SIR 2026 के अंतर्गत अर्ह मतदाताओं का निर्वाचक नामावली में पंजीकरण कराए जाने हेतु विशेष अभियान दिवस दिनांक 22.02.2026 सभी मतदान केन्द्रों पर पदाभिहित अधिकारी एवं BLO द्वारा मतदाता सूची के साथ उपस्थित होकर फॉर्म 06, 07, 08 भरवाये गए ।
@deo_prayagraj
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत दावे आपत्तियों पर सुनवाई आज दिनांक 21.01.2026 से शुरू की गई ।
👉दावे तथा आपत्तियाँ सुनवाई की तिथि 21.01.2026 से 06.02.2026
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत मतदाताओं की सुविधा के लिए रविवार 18 जनवरी को प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा आलेख्य मतदाता सूची तथा इस सूची में सम्मिलित न हो पाने वाले ऐसे मतदाता, जिनके नाम मृतक/स्थानांतरित/अनुपस्थित/दोहरी प्रविष्टि/गणना प्रपत्र हस्ताक्षर कर बीएलओ को वापस न देने के कारण आलेख्य मतदाता सूची से कट गये, उनके नाम भी पढ़कर सुनाये गये। सभी बूथों पर फार्म—6, 7, 8 तथा घोषणा प्रपत्र पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराये गये थे। मतदाताओं द्वारा भी इस अभियान में बढ़—चढ़ कर रूचि दिखायी गयी तथा अपने बूथ पर जाकर अपना नाम जाँचने के साथ ही दावे एवं आपत्तियों के लिए फार्म-6, 7 एवं 8 को भरकर जमा किया गया।
दिनांक 6 जनवरी, 2026 को आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन से 17 जनवरी, 2026 तक प्रतिदिन औसतन लगभग 60 हज़ार की दर से लगभग 7.20 लाख फार्म-6 प्राप्त हुए। दिनांक 18 जनवरी को आयोजित विशेष अभियान के अर्न्तगत पात्र नागरिकों द्वारा मतदाता बनने के लिए लगभग 7 लाख फार्म-6 भरकर जमा किया गया। विशेष अभियान में एक ही दिन में मतदाताओं से इतनी अधिक संख्या में फार्म-6 प्राप्त होना मतदाताओं की सहभागिता और उत्साह को तथा इस अभियान की अप्रतिम सफलता को दर्शाता है।
विशेष अभियान के दौरान निर्वाचन कार्य से जुड़े समस्त पदाधिकारी यथा मण्डलायुक्त/रोल ऑब्जर्वर, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहकर अभियान का कुशलतापूर्वक संचालन किया गया। इसके अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर उक्त कार्यक्रम का पर्यवेक्षण किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जनपद गाजियाबाद एवं गौतमबुद्धनगर के मतदान केन्द्रों का निरीक्षण कर बूथ लेवल अधिकारियों तथा बूथ लेवल एजेण्टों के साथ बातचीत की गयी एवं उनके सुझावों को सुना गया। मतदाता सूची से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर बूथ लेवल अधिकारियों के प्रशिक्षण के स्तर को जांचा गया। संबंधित अधिकारियों को मतदाताओं के दावे एवं आपत्तियों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिये गये।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यों में लगे सभी अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि आलेख्य मतदाता सूची में परिलक्षित हो रही त्रुटियों को सही करने के लिए जमीनी स्तर पर लगकर कार्य करें। मतदाताओं की समस्याओं को गम्भीरता से सुने और निवारण के लिए सही सुझाव दें। भारत निर्वाचन आयोग की मंशानुरूप लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता बनना जरूरी है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिकतम शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में सम्मिलित होने से वंचित न रह जाए। आयोग की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील है कि वे अपने संबंधित बूथ की मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि नाम सम्मिलित न हो अथवा किसी प्रकार की त्रुटि हो तो फार्म-6, 7 अथवा 8 भरकर दावे एवं आपत्तियां समयबद्ध रूप से दिनांक 6 फरवरी, 2026 तक ऑनलाइन या ऑफलाइन दर्ज कराएं, जिससे मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जा सके।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अन्तर्गत नागरिकों द्वारा भरे जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से भरा जायेगा। फार्म-6 में आवेदक का नाम व सही पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो एवं वर्तमान मोबाइल नम्बर अंकित किया जाना आवश्यक है।
आयु के प्रमाण हेतु निम्न में से कोई एक अभिलेख दिया जा सकता हैः-
· सक्षम स्तर द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
· आधार कार्ड
· पैन कार्ड
