जनता इलाज के लिए अस्पताल जाती है, लेकिन राजस्थान में अस्पताल ही जानलेवा साबित हो रहे हैं।
चूरू के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुँची एक महिला, डॉक्टर तक भी नहीं पहुँच पाई कि छत का प्लास्टर उसके ऊपर आ गिरा। स्कूल हों या अस्पताल, भाजपा सरकार में हर तरफ़ जर्जर इमारतें, लापरवाही और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ देखने को मिल रहा है।
मैं तुमसे सिर्फ़ कलम और किताब चाहता हूँ,
ज़मीं पे बहते लहू का हिसाब चाहता हूँ।
मैं अब गुलाब नहीं, इंक़लाब चाहता हूँ।
आज नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी सत्ता की आँखों में आँख डालकर वही सवाल पूछ रहे हैं, जो आज देश का हर युवा पूछ रहा है।
👉छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?
👉बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया?
देश इन सवालों के जवाब का इंतज़ार कर रहा है।
#ChhatronKiGoonj
लाठी, आंसू गैस और पेलेट गन झेलने के बावजूद छात्रों ने महात्मा गांधी के अहिंसक मार्ग पर चलकर सरकार को झुकने पर मजबूर किया।
लोकतंत्र में जनता की इच्छा ही सर्वोपरि है और कोई भी शक्ति युवाओं की आवाज़ को दबा नहीं सकती।
- राष्ट्रीय महासचिव एवं मा. सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के अंतर्गत पेपर लीक के खिलाफ़ और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के संकल्प के साथ चौमूं में छात्रों के साथ संवाद।
📍 गोविंदगढ़ बस स्टैंड, चौमूं
📅 22 जुलाई
🕚 प्रातः 11:00 बजे
आइए, देश के युवाओं की आवाज़ बुलंद करें।
#ChhatronKiGoonj
आज ऊधमपुर में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद एवं सहभागिता रही।
नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी द्वारा शुरू की गई यह पहल देशभर के युवाओं की आवाज़ को एक मंच देने और उनके मुद्दों को मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस सफल कार्यक्रम का उत्कृष्ट आयोजन ऊधमपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्री सुमित मंगोत्रा जी द्वारा किया गया एवं इस अवसर पर पूर्व विधान परिषद सदस्य ठाकुर बलबीर सिंह जी सहित कांग्रेस परिवार के अनेक वरिष्ठ साथी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
📍 ऊधमपुर, जम्मू-कश्मीर
आदरणीय श्री @RahulGandhi जी ने कोटा में बिल्कुल सही कहा कि आज का सिस्टम Selection का नहीं, Rejection का सिस्टम बन चुका है।
पिछले दस वर्षों में 90 पेपर लीक हुए...
90 बार युवाओं के भविष्य की हत्या हुई...
90 बार मेहनत पर प्रहार हुआ...
90 बार उम्मीदों का कत्ल हुआ...
