प्रथम बार / युवा निर्वाचकों के नाम सम्मिलित किए जाने के संबंध में दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक मतदेय स्थल पर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक बी0एल0ओ0 उपस्थित रहेंगे।
सभी मतदेय स्थलों पर फार्म 6, 7 एवं 8 उपलब्ध रहेंगें।
https://t.co/XA8kIUYHOz, https://t.co/F7z52jJ8Tw, https://t.co/nC1amid52e तथा वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी कर सकते है।
आज दिनांक 08.10.2026 को निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विधानसभा 282-बलहा के द्वारा BLO's की बैठक कर विशेष अभियान के अंतर्गत घर-घर जाकर मतदाता सूची के सत्यापन करने के निर्देश दिए तथा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के पश्चात मतदाता सूची में पंजीकरण से छूटे हुए मतदाताओं के नाम तथा प्रथम बार/युवा निर्वाचकों के नाम सम्मिलित किए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
#VoterList #SVEEP #Election2027
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
लखनऊ दिनांक 17 फरवरी 2026
जून एवं सितम्बर 2025 में प्रशिक्षण से वंचित रह गए जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के लिए मंगलवार दिनांक 17 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), लखनऊ में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 6 जनपदों यथा चित्रकूट, बलरामपुर, बस्ती, हाथरस, श्रावस्ती एवं कौशांबी के जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा विभिन्न जनपदों के 55 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों सहित कुल 61 अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाये जाने के साथ ही समावेशी पंजीकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960, मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल-2023 में उल्लिखित विधिक दायित्वों, बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ समन्वय, निर्वाचक नामावली में दावे-आपत्तियों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप और बुक ए कॉल विद बीएलओ के तकनीकी पक्षों तथा फील्ड अनुश्रवण की प्रक्रिया और एनजीएसपी पर शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के संबंध में जानकारी दी गयी तथा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया में मीडिया एवं सोशल मीडिया की भूमिका से अवगत कराया गया। साथ ही विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत नोटिस चरण, सुनवाई प्रक्रिया और नियमावली के अनुपालन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन करने तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। हेल्पलाइन नम्बर 1950 के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों का निरन्तर अनुश्रवण एवं समयबद्ध समाधान, पोलिंग स्टेशन के युक्तिकरण से संबंधित पहलुओं और विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया में बीएलओ की भूमिका पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।
पूर्व में प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, किन्तु नये अधिकारियों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के कारण कुछ अधिकारी प्रशिक्षण से वंचित रह गए। इन नवनियुक्त अधिकारियों को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षित किये जाने के उद्देश्य से यह विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिससे सभी संबंधित अधिकारी पुनरीक्षण कार्य में दक्षता के साथ अपेक्षित दायित्वों का निर्वहन कर सकें। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों का मूल्यांकन भी किया गया, ताकि प्रशिक्षण की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश।
(प्रेस विज्ञप्ति)
दिनांकः 18-02-2026
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में बुधवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता की गयी। नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई तथा अब तक प्राप्त फार्म-6 एवं फार्म-7 की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।
नोटिसों की सुनवाई
