@raviparmarIN इन्होंने ने ही अपने बच्चे परिवार की कुर्बानी देकर भारत को आजाद कराया है मुगलों के टेबेले में काम करने वाले भीमटे नीले कबूतरों ने तो सिर्फ अंग्रेजों के साथ मिलकर भीमा कोरेगांव की लड़ाई में साथ देकर देश से गद्दारी की है
‼️उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हर जगह जनरल कैटेगरी (𝗚𝗖) के लोग ध्यान दें‼️
भाजपा अपनी सरकारों के जरिये अब जनरल कैटेगरी पर सीधा हमला कर रही है।
भाजपा की सरकारें 6 राज्यों में पूरी ताकत का इस्तेमाल करके 50% आरक्षण की सीमा को किसी भी तरह तोड़ना चाहती हैं।
अगर भाजपा सरकार इनमें से एक भी केस जीत गई, तो वह हर जगह 70% से ज्यादा आरक्षण का बहाना बना लेगी।
लेकिन जनरल कैटेगरी को सभी 6 केस जीतने पड़ेंगे, तभी आरक्षण की 50% लिमिट बरकरार रहेगी और GC बच्चों और युवाओं के पास नौकरी और पढ़ाई के कुछ न्यूनतम मौके बचेंगे।
अभी सिर्फ कुछ जनरल कैटेगरी के लोग और कुछ संगठन ही कोर्ट में लड़ रहे हैं, भाजपा के बड़े-बड़े वकीलों के खिलाफ।
मुख्य केस और सुनवाई की तारीखें ये रहीं:
-महाराष्ट्र में 72% कोटा: अगली सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट में 23 अक्टूबर 2026 को।
-उत्तरप्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेजों में 91% कोटा: अगली सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 26 अक्टूबर 2026 को। इस केस में हाईकोर्ट ने 16 सितंबर 2026 को सिर्फ 50% कोटा लागू करने का आदेश दिया था, लेकिन यूपी सरकार ने अभी तक कोई नोटिफिकेशन नहीं निकाला। वे अब भी कोर्ट में 91% कोटा के लिए बहस कर रही हैं।
-राजस्थान में 64% कोटा: अगली सुनवाई जोधपुर हाईकोर्ट में 28 अक्टूबर 2026 को।
-छत्तीसगढ़ में 68% कोटा: अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 4 दिसंबर 2026 को।
-मध्य प्रदेश में 73% कोटा: एमपी हाईकोर्ट ने 73% कोटा को असंवैधानिक बताया था। बीजेपी सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की है। केस अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में लिस्ट होने की उम्मीद है।
-बिहार में 75% कोटा: पटना हाईकोर्ट ने 75% कोटा को असंवैधानिक बताया था। बीजेपी-जेडीयू सरकार ने इसके खिलाफ SLP दाखिल की है। अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई।
अब देखिए राहुल गांधी और भाजपा में फर्क👇
- राहुल गांधी का मानना है कि आरक्षण में 50% की संवैधानिक सीमा है, इसलिए 50% से ऊपर जाने के लिए संविधान में बदलाव करना पड़ेगा।
- भाजपा का मानना है कि आज भी 50% की कोई सीमा नहीं है, इसलिए अभी भी आरक्षण 75% या उससे ज्यादा हो सकता है। यही तर्क भाजपा अपने टॉप वकीलों के जरिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सभी केसों में दे रही है।
अब उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हर जगह 𝗚𝗖 से एक ही गुजारिश है-
खाली राजनीतिक भाषणों पर मत जाओ और भाजपा या किसी भी भी राजनीतिक पार्टी के बंधुआ मजदूर मत बनो!
अगर आप खुद केस नहीं लड़ सकते, तो जब भाजपा के नेता, कार्यकर्ता या मंत्री वोट मांगने आएं, तो उनसे सवाल पूछो।
अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से कहो कि वे पार्टी के छोटे-से-छोटे पदों से भी इस्तीफा दे दें।
हमारे पास किसी पार्टी को जिताने की ताकत हो न हो, लेकिन किसी पार्टी को हराने की ताकत ज़रूर है!
@tarunjatav50 मनुस्मृति होता तो लड़कियों का रैप हत्या चोरी डकैती गुंडे माफिया भ्रष्टाचार ये सब नहीं होता संविधान सिर्फ दहाड़ना ही सिखाता है गलत कृत्य रोकने की ताकत नहीं है संविधान में खैर तुम्हे तो सिर्फ आरक्षण से मतलब है
वाल्मीकि तीर्थ स्थल अमृतसर में हर कोई आ सकता है बस शर्त एक है गले में भगवा गमछा गले में डालना पड़ेगा।
यह महर्षि वाल्मीकि जी का मंदिर है कोई कितना भी धुरंधर बनता हो झुकना ही पड़ेगा।
जब तक हिन्दू.... गरबा पंडालों में घट रहे इन दुष्कर्मों के विरोध में विद्रोह नहीं करेंगे.... शेष भारत के सारे हिन्दू मिलकर भी इस अनर्थ को रोक नहीं पाएंगे....
वीडियो में दिख रहा हब्शी...नाइजीरिया का मुस्लिम युवक प्रतीत होता है...लड़की हिन्दू है...
“दाल ना गलेगी भीम नाम के बिना, देश ना चलेगा संविधान के बिना!”
पेश है रियल भीमवादी अजीत भारती जी ब्रो की ‘भीम दीवानी’ प्लेलिस्ट का टाइटल ट्रैक नंबर 2; जहाँ दाल भी भीम के नाम से गलेगी और देश भी संविधान की धुन पर चलेगा!