लेकिन एक भी बड़ा अधिकारी जेल नहीं गया। एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। उल्टा कल मोदीजी शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी के तारीफ में कसीदे पढ़ कर जन्मदिन की बधाई दे रहे थे।
📍प्रेस वार्ता
राजीव भवन, जम्मू
Father’s Day पर मन बार-बार उन स्मृतियों में लौट जाता है, जहाँ पिताजी का स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनका विश्वास हर कदम पर साथ दिखाई देता है।
जीवन में कुछ रिक्त स्थान कभी नहीं भरते। पिता का साया भी ऐसा ही होता है। समय बीत जाता है, लेकिन कुछ यादें और कुछ सीखें जीवन भर साथ रहती हैं। आज भी जब पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो आपकी मुस्कुराहट, आपका स्नेह, आपका आत्मविश्वास और लोगों के प्रति आपका अपनापन स्मृतियों में उतना ही जीवंत है।
कई बार मन करता है कि एक बार फिर आपकी सलाह सुन सकूँ, आपका मार्गदर्शन पा सकूँ, लेकिन फिर लगता है कि आपने जो संस्कार दिए हैं, वही आज भी हर कदम पर मेरा हाथ थामे हुए हैं।🙏🏻❤️
#FathersDay
भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल माननीय @BagadeHaribhau जी एवं गुजरात के राज्यपाल माननीय @ADevvrat जी की मौजूदगी संवैधानिक मर्यादा और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
राज्यपाल संविधान के निष्पक्ष प्रहरी होते हैं, किसी राजनीतिक दल के प्रचारक नहीं। भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रम में संवैधानिक पदों का इस तरह इस्तेमाल लोकतंत्र की हत्या है।
विडंबना देखिए, किसानों के नाम पर आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री शामिल क्यों नहीं हुए? सरकार को ये भी बताना चाहिए अगर किसानों के हितों पर इतनी ही गंभीरता थी तो कृषि मंत्री को कार्यक्रम से दूर क्यों रखा गया? क्या छापेमारी की आड़ में करोड़ों का भ्रष्टाचार सामने आने के बाद सरकार ने कृषि मंत्री से दूरी बना ली है?
मुख्यमंत्री जी, राजस्थान की जनता आपसे जानना चाहती है, जवाब दीजिए।
ओसियां विधानसभा क्षेत्र के गोपासरिया गांव में जो कुछ हो रहा है, वह प्रशासन की कार्यशैली, सत्ता के दुरुपयोग और आम नागरिकों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिस ट्रांसफार्मर (ढोलकी) को लेकर पूरा विवाद खड़ा किया गया, वह वर्ष 2013 से वहीं स्थापित था और किसानों की बिजली आपूर्ति की जीवनरेखा रही है।
हाल ही में आए अंधड़ से बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा इस समस्या का समाधान करने के बजाय ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कोशिश की गई और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। किसानों पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, मानो वे कोई अपराधी हों।
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि सोशल मीडिया के माध्यम से जनहित के मुद्दों को लगातार उठाने वाले राकेश गोदारा पर भी FIR दर्ज कर दी गई। यदि जनता की समस्याओं को सामने रखना और आवाज़ उठाना ही अपराध बना दिया जाएगा, तो फिर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का अर्थ क्या रह जाएगा? क्या सवाल पूछना और सच सामने लाना प्रशासन को इतना असहज कर रहा है?
यह पूरा घटनाक्रम यह संकेत देता है कि ओसियां में समस्याओं का समाधान कम और आवाज़ उठाने वालों को दबाने का प्रयास अधिक हो रहा है। किसानों पर मुकदमे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर FIR और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर यह किस प्रकार का शासन है?
लोकतंत्र में सत्ता का काम संवाद करना होता है, दमन करना नहीं। ओसियां में जिस प्रकार की कार्यवाही सामने आ रही है, वह बेहद निंदनीय है। निर्दोष किसानों और राकेश गोदारा के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण जो कार्रवाई की गई है, उसे वापस लिया जाना चाहिए और किसानों की मूल समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
ओसियां विधानसभा क्षेत्र में किसानों के घर पुलिस भेज कर जो व्यवहार कर रहा है यह प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता हैं।
आज ग्राम पंचायत गोपासरिया में राजनीतिक द्वेष की भावना से विद्युत विभाग के कर्मचारी पुलिस बल के साथ एक किसान के खेत से ट्रांसफार्मर (ढोलकी) हटाने पहुँचे। ओसियां में इस प्रकार की यह दूसरी घटना है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता से जुड़े मामलों में सौतेला व्यवहार, पक्षपातपूर्ण रवैया अथवा राजनीतिक द्वेष की भावना से किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। प्रशासन का दायित्व है कि वह निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करे, न कि आम नागरिकों और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़े।
ओसियां क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिससे किसान और आमजन भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है और लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि समस्या का समाधान करने के बजाय किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी किसानों की समस्याओं का निराकरण करना है, वही यदि किसानों पर अनावश्यक दबाव बनाएं, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
किसानों का अनावश्यक उत्पीड़न और उनके साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
कल पुष्कर में “संगठन सृजन अभियान” के तहत आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर आदरणीय श्री @RahulGandhi जी के विचार सुनने और उनसे संवाद का अवसर मिला।
यह संवाद केवल संगठनात्मक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि कांग्रेस के मूल्यों, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने वाला रहा।
📍 पुष्कर, राजस्थान
With every scroll, netizens roll back more and more of their digital privacy. The 'Three-Hour Chill' brought by the new IT (Amendment) Rules, 2026 threatens to turn India's digital arena into a government-approved echo chamber. I write ✍️
https://t.co/6sUb5r2P9i
Three hours. That's all it takes to choke your voice under the new IT (Amendment) Rules, 2026. As citizen-privacy and free-expression grapple for breath, dangers of excessive State-oversight loom larger than ever.
