@digvijaya_28 आजकल टंच माल से ध्यान हट गया है जो इस बात की चिंता कर रहे के कौन धर्म का गुरु है या नही तुम्हारे जैसे तो शिवाजी और प्रताप के समय में भी हुए थे dogvijay। राष्ट्र के विध्वंशक। भागवत जी ने कितना धन इकट्ठा कर लिया जो हिन्दू की राजनीति कर रहे हैं बे।
@ravishndtv ये चार तथाकथित आंदोलकारी किसान कृषक समाज के प्रतिनिधि नही थे जो जीत हार का ढिंढोरा पीटें। सच्चा किसान समझ नही पा रहा है नफा या नुकसान।
प्रधान मंत्री मोदी जो परिवर्तन चाहते हैं अवश्य धक्का लगा होगा निर्णय लेते हुए। अब भविष्य बताएगा विरोधी क्या नया मुद्दा लेकर आते हैं।जीता तो मोदी
@BBCHindi उसका मन्तव्य समझने की आवश्यकता है। आजादी शब्द पर इतना hallballoo क्यों।आजादी के बाद जो शख्त परिवर्तन और जबरदस्त निर्णय लिए जाने थे वो तो अपने घर भरने में लग गए। पावर आते ही दलाली का बोलबाला हो गया। उसने कहा जो 47 में होना था वो अब हो रहा है तो क्या गलत कहा।
भीख शब्द न लिखना था।
@DrKumarVishwas भाईसाहब।
आप धर्म का अर्थ ही गलत ले रहे है।
धर्म के अनुरूप ही देश चल सकता है। धर्म का मतलब जी न्यायोचित व्यवस्था है।
प्रश्न उठता है वह आधार किस धर्म से लिया गया। आक्रमणकारियों या व्यापारियों के। आप समझदार है। रामराज्य की कल्पना सिर्फ यहीं है सहिष्णुता बस यहीं है परिणाम भुगत चुके
करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी ने संपूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति, वेदांत दर्शन तथा हमारे गौरवशाली इतिहास का प्रचार-प्रसार किया। युग प्रवर्तक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन व समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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