शायद ही कभी यह तस्वीरों को भुलु
जिन लोगों को लगता है कि नोन बायोलोजीकल साहब का असली चेहरा मेरे सामने ये दो घटना से आ गया था. बाकी आप लगे रहो हिन्दूराष्ट्र बनाने मे. अब यह चुरन हम पर असर नही करता.
क्या आपने कभी मम्मी लोग को खेतों में हल चलाते, लोहा फैक्ट्री में लोहा पीटते, बॉर्डर में फ्रंट में आतंकियों,दुश्मन देश से लोहा लेते, नक्सलियों से लड़ते, देखा है?
या फिर कुछ चिह्नित काम करके समानता लानी है?
@singh_AJ_58 @_Neo_3@Prad_Rajput@Uchiha__30 भंडारा करवाने से दूसरे का पेट भरता है .. अच्छा अच्छा फील होता है और उसमें जाकर खाने से अपना पेट भरता है...अच्छा तो obviously लगता है ...बस इतना ही सच है, बाकी कहानी बकचोदी है।
@EmiOfHappyness नही मेरा मानना अलग है सिनेमा वो है जो एक एस्केप है हमारी डेयली लाइफ की बोरीयत से 8 से 8 की थकान से गर आप सिंगल हो तो और अगर आप कपल मे हो तो बात करने के लीए एक नया टोपीक मील जाता है 😁 बाकी बुआ मौसी की बुराई से बढीया ही है. 🙂
@madanmohansoni@navin_kumar_2 शाबाश दुल्हन 🙏🏻👍🏻
इसी तरह लड़कियां जबरन शादी करने पर पति की हत्या करेंगी उनका सिर फोड़ेंगी तो भविष्य में कोई भी माँ बाप,लडके किसी लड़की से जबरन शादी नही करेंगे।बात ये है कि इन कुत्तो को पहली रात में ही बर्बरता पूर्वक रेप वाला sex करना होता है
अब हर कोई चिरैया फ़िल्म की पूजा नही
मुमकिन है ज़िन्दगानी कर जाए बेवफाई
लेकिन यह प्यार वह है जिसमें नहीं जुदाई...
जब जब बहार छाए
और फूल मुस्कुराए
मुझे तुम याद आए...🎶 ❤️
(🎥: तकदीर)
(PS: One of my favourite songs, dipped in nostalgia, weaved with memories of papa working, mom sewing and us children doing homework)