I write ✍️ in @IndianExpress
आज विपक्ष के नेता @RahulGandhi जी ही एकमात्र ऐसी मज़बूत आवाज़ हैं जो लगातार MSP, बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम, किसानों के कर्ज, सिंचाई और ग्रामीण संकट जैसे मुद्दों पर किसानों की बात मजबूती से उठा रहे हैं।
मैं स्वयं किसान वर्ग से आती हूँ। किसान केसरी परसराम मदेरणा जी तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी जैसे महान किसान नेताओं ने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया। आज सिर्फ राहुल गांधी जी किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी को मज़बूत कर रहे हैं।
महिला आरक्षण से लेकर संगठनात्मक भागीदारी तक उनकी सोच स्पष्ट है — राजनीति कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
इसी सोच के तहत @IYC और @nsui में internal elections की प्रक्रिया को मज़बूत किया गया, जिससे समान्य परिवार, ग्रामीण पृष्ठभूमि, OBC, महिलाओं और युवाओं से आने वाले कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व तक पहुँचने का वास्तविक अवसर मिला।
यही राजनीति प्रतिनिधित्व, भागीदारी और सामाजिक न्याय को मज़बूत करती है।
#DivvyaCredits_RG_AsKisanVoice #RahulGandhi #Congress #Kisan
#DivvyaCreditsRGAtOxford
राहुल गांधी जी ने पुराने राजनीतिक ढर्रे को बदलकर एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जहाँ सिर्फ मेहनत और जनादेश मायने रखता है। ऑक्सफोर्ड के मंच से दिव्या मदेरणा जी ने राहुल जी के इस विजन को सलाम किया। #DivvyaCreditsRahulGandhiAtOxford@ajaymaken@GauravPandhi
Blavatnik School of Government, University of Oxford में संवाद के दौरान अपने विचार रखते हुए मैंने प्रमुखता से इस बात को रेखांकित किया कि आदरणीय @RahulGandhi जी लगातार OBC,महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय व राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं।
मैं OBC समुदाय से आती हूँ। आज मुझे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में जम्मू-कश्मीर की सचिव के रूप में जिम्मेदारी मिली है।
यह केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं है बल्कि उस राजनीति का उदाहरण है जिस राहुल गांधी जी आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ OBC, महिलाएँ, युवा और वंचित वर्ग केवल वोटर नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाले नेतृत्व का हिस्सा बनें।
राहुल गांधी जी संगठनात्मक ढाँचे में vertical और horizontal — दोनों स्तरों पर बड़े सुधार कर रहे हैं। “संगठन सृजन अभियान” के माध्यम से जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्तियों में OBC, SC, युवाओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है।
यह केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि भारतीय प्रतिनिधिक लोकतंत्र, समावेशी और सामाजिक न्याय आधारित बनाने की प्रक्रिया है।
#DivvyaMahepalMadernnaAtOxford #DivvyaCreditsRahulGandhiAtOxford #RahulGandhi #Congress #OBC