6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग से संबंधित 1.04 करोड़ मतदाता तथा तार्किक विसंगतियों से संबंधित कुल 2.22 करोड़ मतदाता सहित कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जाना है, जिसके क्रम में अब तक कुल 3.25 करोड़ नोटिस निर्गत किये जा चुके हैं। निर्गत किये गये नोटिसों में से लगभग 1.85 करोड़ से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराये जा चुके हैं। मतदाताओं को प्राप्त कराये गये नोटिसों में से अब तक लगभग 1.15 करोड़ नोटिसों पर अधिसूचित अधिकारियों द्वारा सुनवायी भी की जा चुकी है।
नोटिसों की सुनवाई की प्रगति
•5 फरवरी, 2026 तक 30 लाख नोटिसों पर सुनवाई की गयी थी, जो 9 फरवरी को 37.19 लाख, 13 फरवरी को 60 लाख, 14 फरवरी को 69.17 लाख, 15 फरवरी को 79.75 लाख से बढ़कर 18 फरवरी को 1.15 करोड़ हो चुकी है। विगत तीन दिवसों में 35 लाख से अधिक नोटिसों पर सुनवाई की गई है। सुनवाई की इस गति को बनाये रखते हुए निर्धारित अवधि में सुनवाई पूर्ण कर ली जायेगी।
•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के प्रारम्भ में प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर कुल 13,161 हो चुकी है। अधिसूचित अधिकारियों द्वारा नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया गतिमान है। पूर्व में नोटिस सुनवाई केन्द्रों की संख्या 3,984 थी, जो 9 फरवरी को बढ़कर 4,635 हो गई है। इसके अतिरिक्त अधिसूचित अधिकारियों को मतदान केन्द्रों पर जाकर भी सुनवाई करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे कि मतदाताओं को सुनवाई हेतु कम से कम दूरी तय करनी पड़े।
•अभियान के अंतर्गत नो मैपिंग से संबंधित मतदाता अथवा उनके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा सुनवाई के समय आयोग द्वारा जन्म तिथि अथवा/और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और अभिलेखीय साक्ष्यों की बाध्यता कम की गई है।
•तार्किक विसंगति से संबंधित नोटिस उन मतदाताओं को जारी किया जा रहा है जहां मतदाता के नाम में विसंगति हो, मतदाता और उसके अभिभावक की आयु में अन्तर 15 वर्ष से कम अथवा 50 वर्ष से अधिक का हो, मतदाता और उसके दादा-दादी/नाना-नानी की आयु में 40 वर्ष से कम का अन्तर हो, 6 अथवा अधिक मतदाताओं की मैपिंग पिता के रूप में एक ही व्यक्ति से की गयी हो।
•बीएलओ द्वारा नोटिस मतदाता अथवा मतदाता के किसी निकट संबंधी को दी जायेगी तथा उसकी पावती बीएलओ ऐप पर अपलोड की जायेगी।
•बीएलओ द्वारा ऐप में विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अन्तिम मतदाता सूची के सुसंगत पृष्ठ का अंश, मतदाता से मैप किये गये व्यक्ति के संबंध को प्रमाणित करने वाला कोई अभिलेख तथा बीएलओ द्वारा की गयी घोषणा अपलोड की जायेगी।
•मतदाता अथवा संबंधी का हस्ताक्षर व बीएलओ के साथ मतदाता अथवा संबंधी का फोटो ऐप पर अपलोड किया जायेगा।
फार्म-6
आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक कुल 54.40 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या 27.20 लाख तथा पुरुषों की संख्या 27.19 लाख और तृतीय लिंग की संख्या 222 है। 18 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के 36.76 लाख फार्म प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी, 2026 तक कुल 70 लाख से अधिक नए मतदाताओं के फार्म-6 प्राप्त हुए हैं।
फार्म-7
प्रदेश में नाम कटने के प्रकरणों को लेकर फैली भ्रांतियों का तथ्यात्मक विश्लेषणः-
•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फार्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 55,752 महिला एवं 84,667 पुरूष तथा 6 तृतीय लिंग के मतदाता हैं।
•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी तक 1.89 लाख फार्म-7 प्राप्त हुए, जिसमें 76,866 महिला, 1.12 लाख पुरूष तथा तृतीय लिंग के 8 मतदाता शामिल हैं।
•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी, 2026 से 16 फरवरी 2026 तक प्राप्त 1.35 लाख फार्म-7 में से 70,865 आवेदन स्वयं मतदाताओं द्वारा दिया गया है तथा 16,863 आवेदन मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन (फार्म-8) के फलस्वरूप स्वतः जनरेट हुए हैं। किसी दूसरे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए अन्य व्यक्ति द्वारा दिये गये आवेदनों की संख्या मात्र 47,684 है।
•इन संख्याओं के सापेक्ष 6 जनवरी से 16 फरवरी तक दावा एवं आपत्ति अवधि में 12.55 करोड़ मतदाताओं में से अब तक मात्र 23,935 मतदाताओं के नाम विलोपित किये गये हैं, जिसमें फार्म-8 की वजह से विलोपन 14,388 तथा स्वयं मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन के फलस्वरूप विलोपित हुए नामों की संख्या 5,211 है एवं किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम विलोपित किये जाने हेतु दिये गये फार्म-7 की वजह से विलोपित नामों की संख्या 4,336 है।
