आज दिनांक 10/04/2026 को SIR विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत AC-169 बक्शी का तालाब लखनऊ में सभी सम्मलित पात्र मतदाता सूची का अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया।.
@ECISVEEP@ceoup@LucknowDEO
आज दिनांक 22/2/2026 को SIR विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत AC-169 बक्शी का तालाब लखनऊ में विशेष दिवस का आयोजन के अंतर्गत सभी पात्र मतदाताओं को निर्वाचक नामावली में सम्मिलित करने का कार्य फॉर्म 6 के माध्यम से BLO द्वारा किया जा रहा है।
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फ़ॉर्म 6 भरते समय जन्मतिथि एवं आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड मान्य है। जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा भी पाँच अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ साक्ष्य के रूप में मान्य होगा इसी प्रकार आवासीय पते के साक्ष्य के रूप में आधार कार्ड के अलावा छह अन्य विकल्प उपलब्ध है जिनमें से भी कोई एक दस्तावेज़ी साक्ष्य के रूप में मान्य होगा। इन सारे दस्तावेज़ी विकल्पों की लिस्ट फ़ार्म 6 में ही दी गई है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण यानी SIR में फ़ॉर्म 6 भरते समय नयी बात यह है कि फ़ॉर्म 6 के साथ एक घोषणा पत्र भी देना है जिसमें आवेदक को विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं का अथवा स्वयं के माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का नाम खोज कर उसकी सूचना घोषणा पत्र में भरनी है। यदि आप यह कर लेते हैं तो फिर बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ी साक्ष्य के आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाएगा।
यदि फ़ॉर्म 6 भरते समय आवेदक घोषणा पत्र में 2003 की अंतिम मतदाता सूची में से स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं खोज पाता है तो आवेदक को ERO द्वारा एक नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का प्रारूप वही होगा जो कि गणना चरण के दौरान गणना फ़ार्म में स्वयं का अथवा अपने माता पिता दादा दादी नाना नानी में से किसी एक व्यक्ति का भी नाम नहीं दर्ज करने वाले मतदाताओं को दिया जा रहा है और नोटिस पर दिए गए दस्तावेजों की सूची में से आवेदक को दस्तावेज़ी साक्ष्य देना होगा। दस्तावेज़ी साक्ष्य देने पर आवेदक का नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
मतदाता के वोटर ID कार्ड (EPIC) के साथ उसका मोबाइल नंबर जोड़ना बहुत ही आसान है और घर बैठे ही मिनटों में इस काम को किया जा सकता है। वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने के निम्नलिखित फ़ायदे हैं।
१. अगर आप फ़ॉर्म 6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं और फ़ॉर्म 6 भरते समय आपने फ़ॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरा है तो आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ते ही (लगभग दस पंद्रह दिन में) अपना e-EPIC (वोटर ID कार्ड) डाउनलोड कर सकते हैं। प्रिंटेड वोटर ID कार्ड डाक विभाग के माध्यम से आपके आवासीय पते पर भेजा जाता है जिसमें कई बार समय लग जाता है।
२. जब जब आप ज़रूरत समझें तब तब और जितनी बार चाहे उतनी बार अपना e-EPIC घर बैठे ही डाउनलोड कर सकते हैं।
३. वोटर लिस्ट तथा वोटर ID कार्ड ( EPIC) में आपके विवरण में विद्यमान् त्रुटियों को घर बैठे ही ऑनलाइन फ़ॉर्म 8 भरकर त्रुटियों को ठीक करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
४. ECINET mobile ऐप तथा https://t.co/oc9BoIIa7R website पर voter ID से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर अथवा वोटर आयी कार्ड पर बने QR कोड को स्कैन कर जब चाहें तब कुछ ही सेकेंडों में अपना पोलिंग स्टेशन नंबर और मतदाता सूची में अपना क्रमांक तुरंत ज्ञात कर सकते हैं।
वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने की प्रक्रिया संलग्न चित्रों से स्पष्ट हो जाएगी। यह प्रक्रिया चंद मिनटों में पूरी की जा सकती है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सैकंडों में मोबाइल नंबर आपके वोटर ID कार्ड से जुड़ जाता है।
@ECISVEEP
आज शाम 5 बजे तक उत्तर प्रदेश के प्रत्येक पोलिंग बूथ पर BLO ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित है।उसके पास पर्याप्त संख्या में फ़ॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भी उपलब्ध है। सभी उत्तर प्रदेश वासियों से आग्रह है कि आज अपने अपने बूथ पर जाकर उपलब्ध ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जाँच लें और यदि आपका नाम उसमें नहीं है फ़ॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भरकर BLO को दे दें जिससे अंतिम मतदाता सूची में आपका नाम अवश्य आ जाए। यदि ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम है परंतु आपके विवरण में त्रुटियां है तो फ़ॉर्म 8 भरकर BLO को दे दें जिससे वो त्रुटियां ठीक हो जाएं।
A red elephant? It’s no trick.