· ड्राइविंग लाइसेंस
· हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट का प्रमाण-पत्र जिसमें जन्म तिथि का उल्लेख हो
· भारतीय पासपोर्ट
· जन्म तारीख के सबूत के लिए कोई अन्य दस्तावेज (यदि उपरोक्त अभिलेख उपलब्ध नहीं हों)
उपरोक्त में से कोई अभिलेख उपलब्ध न होने की दशा में-
· ऐसे मामलों में 18 से 21 आयु वर्ग के आवेदकों को अपने माता/पिता अथवा गुरू (तृतीय लिंग के संदर्भ) के हस्ताक्षर से शपथ पत्र (अनुलग्नक-27) के साथ बूथ लेवल अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी /निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
· यदि उपरोक्त में से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं है और माता/पिता भी जीवित न हों तो आवेदक ग्राम प्रधान/नगर निगम/नगर पंचायत के सदस्यों द्वारा प्रदत्त आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकता है।
· यदि आवेदक की आयु 21 वर्ष अथवा उससे अधिक है तो वह स्वयं बूथ लेवल अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आयु के संबंध में मात्र अपना घोषणा पत्र प्रस्तुत करेगा।
निवास के प्रमाण हेतु निम्न में से कोई एक अभिलेख दिया जा सकता हैः-
· उस पते पर पानी/बिजली/गैस कनेक्शन बिल (कम से कम एक वर्ष का)
· आधार कार्ड
· राष्ट्रीय/अनुसूचित बैंक/डाकघर की वर्तमान पास बुक
· भारतीय पासपोर्ट
· राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व अभिलेख, जिसमें किसान बही भी है
· रजिस्ट्रीकृत किराया पट्टा विलेख (किरायेदार की दशा में)
· रजिस्ट्रीकृत विक्रय विलेख (स्वयं के घर की दशा में)
उपरोक्त में से कोई अभिलेख उपलब्ध न होने की दशा में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाना आवश्यक होगा।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत जमा किये जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र दिया जाना भी अनिवार्य हैं। घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में से स्वयं का अथवा अपने माता/पिता अथवा दादा/दादी या नाना/नानी में से किसी एक का विवरण, विधान सभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या तथा क्रम संख्या के साथ भरकर प्रस्तुत करना होगा। सही मैपिंग की दशा में आवेदक को कोई नोटिस निर्गत नहीं होगा। घोषणा पत्र में दिया गया विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली-2003 का विवरण यदि उपलब्ध नहीं है अथवा डेटा बेस से मेल नहीं खाता है तो आवेदक को नोटिस निर्गत किया जायेगा। नोटिस के जवाब में आवेदक को अपनी जन्म तिथि और/अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित 13 में से कोई एक अभिलेख उपलब्ध कराना होगाः-
1- किसी भी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/ पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
2- 01.07.1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी /सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा भारत में जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र /अभिलेख।
3- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
4- भारतीय पासपोर्ट
5- मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र
6- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
7- वन अधिकार प्रमाण पत्र
8- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
9- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी हो)
10- राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
11- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
12- आधार के लिए आयोग के पत्र संख्या 23/2025 .ईआरएस/खंड II दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक II) द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।
13- बिहार एसआईआर की मतदाता सूची का अंश 01.07.2025 की संदर्भ तिथि के अनुसार।
यदि आवेदक का जन्म 01.07.1987 से पहले भारत में हुआ है तो उपरोक्त 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख जन्म तिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराना होगा। इसी प्रकार यदि आवेदक का जन्म 01.07.1987 और 02.12.2004 के बीच भारत में हुआ है तो उपरोक्त 13 में से कोई एक अभिलेख जन्म तिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही साथ उक्त सूची में से पिता या माता का जन्मतिथि/जन्म स्थान के प्रमाण का अभिलेख भी उपलब्ध कराना होगा। यदि आवेदक का जन्म 02.12.2004 के बाद भारत में हुआ है तो उपरोक्त 13 में से कोई एक अभिलेख स्वयं की जन्मतिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही पिता एवं माता, दोनों के जन्मतिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के अभिलेखों को उपलब्ध कराना होगा।
