NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
नेपाल में भयानक बाढ़ की वजह से आई तबाही का समाचार अत्यंत दुखद है। जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।
सौ से ज्यादा भारतीयों समेत सैकड़ों यात्रियों के लापता होने की दुखद खबरें हैं। ईश्वर से उन सभी की कुशलता की कामना करती हूं।
भारत सरकार से मेरी अपील है कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए तुरंत अभियान चलाया जाना चाहिए। साथ ही, नेपाल की जनता को हर संभव मानवीय मदद पहुंचानी चाहिए।
बिहार के छात्रों का सवाल बहुत सीधा है - भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी क्यों? पेपर लीक के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं? और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कब तक?
BPSC की परीक्षाओं का विवाद आज का नहीं है। छात्र लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, देरी और पारदर्शिता को लेकर सड़कों पर हैं।
पर सरकार जवाब देने के बजाय कर क्या रही है? लाठी और वॉटर कैनन चला रही है। छात्रों को हिरासत में ले रही है। सीवान में तो प्रदर्शनकारियों पर AK 47 द्वारा गोलीबारी तक सामने आई।
यह सिर्फ़ पुलिस की कार्रवाई का सवाल नहीं। यह उस BJP सरकार की मानसिकता का सवाल है, जिसके पास जवाब नहीं हैं - इसलिए वह पुलिस को जवाबदेही से बचने का हथियार बना रही है।
BJP सरकार यह समझ ले - लाठी से सवाल नहीं रुकते। डराकर किसी का भविष्य नहीं छीना जा सकता।
बिहार के छात्र सवाल पूछते रहेंगे। और अब सिर्फ़ जवाब नहीं - जवाबदेही चाहिए।
#ChhatronKiGoonj
महाराष्ट्र के छात्रों ने एक लड़ाई जीत ली है।
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा और पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द हुई - यह सरकार की मेहरबानी नहीं, उन छात्रों की जीत है जो मार्च में ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक के बाद से डटे रहे।
दबाव झेला, तानें सुने, महीनों इंतज़ार किया - पर आवाज़ उठाना नहीं छोड़ा। आप सब पर गर्व है।
पर याद रखिए - एक परीक्षा रद्द होना जीत है, न्याय नहीं। जब तक लीक कराने वालों को सज़ा नहीं मिलती, यह लड़ाई अधूरी है।
आगे और लड़ाइयां हैं। और हर एक में मैं आपके साथ हूं।
हमें इस पूरे system को ठीक करना है - ताकि हर बच्चे के लिए शिक्षा बेहतर हो, और मेहनत का दाम हर किसी को मिले।
#ChhatronKiGoonj
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज कराने संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुँचा।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल की एक आँख की रौशनी खतरे में है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफ़ी मांगी।
अब जब साहिल न्याय के लिए FIR दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
@AmitShah जी, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं।
FIR होगी। न्यायिक जाँच होगी। और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
साहिल और उसके जैसे पीड़ित हर छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।
एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?
मैं जानना चाहता हूँ कि आप क्या महसूस करती हैं।
समाज की नहीं, परिवार की नहीं - आपकी अपनी आवाज़ क्या कहती है?
आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नज़रिया और आपके सपने।
आपकी कहानी क्या है? सबसे जवाब की उम्मीद कर रहा हूं।
22 अगस्त | महिला विशेष महारैली
📍AISSMS कॉलेज ग्राउंड, पुणे
#ChhatronKiGoonj
Mama,
I last saw you and Papa together more than 35 years ago. Since the day Papa left, I have watched you face everything life threw at you with never-ending courage and dignity. Only Priyanka and I really know what you have been through, and how difficult your life after Papa truly was.
I am happy, and so proud, that your story - “Belonging: A Journey of Love” - will finally be read by the millions of people who love you. I know how hard it was for someone as private as you to tell the world your beautiful story.
Today, on his birthday, I can see Papa smiling and looking down proudly at his beautiful Sonia.
Love,
Rahul
On my father’s birthday today, I think he would have been especially proud of my mother for having written her story with so much heart and honesty.
For me, it’s one of the greatest love stories of our time. I feel privileged to have witnessed it and I am happy that through her book, everyone will get to know my mother for what she truly is - a brave, loyal, compassionate woman, who is also tough as nails and great fun when she wants to be.
A woman whose life has been a testament to her love for her husband and her country.
Love you, ma and so, so proud of you.
https://t.co/SQWtXhXrS9
भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार..
पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार सह रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और कांग्रेस उनके साथ हैं।
झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सहमति बनी, और छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की - यह ख़बर सुनकर बहुत खुशी हुई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना, और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम रखा, और अपनी बात मनवाई।
यही सही तरीक़ा है - छात्र सवाल पूछें, तो जवाब मिलना चाहिए।
हम देश के हर छात्र के साथ खड़े हैं। और हम इस वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे - ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हक़ मिले।
पूरे देश में ये system बदलेगा - अब ऐसी व्यवस्था बनेगी जो छात्रों को आगे बढ़ाए, उन्हें पीछे न खींचे।