धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने ��ाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया ���ै।
डरो मत!
They all condemn "settler violence" until a Palestinian fights back. Then the Palestinian becomes the terrorist and the settler becomes the victim.
Liberal Zionism for you
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक च��ज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
"रुपया कमजोर नहीं हुआ है, डॉलर मजूबत हुआ" के बाद अब पेश है "पेपर लीक से नुकसान नहीं हुआ है पेपर लीक से दोबारा और अच्छी तैयारी करने का मौका मिला है"
धन्य है जम्बूद्वीप की ये पावन धरा जहां ऐसी तेजस्वी प्रतिभाओं ने ज��्म लिया 🙏
Diya Hai shahr ke Hakim Ne Apni police Ko Hukm
Ki Is Kabeela Mein Koi Jawan Na Dikhayi Na De
Tabaahiyon Ka Kisi Ko Nishaan Na Dikhayi Na De
Kuch Aise Aag Lagaao Dhuaa Na Dikhayi Na De
जब ये युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया।
सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है।
इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है, दिखना बंद हो गया है।
ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है, इन्हें लाठियों से मारा-पीटा गया है।
वो भी इसलिए क्योंकि इन युवाओ��� का पेपर लीक हुआ है, जिसके खिलाफ ये प्रदर्शन कर रहे थे।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
@narendramodi "Those who try to harm the future of our youth will not be spared."
Sir, Delhi Police and RAF tried to harm the youth big-time with use of excessive force at Jantar Mantar.
Sack your home minister first.
Then Education Minister.
Then tender your own resignation.
Thanks.
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ ह��ंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
जिन गधो ने कार्टूनिस्टों को इस बात के लिए अदालतों में खींचा कि उन्होंने कार्टून बना कर मोदी या आरएसएस का अपमान किया।
जिन जजों ने कार्टूनिस्टों को ज्ञान देने की कोशिश की कि कार्टून कैसे बनाए जाने चाहिए।
उन पर हंसने का दिन है आज। देखिए मोदी और आरएसएस पर कैसे-कैसे मीम बना रहा है युवा। कुछ तो सीधे गाली दे रहे हैं।
उखाड़ लीजिए जज साब जो उखाड़ सकते हैं इन लोगों का।
ये हालात दरअसल सुप्रीम कोर्ट के पैदा किए हुए हैं जिसने सरकार को अकाउंटेबिलिटी से एकदम बाहर कर दिया। और संविधान को ताक पर रख कर नागरिक को छोड़ सरकार को बार बार बचाया।