यदि अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है तो आवेदक के जन्म के समय उस अभिभावक के वैध पासपोर्ट और वीजा की प्रति उपलब्ध करानी होगी।
यदि आवेदक का जन्म भारत के बाहर हुआ है, तो विदेश में भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाण पत्र संलग्न किया जाना होगा और यदि पंजीकरण/नागरिकीकरण (Registration/ Naturalisation) द्वारा भारतीय नागरिकता प्राप्त की गयी है तो नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।
कोई भी पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल https://t.co/CO3tVL61ky पर जाकर अपना ऑनलाइन फार्म-6 (मय घोषणा पत्र) भरकर आवेदन कर सकते है। ऑफलाइन फार्म-6, घोषणा पत्र के साथ सही-सही भरकर आवश्यक अभिलेखों के साथ अपने बी0एल0ओ0/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्राप्त करा सकते है।
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SIR ke antargat dinaank 20-01-2026 ko Vishesh Abhiyaan chalaya gaya jismein voter list padhi gayi aur adhik se adhik sankhya mein Vidhan Sabha Bara mein Form 06,07,08 bharwaaya gaya. Sabhi BLOs booths par upasthit rahe.
फ़ॉर्म 6 भरते समय जन्मतिथि एवं आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड मान्य है। जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा भी पाँच अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ साक्ष्य के रूप में मान्य होगा इसी प्रकार आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा छह अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ी साक्ष्य के रूप में मान्य होगा। इन सारे दस्तावेज़ी विकल्पों की लिस्ट फ़ार्म 6 में ही दी गई है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण यानी SIR में फ़ॉर्म 6 भरते समय नयी बात यह है कि फ़ॉर्म 6 के साथ एक घोषणा पत्र भी देना है जिसमें आवेदक को विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं का अथवा स्वयं के माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का नाम खोज कर उसकी सूचना घोषणा पत्र में भरनी है। यदि आप यह कर लेते हैं तो फिर बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ी साक्ष्य के आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाएगा।
यदि फ़ॉर्म 6 भरते समय आवेदक घोषणा पत्र में 2003 की अंतिम मतदाता सूची में से स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं खोज पाता है तो आवेदक को ERO द्वारा एक नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का प्रारूप वही होगा जो कि गणना चरण के दौरान गणना फ़ार्म में स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं दर्ज करने वाले मतदाताओं को दिया जा रहा है और नोटिस पर दिए गए दस्तावेजों की सूची में से आवेदक को दस्तावेज़ी साक्ष्य देना होगा। दस्तावेज़ी साक्ष्य देने पर आवेदक का नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
मतदाता के वोटर ID कार्ड (EPIC) के साथ उसका मोबाइल नंबर जोड़ना बहुत ही आसान है और घर बैठे ही मिनटों में इस काम को किया जा सकता है। वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने के निम्नलिखित फ़ायदे हैं।
१. अगर आप फ़ॉर्म 6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं और फ़ॉर्म 6 भरते समय आपने फ़ॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरा है तो आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ते ही (लगभग दस पंद्रह दिन में) अपना e-EPIC (वोटर ID कार्ड) डाउनलोड कर सकते हैं। प्रिंटेड वोटर ID कार्ड डाक विभाग के माध्यम से आपके आवासीय पते पर भेजा जाता है जिसमें कई बार समय लग जाता है।
२. जब जब आप ज़रूरत समझें तब तब और जितनी बार चाहे उतनी बार अपना e-EPIC घर बैठे ही डाउनलोड कर सकते हैं।