In Tsavo, the vibrant red earth takes centre stage — a rich, ruddy hue that makes its red-tinted elephants (who bathe in the earth) stand out from their cousins across the country and continent.
Kainuk is a member of this distinctive herd. She was orphaned in 2011, after her mother died in a drought. She grew up in our care, first at the Nursery and then at Ithumba. Today, she is 15 years old and living wild in Tsavo, although she continues to visit her human-elephant family often.
Learn more about this special elephant: https://t.co/sSkEO8J8X7
जैसे की विगत Tweet में अवगत कराया गया है कि 18000 व्यक्तियों के शपथ पत्रों ( Affidavits) के स्थान पर अभी तक केवल 3919 शपथ पत्रों की scanned copies ही email के माध्यम से प्राप्त हुई हैं । संभव हैं की email भेजते समय आपका कार्यालय 18000 के स्थान पर त्रुटिवश केवल 3919 शपथ पत्रों की scanned copies को ही विभिन्न attached folders में save कर पाया हो । अनुरोध है कि 18 हज़ार मतदाताओं के शपथ पत्र जिनके संबंध में आपकी पार्टी द्वारा ईमेल के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग को शिकायत की गई थी उन समस्त 18,000 शपथ पत्रों की मूल प्रतियाँ सुविधानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के कार्यालय में अथवा संबंधित ज़िले के जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अथवा संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराने का कष्ट करें जिससे जाँच प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ सके। यह भी अनुरोध है कि आपके द्वारा हस्तगत कराए जाने वाले शपथ पत्रों की सूची पर संबंधित कार्यालय से हस्तगत कराए जाने के प्रमाण स्वरूप पावती (Receipt) अवश्य प्राप्त करें जिससे स्पष्ट हो सके कि आपके द्वारा दिए गए कितने शपथ पत्र संबंधित कार्यालय में किस तिथि को प्राप्त हुए। इस संबंध में आवश्यक निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारीगण (DEOs) तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीगण (EROs ) को दे दिये गये हैं।
18 हज़ार शपथ पत्रों के साथ की गई शिकायत का जो उल्लेख बार बार किया जा रहा है उसके संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि एक भी मतदाता का शपथ पत्र मूलरूप में प्राप्त नहीं हुआ है । ईमेल के माध्यम से समाजवादी पार्टी द्वारा जो शिकायत की गई है उसमें लगभग 3919 अलग अलग नाम के व्यक्तियों के शपथ पत्रों की scanned copies अवश्य प्राप्त हुई हैं। शिकायत 33 ज़िलों के 74 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित है। 5 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित शिकायत की जाँच पूर्ण हो चुकी है और X के माध्यम से आम जनता के समक्ष जाँच के निष्कर्ष को प्रस्तुत भी किया जा चुका है। अभी तक जिन पाँच विधानसभा क्षेत्रों की जाँच सम्पन्न हुई है उनमें यह पाया गया है के ऐसे कतिपय व्यक्तियों के नाम से माह नवम्बर 2022 में शपथ पत्र बने हैं जिनकी मृत्यु वर्ष 2022 से कई साल पूर्व हो चुकी थी। कतिपय व्यक्तियों ने अपने नाम से बने शपथ पत्र की scanned copy को दिखाने पर ऐसा कोई भी शपथ पत्र देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि कानूनन ग़लत साक्ष्य दिया जाना एक अपराध माना जाता है।
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