सत्ता हमेशा नहीं रहती है,
जहांगीर खान TMC का नेता है, जब तक सत्ता रही सारा रौब रहा, सत्ता गई तो पुलिस सड़क पर नंगे पैर परेड करवा रही है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के ‘फलता’ में जिसका सिक्का चलता था आज वो हाथ जोड़कर लोगों से माफ़ी मांग���े सड़क पर नंगे पाँव चल रहा है। ये उन छूटभैये मुस्लिम नेताओं के लिए भी सबक है जो सेकुलरिज्म का डंका पीटने वाली पार्टियों के लिए जवानी कुर्बान करने तक को तैयार रहते हैं। यहाँ पूर्व विधायक का ये हाल है तो…🤔🤣
उत्तर प्रदेश –
घटना 1– गाजियाबाद में इंटनेशनल प्लेयर चिराग ���्यागी मार दिया गया, आरोपी यश खटीक जिंदा है।
घटना 2– फिरोजाबाद में बच्चे को पटककर मार डाला, आरोपी जितेंद्र पाठक जिंदा है।
घटना 3– गाजियाबाद में सूर्य चौहान की चाकू मारकर हत्या, आरोपी असद एनकाउंटर में मारा गया।
उत्तर प्रदेश : मेरठ में CM योगी आदित्यनाथ के लिए अपशब्द कहने के आरोप में पुलिस ने एहसान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। वह पुलिस स्टेशन में कान पकड़कर माफी मांगते हुए नजर आया।
ट्रेन में सफर कर रहे एक मुस्लिम बुजुर्ग काफी देर से भीड़ में खड़े थे, लेकिन कुछ तंदुरुस्त युवक सीट पर आराम से फैले बैठे रहे। तभी वहां मौजूद रेलवे पुलिसकर्मी संतोष की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने बिना किसी बहस के युवकों को प्यार से थोड़ा खिसकाया और बुजुर्ग को इज्जत के साथ बैठने के लिए जगह दिलाई।
आज के दौर में ऐसी छोटी-छोटी इंसानियत ही समाज को खूबसूरत बनाती है, जहां वर्दी सिर्फ कानून नहीं बल्कि मानवता का फर्ज भी निभाती नजर आती है।
यह ललित शर्मा है। यह ग़ाज़ियाबाद के हिस्ट्री शीटर पिंकी चौधरी का चेल��� है। ईद उस फित्र के दौरान इसका एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें यह उत्तम नगर में ईद ना मनाने का आह्वान करते हुए मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयानबाज़ी कर रहा था। चूंकि मदर ऑफ डेमोक्रेसी की पुलिस कानून के बजाय ‘ऊपरी दबाव’ का पालन करती है, इसलिए यह जेल नहीं गया।
अब इसका यह वीडियो आया है। इसका कहना है कि देवबंद स्थित दारुल उलूम परिसर की मस्जिद के ठीक 14 फीट नीचे शिव मं��िर है। प्रशासन उसकी खुदाई कराए और अगर मंदिर नहीं निकलता है तो इसे फांसी दे दे। इसकी इस मांग को मेरा भी पूर्ण समर्थन है। लेकिन उससे पहले इससे उन सभी की लिस्ट ले ली जाए, जो मस्जिद की नीचे मंदिर होने का दावा कर रहे हैं, और मंदिर ना मिल पाने के एवज़ मे खुद के लिए फांसी मांग रहे हैं। उसके बाद खुदाई की जाए, और उस खुदाई का लाइव प्रसारण भी होना चाहिए।
अगर खुदाई के बाद मस्जिद के नीचे मंदिर नहीं निकलता है त���, फिर इन सभी की संपत्तियों को बेचकर उस खुदाई में आए खर्च को पूरा किया जाए, और मस्जिद के पुनिर्माण में आने वाले खर्च को भी इन्हीं की संपत्तियों से पूरा किया जाए। और जैसा इन्होंने कहा कि अगर मंदिर नहीं निकला तो इन्हें फांसी दी जाए, तो वह कार्य खुदाई पूरी होने के बाद दिल्ली मे किया जाए। इन्हें दिल्ली में जमुना किनारे लटकाया जाए, अगर ऐसा हो जाता है तो, आप यक़ीन मानिए कि मस्जिदों के नीचे मंदिर खोज ले��े वाली प्रजात�� इस देश से हमेशा के लिए विलुप्त हो जाएगी।
यूपी के मुख्यमंत्री एक बार फिर से सड़क पर नमाज़ का राग अलाप रहे हैं। अपनी कुंठित हंसी के साथ दावा कर रहे हैं, कि यूपी में अब सड़कों पर ��माज़ नहीं होती। भला ऐसा कौन नमाज़ी होगा, जो मस्जिद की पाक जगह छोड़कर गंदी सड़क पर नमाज़ पढ़ना पसंद करेगा। लेकिन योगी आदित्यनाथ ऐसे प्रचारित कर रहे हैं, मानो मुसलमान सड़कों पर ही नमाज़ अदा किया करते थे। योगी आदित्यनाथ हिंदू तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। वो रत्ती भर भी निष्पक्ष नहीं हैं। वो निष्पक्ष होते सड़क पर नमाज़ का राग अलापने के साथ-साथ उन आयोजनों को रोकने का साहस जुटाते, जो सिर्फ सड��क पर ही होते हैं।