ये हमारा संत नहीं हो सकता है जिस अखिलेश ने इसे दौड़ा दौड़ा कर पीटा था मुस्लिम तुष्टिकरण की सारी हदें पार करने वाले अखिलेश से बात कर ये हिंदुत्व बचायेगा ये संत नहीं हो सकता है , अगर मेरी बात से आप भी सहमत हैं तो रिपोस्ट करें
पहले एक आपत्तिजनक गाना बनाया गया ।
अब उसपर बिना इजाजत मुस्लिम महिलाओं का वीडियो शूट करके अपमानित करने का काम किया जा रहा है।
पुलिस @Uppolice चाहे तो इनका इलाज मिनिटों में सम्भव है।
कार्यवाही करनी चाहिए आपसी द्वेष फैलाने का काम है। महिला आयोग को भी संज्ञान लेना चाहिए।
परअब भी सवाल है क्या ये होगा ?
बरेली में एक दलित युवक के साथ हुई यह बर्बरता मानवता को शर्मसार करती है। मूंछ काटना, सिर मुंडवाना और चेहरे पर कीचड़ पोतना यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, संविधान और बराबरी के अधिकार पर हमला है। दोषियों को कड़ी सज़ा मिले।
बरेली में एक दलित युवक के साथ हुई यह बर्बरता मानवता को शर्मसार करती है। मूंछ काटना, सिर मुंडवाना और चेहरे पर कीचड़ पोतना यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, संविधान और बराबरी के अधिकार पर हमला है। दोषियों को कड़ी सज़ा मिले।
“पापा मैं डूब रहा हूं, मुझे आकर बचा लो”
• घना कोहरा था, इस बीच 27 साल के युवराज मेहता की कार नोएडा के पॉश इलाके में पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी
• ये गड्ढा एक बिल्डर ने खुदवाया था, जिसमें बारिश का पानी भर गया
• युवराज ने हिम्मत जुटाई और गाड़ी की छत पर पहुंच गया, अपने पिता को कॉल करके बचाने की गुहार लगाई
• पिता ने यूपी पुलिस को सूचना दी. मौके पर यूपी पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम पहुंची
• 2 घंटे तक इन सरकारी विभागों के 80 लोग वहां मौजूद रहे, लेकिन 'पानी ठंडा' होने की वजह से कोई पानी में नहीं उतरा
• फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम के पास कोई उपकरण नहीं थे, जिससे युवराज को बचाया जा सके
• 2 घंटे तक युवराज अपनी जान बचाने की गुहार लगाते रहा और आखिर में डूबने से उसकी मौत हो गई
• यूपी पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम वहां खड़ी तमाशा देखती रही
• लाचार पिता सबसे गुहार लगाते रहे, और अपने सामने ही जवान बेटे को तिल तिल मौत के करीब जाते देखते रहे
ये है हमारा आपदा प्रबंधन का सिस्टम, जो बड़े शहरों में भी काम नहीं कर पा रहा है. गांव, कस्बों की तो बात हो छोड़ दीजिए
युवराज की मौत हत्या है, जो इस बेकार, नकारा सिस्टम ने की है
ये एक अध्यापिका हैं। इनका धर्म हिन्दू है।
जिन्हें मुस्लिम बाहुल्य स्थान पर जॉइनिंग से पहले “मिनी पाकिस्तान” बताकर डराया जा रहा था।
ट्रांसफर के समय फूट फूट कर रोई मुस्लिम समुदाय से मिले स्नेह और आदर पर इनके विचार सुनें।