३. वोटर लिस्ट तथा वोटर ID कार्ड ( EPIC) में आपके विवरण में विद्यमान् त्रुटियों को घर बैठे ही ऑनलाइन फ़ॉर्म 8 भरकर त्रुटियों को ठीक करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
४. ECINET mobile ऐप तथा https://t.co/oc9BoIIa7R website पर voter ID से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर अथवा वोटर आयी कार्ड पर बने QR कोड को स्कैन कर जब चाहें तब कुछ ही सेकेंडों में अपना पोलिंग स्टेशन नंबर और मतदाता सूची में अपना क्रमांक तुरंत ज्ञात कर सकते हैं।
वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने की प्रक्रिया संलग्न चित्रों से स्पष्ट हो जाएगी। यह प्रक्रिया चंद मिनटों में पूरी की जा सकती है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सैकंडों में मोबाइल नंबर आपके वोटर ID कार्ड से जुड़ जाता है।
@ECISVEEP
AC-264-BARA PRAYAGRAJ
आज सभी बूथों पर मतदाता सूची बी०एल०ओ० एव सुपरवाइजर द्वारा पढ़ी गयी जिसमे ग्रामसभा के प्रधान, सभ्रांत व्यक्ति , जयादा से ज्यादा मतदाता उपस्थित थे
यदि कोई व्यक्ति यह जाँचना चाहता है कि उसका नाम 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित उत्तर प्रदेश की आलेख्य मतदाता सूची (Draft Voter List) में है या नहीं, तो इसकी प्रक्रिया बहुत सरल है। कृपया CEO UP की वेबसाइट https://t.co/VjeI2llyne पर जाएँ।
वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर
“Special Intensive Revision (SIR) - 2026”
शीर्षक से एक पॉप-अप विंडो खुलेगी। इस विंडो में “Search your name by EPIC number in draft electoral roll SIR 2026” नामक टैब पर क्लिक करें।
इसके बाद खुलने वाली स्क्रीन पर EPIC Number वाले बॉक्स में अपना EPIC नंबर दर्ज करें, दिया गया कैप्चा टाइप करें और SEARCH बटन पर क्लिक करें।
यदि आपका नाम मतदाता सूची में मौजूद है, तो खोज परिणाम में जिले का नाम, विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र का नाम तथा मतदाता सूची के उस भाग में आपका क्रम संख्या (Serial Number) प्रदर्शित होगी।
यदि किसी भी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में आपका नाम मौजूद नहीं है, तो परिणाम में “No Result Found” दिखाई देगा।
वैकल्पिक तरीका:
सीधे वेब पोर्टल https://t.co/h3Q5WW8xrO पर जाएँ और EPIC Number वाले बॉक्स में अपना EPIC नंबर दर्ज करें। कैप्चा टाइप करने के बाद SEARCH पर क्लिक करें।
यदि आपका नाम आलेख्य मतदाता सूची में मौजूद है, तो उससे संबंधित विवरण दिखाई देगा, अन्यथा “No Result Found” प्रदर्शित होगा।
वैकल्पिक (और सबसे आसान) तरीका:
अपने मोबाइल फोन में ECINET Mobile App डाउनलोड करें। यह Google Play Store और Apple App Store दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
ऐप खोलने के बाद “Search your Name in Voter List” नामक टैब पर क्लिक करें। इसमें मतदाता सूची में अपना नाम खोजने के लिए चार विकल्प उपलब्ध होते हैं (6 जनवरी को प्रकाशित यूपी की आलेख्य मतदाता सूची के लिए)।
सबसे अच्छा तरीका Voter ID / EPIC Number के माध्यम से खोज करना है।
अन्य विकल्प इस प्रकार हैं:
•अपने EPIC कार्ड पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके।
•मतदाता का विवरण देकर (जैसे नाम, जन्म तिथि, लिंग, संबंधी का नाम आदि), या
•वह मोबाइल नंबर दर्ज करके जो आपने Form-6 में नाम दर्ज कराते समय दिया था, या
जिन दो विकल्पों में मतदाता विवरण या मोबाइल नंबर देना होता है, उनमें राज्य का नाम, जिले का नाम तथा विधानसभा क्षेत्र (AC) का नाम भी दर्ज करना आवश्यक होता है।
मतदाता विवरण वाला विकल्प पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होता और थोड़ा जटिल भी है, क्योंकि कई बार मतदाता सूची में दर्ज नाम या उसके संबंधी के नाम की वर्तनी (spelling) सही वर्तनी से भिन्न हो सकती है। हालाँकि, जब आपके पास EPIC कार्ड न हो या आपको अपना EPIC नंबर ज्ञात न हो, तब यह विकल्प उपयोगी साबित होता है। इस स्थिति में नाम की अलग-अलग वर्तनी डालकर खोज करना एक उपाय है और पहली बार “No Result Found” आने पर निराश नहीं होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) 2026
“बुक-ए-कॉल विद बीएलओ”
👉भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
· बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से सीधे बात करने के लिए फोन कॉल बुक कर सकता है।