•जन सामान्य एवं राजनैतिक दलों की जानकारी हेतु दावा एवं आपत्ति अवधि में बूथवार प्रत्येक दिन प्राप्त फार्म-7 की संकलित सूची जिसे फार्म-10 कहा जाता है, संबंधित विधान सभा के ईआरओ कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित भी की जा रही है।
जून एवं सितम्बर 2025 में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया संबंधित प्रशिक्षण से वंचित रह गये जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी 17 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। साथ ही समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी को एसआईआर प्रक्रिया विशेषकर तार्किक विसंगति में प्राप्त नोटिसों में सुनवाई तथा फार्म-6 भरने से संबंधित जानकारी पुनः स्पष्ट कर दी जाये।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक वैधानिक प्रक्रिया है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के अनुसार संचालित होती है। आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान नागरिक द्वारा नाम जोड़ने तथा मतदाता द्वारा संशोधन अथवा किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है। प्रदेश के नागरिकों और राजनैतिक दलों से अपील है कि तथ्यों के आधार पर जानकारी साझा करें और एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग करें।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
लखनऊ, 21 फरवरी 2026
विशेष अभियान दिवसः 22-02-2026
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अन्तर्गत दावा एवं आपत्ति अवधि में अधिक से अधिक संख्या में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में सम्मिलित कराने तथा मतदाता सूची को शुद्ध करने के उद्देश्य से दावा एवं आपत्ति प्राप्त किये जाने हेतु चार विशेष अभियान दिवस आयोजित कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
इन निर्देशों के क्रम में पूर्व में दिनांक 11 जनवरी, 18 जनवरी तथा 31 जनवरी, 2026 को विशेष अभियान दिवस आयोजित किये गये थे। इसी कड़ी में रविवार, दिनांक 22 फरवरी 2026 को प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर चौथा विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जा रहा है।
इस विशेष अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि-
•विशेष अभियान दिवस में प्रत्येक मतदेय स्थल पर प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे।
•सभी बीएलओ के पास 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची तथा पर्याप्त संख्या में सभी प्रकार के फार्म यथा 6, 6A, 7 एवं 8 उपलब्ध रहेंगे।
•विशेष अभियान में प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था होगी जहॉ मतदाताओं को फार्म भरने में सहायता प्रदान की जाएगी।
•मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को अभियान तिथि की जानकारी देते हुए उनसे सहयोग प्राप्त किया जाएगा। सभासदों, ग्राम प्रधानों एवं स्वयंसेवकों का भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त विशेष अभियान दिवस के पर्यवेक्षण हेतु समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भ्रमणशील रहते हुए विशेष अभियान को सफल बनाये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
समस्त नागरिकों से अपील है कि विशेष अभियान दिवस-22 फरवरी, 2026 को अपने बूथ पर जाकर अपना तथा अपने परिवार के सदस्यों के नाम 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में अवश्य जॉच लें। यदि किसी पात्र सदस्य का नाम मतदाता सूची में अकिंत नही है अथवा ऐसे सदस्य जिनकी आयु 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो, उनका भी फार्म 6 घोषणा पत्र सहित भरवाकर अपने बूथ लेवल अधिकारी को उपलब्ध करा दें अथवा ECINET मोबाइल एप्लीकेशन या https://t.co/CcvJiIz3H0 पोर्टल पर ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आलेख्य मतदाता सूची में अंकित अपनी प्रविष्टि में किसी भी त्रुटि को सुधारने के लिए फॉर्म 8 भरा जा सकता है।
आज उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी सुबह 10:30 बजे से अपराहन 1:30 बजे तक अपने-अपने बूथों पर उपस्थित रहेंगे।
उनके पास बूथ की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उपलब्ध रहेगी।
मतदाताओं के लिए पर्याप्त संख्या में फॉर्म 6, 6A, 7 और फॉर्म 8 भी उपलब्ध है ।