Thank you, uncle, for this wisdom.
अमीर बनो। अमीर नहीं बन सकते हो तो Attractive बनो।
अगर Attractive नहीं बन सकते, तो Intelligent बनो।
Intelligent नहीं बन सकते, तो Confident बनो।
Confident नहीं बन सकते, तो Disciplined बनो।
क्योंकि अमीर पैदा होना हमारे हाथ में नहीं है।
खूबसूरत दिखना भी हमारे हाथ में नहीं है।
हर किसी का IQ भी एक जैसा नहीं होता।
लेकिन...
सुबह समय पर उठना,
अपना वादा निभाना,
हर दिन मेहनत करना,
और बिना बहाने के लगातार आगे बढ़ना — ये सब हमारे हाथ में है।
Discipline वो आखिरी हथियार है जो हर इंसान को मिला है.
और अगर इंसान आखिरी हथियार भी इस्तेमाल न करे, तो फिर जिंदगी को बदलने का कोई option नहीं रहता.
अब ये आपके ऊपर है कि आप Discipline चुनते हैं या Excuses.
ये हैं भोजपुर जिला में सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह.
आज के माहौल में जहां लोग अपने घर परिवार भाई मित्र का भी जमीन और धन बेईमानी करना चाहते हैं वहाँ राकेश सिंह ने अपने बेटी की जन्मदिन पर अपना १८ कठा निजी जमीन महादलित परिवारों को घर बनाने के लिए दान कर दिया.
उनके इस परोपकारी कृत के लिए एक लाइक तो बनता ही है
टी. एन. शेषन देश के मुख्य चुनाव आयुक्त थे। एक बार वे अपनी पत्नी और सुरक्षा दल के साथ उत्तर प्रदेश के दौरे पर जा रहे थे। रास्ते में उनकी पत्नी की नज़र एक पेड़ पर लटक रहे सुंदर बया के घोंसले पर पड़ी।
घोंसला इतना आकर्षक था कि उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
“यह घोंसला मुझे ला दीजिए, घर सजाने के काम आएगा।”
शेषन साहब ने तुरंत अपने एक सुरक्षाकर्मी को घोंसला उतार लाने का निर्देश दिया।
सुरक्षाकर्मी ने पास ही भेड़-बकरियाँ चरा रहे एक किशोर को बुलाया और कहा,
“बेटा, यह घोंसला उतार दो। दस-बीस रुपये मिल जाएंगे।”
लेकिन लड़के ने बिना एक पल सोचे साफ़ इनकार कर दिया।
सुरक्षाकर्मी ने पैसे बढ़ाने की बात भी कही, पर वह टस से मस नहीं हुआ। आखिरकार उसने लौटकर सारी बात शेषन साहब को बता दी।
यह सुनकर शेषन साहब स्वयं कार से उतरे और उस किशोर के पास पहुँचे। उन्होंने मुस्कुराकर कहा,
“अगर तुम यह घोंसला उतार लाओगे तो मैं तुम्हें दस नहीं, पूरे पचास रुपये दूँगा।”
लड़के ने फिर भी विनम्रता से मना कर दिया।
शेषन साहब ने हैरानी से पूछा,
“इतने पैसे भी नहीं चाहिए? आखिर क्यों?”
किशोर ने मासूमियत से घोंसले की ओर देखा और बोला,
“साहब, इस घोंसले में छोटे-छोटे बच्चे हैं। शाम को उनकी माँ उनके लिए दाना लेकर आएगी। अगर घोंसला ही नहीं मिलेगा, तो उसे कितना दुख होगा। चाहे आप जितने भी पैसे दे दें, मैं यह घोंसला नहीं उतारूँगा।”
उस अनपढ़ चरवाहे के इन सरल शब्दों ने देश के सबसे शक्तिशाली अधिकारियों में से एक टी. एन. शेषन को भीतर तक झकझोर दिया।
बाद में इस घटना का उल्लेख करते हुए शेषन साहब ने लिखा
“आज भी मुझे इस बात का अफसोस होता है कि एक उच्च शिक्षित आईएएस अधिकारी होने के बावजूद मेरे मन में वह संवेदना क्यों नहीं थी, जो उस अनपढ़ किशोर के मन में थी। उस दिन मेरी डिग्रियाँ, मेरा पद, मेरी प्रतिष्ठा और मेरा अहंकार—सब उस बच्चे की करुणा के सामने छोटे पड़ गए। उसने मुझे सिखाया कि बुद्धि, पद और धन तभी सार्थक हैं, जब उनके साथ संवेदनशीलता भी हो।
- सोशल मीडिया से साभार
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आधुनिक भारत के निर्माता, सूचना क्रांति के जनक और देश को 21वीं सदी की सोच देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर शत– शत नमन।
आज देश को नफरत नहीं, बल्कि राजीव गांधी जी की दूरदर्शी सोच, सामाजिक न्याय, भाईचारे और संविधान बचाने वाली राजनीति की जरूरत है।
उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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बनारसी साड़ी में आत्मविश्वास के साथ वंदे भारत की कमान संभालती भारतीय महिला 🇮🇳
आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और देश को नई रफ्तार दे रही हैं। 🚆
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कई बच्चे कर्ज लेकर NEET परीक्षा दिए, जिनके लिए 500 रुपए बहुत मायने रखता है. वो फिर से कैसे परीक्षा देंगे.
लड़के फेल हो जाएं तो उन्हें दुबारा मौका मिलता है, लड़कियों की शादी करा दी जाती है. कई लड़कियों को घर से कह दिया गया होगा- अब पढ़ाई नहीं करनी है.
NTA ये दर्द नहीं समझ सकता.
क्या ये ब्यान सही है दान पेटी मंदिर मस्जिद में नहीं बल्कि स्कूल में होनी चाहिए.
खान सर का यह बयान सिर्फ एक विचार नहीं,बल्कि समाज के लिए एक आईना है। उन गरीब विद्यार्थियों को जो संसाधनों की कमी के बावजूद सपनों को जीना चाहते हैं l
क्या खान सर के ब्यान से सहमत हैं अपना राy जरूर देंl
मालगाड़ी के पीछे लगी गार्ड वैन की स्थिति देखकर बेहद दुख हुआ। ऐसे हालात में 8 घंटे की ड्यूटी करना किसी भी कर्मचारी के लिए बेहद कठिन और कष्टदायक है।
गार्ड और लोको पायलट रेलवे सुरक्षा की रीढ़ हैं, उनकी सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना भारतीय रेलवे की जिम्मेदारी है। कृपया इस विषय पर तत्काल ध्यान दिया जाए।
@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
@arunsathi@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
(बरबीघा) BRBG बिजली कटने पर पूरा स्टेशन परिसर अंधकार में डूब जाता है। जबकि रात्रि 7.00PM में ट्रेन पटना से बरबीघा आती है और भीड़ भी काफी रहती है। किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। रेलवे बिजली की पूर्ण व्यवस्था करें।