· यह सेवा मतदाता सूची/विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्राप्त करने के लिए उपयोगी है।
· भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल https://t.co/CcvJiIz3H0 तथा ECINET ऐप पर अपने मोबाइल नम्बर के माध्यम से लॉग-इन करें, यदि आपका नम्बर पोर्टल पर रजिस्टर नहीं है, तो पहले Sign UP करें।
· मोबाइल नम्बर, ओटीपी एवं अपना नाम भरकर रजिस्टर करें।
· रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर, ओटीपी भरकर लॉग-इन करके बुक-ए-कॉल विद बीएलओ ऑप्शन पर जाएं, जिसमें EPIC नम्बर/रिफरेन्स नम्बर/अन्य का ऑप्शन दिखेगा।
· EPIC नम्बर/रिफरेन्स नम्बर भरकर सर्च करने पर आपका नाम, मतदेय स्थल का नाम तथा आपके क्षेत्र से सम्बन्धित बीएलओ के नाम आदि की जानकारी मिल जायेगी।
· मोबाइल नम्बर एवं ओटीपी भरकर रिक्वेस्ट कॉल बैक ऑप्शन पर आपके बीएलओ के साथ कॉल बुक हो जायेगी।
· 48 घंटे के अंदर बीएलओ आपसे फोन पर सम्पर्क करेंगे।
· यदि EPIC नंबर उपलब्ध नहीं है, तो अपने राज्य, जनपद, विधानसभा क्षेत्र एंव बूथ की जानकारी भरकर इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।
· विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी के लिए बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा के माध्यम से अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करें।
@ECISVEEP@SpokespersonECI@PIB_India@ANI@PTI_News@DDNewslive
If any person wants to check whether his/her name exists in the draft voter list of UP in SIR-2026 published on 6th January, 2026, the process is simple. Please go to the web portal of CEO UP https://t.co/VjeI2llyne
A pop up window titled
Special Intensive Revision (SIR) -2026
opens up on main page of the portal. In this window, click the tab named “Search your name by EPIC number in draft electoral roll SIR 2026”. In the ensuing screen, type your EPIC number in the box titled EPIC number, type given Captcha and click tab named SEARCH. If your name exists in the draft voter list, the search result will give the details of the State, the district, the Assembly Constituency, the polling station name and your serial number in that part of the voter list. If your name does not exist in the draft electoral roll of any Assembly Constituency in UP, then it will return with “No result Found”.
Alternatively,
Go to web portal https://t.co/h3Q5WW8xrO and then search your name by typing your EPIC number in the box named EPIC number and click SEARCH after typing the given Captcha. The result will provide the details of your entry in the draft voter list,if your name is present in the draft voter list, otherwise it will display “No result Found”
Many simplistic assumptions and inaccuracies exist in the article of https://t.co/A4FJuqAqEa :
1. The Graph-3 showing the Voter Turnout in Assembly Bye-election of November 2024 against the booth-wise Vote Percentage of BJP in Lok Sabha Election of April 2024 is not correct as per the official data of the ECI. e.g in Lok Sabha elections there were 128 booths in which the votes secured by the BJP was less than 10%. That means there are 128 data points between x = 0 and x = 10 on x-axis. Out of these 128 data points in 66 booths (more than 50% data points) the poll percentage in Bye-election is more than 46% which is the highest polling percentage shown for any data point between 0 and 10 in your article’s Graph-3.
2. The article suggests voter suppression as the reason for the decrease in polling percentage in Kundarki from 67.70 % in Lok Sabha Election to 57.86 % in the Bye-election whereas the reality is that the Polling Percentage decreased in all the 8 Assembly Constituencies in UP in the Bye-elections as compared to the Lok Sabha elections. In Ghaziabad AC, there was no complaint of any kind of voter suppression during the bye-election but the decrease in polling percentage was much greater at 14.5%.
3. The simplistic assumption made in your article that for each booth, the percentage of electors added and deleted for each round of revision of the electoral roll would exactly match the percentage of electors religion-wise in the roll may not be true.
4. In Bahadarpur village, of which your article gives an example, there are five polling booths( Booth No. 179 to 183) and total number of electors in all five booths combined is 3544 out of which 3075 electors have Muslim names which is 87%. The total deletions in these five booths between the Lok Sabha and the bye-election is 124 of which 110 deleted electors have Muslim names which is 89%. The corresponding figures quoted in your article do not match with the official data. This mismatch calls your entire religion-wise elector data in question. Since there is no religion-wise elector roll data and no religion-wise addition/deletion data available in the public domain and three of the five graphs included in the article use this so-called data available only to your writers, the entire edifice constructed on this faulty data needs to be seen by the reader in that light.
5. The assumption that the CSDS survey done immediately after Lok Sabha election purportedly showing that only 2% of the Muslim voters voted for BJP is the absolute Gospel truth and there would be no deviation from this cast-in-stone 2% figure for BJP in any future election and in any constituency is also too naive. There may be errors in their survey. Professor Sanjay Kumar of CSDS has already truthfully admitted the error in their faulty figures/analysis of voter addition/deletion done during 5 months in between the Lok Sabha and the Assembly polls in Maharashtra. Have we not already seen too many pre-poll surveys/exit polls gone absolutely wrong in Lok Sabha elections 2024 in UP. Using figures thrown up by opaque surveys to question actual hard figures provided by transparent booth-wise counting in an actual election does not convince a discernible mind at all.
6. In addition to using opaque and faulty data/survey, your article (and also graphs) cleverly employs the statistical fallacies to buttress your argument and influence innocent minds i.e cherrypicking of data, confusing correlation with causation and cleverly using the scale/origin of Y-axis to exaggerate the deviation. There is a famous saying attributed to Mark Twain that there are three types of lies: Lies, Damned Lies and Statistics.
आज दिनांक 15 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम),लखनऊ में जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्वाचक नामावली से संबंधित विधिक प्राविधानों,ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप,एनजीएसपी पोर्टल एवं विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उक्त प्रशिक्षण सत्र में कुल 08 जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं 137 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाये जाने के साथ ही समावेशी पंजीकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950,निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960, मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल-2023 में उल्लिखित विधिक दायित्वों,बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ समन्वय, निर्वाचक नामावली में दावे-आपत्तियों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप के तकनीकी पक्षों तथा फील्ड अनुश्रवण की प्रक्रिया और एनजीएसपी पर शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के संबंध में जानकारी दी गयी तथा आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में मीडिया एवं सोशल मीडिया की भूमिका से अवगत कराया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण प्राप्त ईआरओ अपने-अपने विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में अधीनस्थ बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें,ताकि प्रत्येक स्तर पर प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने उन मतदेय स्थलों की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए,जहाँ लिंगानुपात असंतुलित है। ऐसे मतदेय स्थलों हेतु कार्ययोजना बनाकर बीएलओ के माध्यम से समूहवार जागरूकता और नामांकन कराया जाए। 18-19 आयु वर्ग के युवाओं को भी विशेष अभियान चलाकर निर्वाचक नामावली में शामिल करने पर बल दिया गया। मतदाताओं की सुविधा हेतु मतदेय स्थलों में नए अनुभागों के गठन के संबंध में परीक्षण कराते हुए नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के भी निर्देश दिए गए।
आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के संबंध में अवगत कराते हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दृष्टिगत वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली को वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली के साथ मैपिंग किए जाने से संबंधित प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित करने,भरने में सहयोग करने/एकत्रित करने/मतदाता का सत्यापन तथा उसे बीएलओ ऐप पर अपलोड करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
भारत निर्वाचन आयोग के पत्र दिनांक 11 अगस्त 2023 में अपमार्जन सम्बन्धी निर्देश के अनुसार अपमार्जन की कार्यवाही की जाए तथा उससे संबंधित सभी अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए। जनपद में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सुपरवाईजर्स एवं बूथ लेवल अधिकारियों को भी विधिक प्राविधानों एवं निर्वाचक नामावलियों से संबंधित प्रक्रियाओं के संबंध में भी प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिये गये।