सन 1898 में एनी बेसेंट ने केन्द्रीय हिन्दू कॉलेज की स्थापना की,बाद में सन 1916 इसी कॉलेज का नाम बदलकर इसे काशी हिन्दू विश्विद्यालय कर दिया गया। मदन मोहन मालवीय ने न तो अपनी जमीन विश्विद्यालय के लिए दी और न ही धन दिया,फिर यह बीएचयू के संस्थापक क्यों कहे जाएंगे?
जिस देश में दुकानदार लाल मिर्च में ईंट पीसकर और दाल चावल में जानबूझकर कंकड़ पत्थर मिलाकर बेच देता हो उस देश में आप ये आशा कर रहे हो कि दुकानदार यूपीआई का खर्चा वहन करेगा तो आपसे बड़ा मूर्ख कौन ही होगा।
सुभाष नाम का व्यक्ति नोएडा मे एक कम्पनी मे नौकरी करता था,सैलरी भी अच्छी थी उसकी
उसका बैंक अकाउंट ICICI बैंक मे था, एक दिन सुभाष ऐसे ही मोबाइल ऐप मे कुछ देख रहा था तो उसे 250000/- रूपये के पर्सनल लोन का ऑफर दिखाई दिया,
सुभाष को लोन की जरुरत न थी फिर भी उत्सुकतावश उसने उस पर क्लिक किया, और जैसे जैसे स्टेप आते गए वो क्लिक करता गया
और अचानक उसके पास मेसेज आया, बधाई हो आपका पर्सनल लोन अप्रूव हो गया और फिर प्रोसेसिंग फीस काट कर 238000/- बैंक खाते मे आ गए,
5 साल का लोन था जिसमे 60 किस्त बनी जो तक़रीबन 5765/- रूपये के आस पास थी, सुभाष भी खुश हो गया और पैसो से अपनी जरुरत पूरी करने लगा
साल भर बाद अचानक नौकरी मे कुछ समस्या आयी तो छोड़नी पड़ी, फाइनेंशियल कंडीशन बिगड़ने लगी नतीजा EMI बाउंस होने लगी,
बैंक वाले दिन रात फोन करके परेशान करने लगे, और एक दिन घर आ गए, उन्होंने सुभाष पर प्रेशर डाला कि बैंक का पैसा वापिस करे,
सुभाष ने उन्हें समझाने की कोशिश की, कहा अभी पैसे नहीं है लेकिन वो सुनने को तैयार न थे
हँगामा हुआ, मोह्हले वालो ने शोर सुना तो घर लके बाहर जमा हो गए, सुभाष को बेइज्जती महसूस हुई,
हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गयी...
ये एक आम आदमी की कहानी थी कि कैसे बैंक अपना पैसा रिकवर करने के लिए प्रेशर डालते है लेकिन, अगर क़ोई बड़ा आदमी हो तो उसका 99% लोन माफ़ कर देते है
जी न्यूज के मालिक और पूर्व बीजेपी सांसद सुभाष चंद्रा जैसे लोगो को 22 हज़ार करोड़ का लोन देने के बाद NCLT मात्र 6. 6 करोड़ पर सेटलमेंट कर लेता है
Subash Chandra को बैंको ने जो लोन दिया वो बैंक वालो के बाप का पैसा नहीं था, वो भारत की जनता का पैसा था जिसे NCLT के नाम पर दोनों हाथो से लुटा रहे है
लेकिन क़ोई पूछने वाला नहीं, आम लोगो पर ही बैंक वालो की दादागिरी चलती है,
@RujutaDiwekar Still it's good to have a positive outlook. Whatever is the end, it will come inevitably one day but there's nothing wrong in assuming the life in a grand way.
प्रोटेस्टर:- अरे ये भाजपाई है सब, आप जाइए
बूढे अंकल:- क्यो जाए
प्रोटेस्टर:- आपकी समझ नही आएगा
आप बलात्कारी PM की पार्टी को सपोर्ट करने वाले लोग है
बूढे अंकल:- तेरी समझ नही आएगा
प्रोटेस्टर:- आपका बच्चा मरा है क्या
बूढे अंकल:- बकवास मत कर
प्रोटेस्टर:- सीनियर सिटिजन है इसलिए इज्जत कर रहा
बूढे अंकल:- तेरी ऐसी की तैसी
प्रोटेस्टर:- हा भाजपाई हो तो भाग जाओ यहां से
ये सफेद बाल और WhatsApp University का ज्ञान लेने वाले अंकल लोगो को बढी दिक्कत है युवाओ के इस आन्दोलन से !!
@Mariyam_MBD Ye ajkal naya siyapa suru hua he. Bade bade kutto ko bina mask lagaye public me le ate hai or kuch to patta tak nhi lagate. Or unko bolo to bolte hai ki kuch nhi kehta ye to. Jese kutta unki permission lega katne se pehle.
जाति, जातिवाद और मनुवाद को मुझसे ज्यादा कोई समझ नही सकता.
2003 में BJP को मध्यप्रदेश और राजस्थान में भारी जीत मिली. मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री उमा भारती को बनाया गया,
राजस्थान का मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को बनाया गया.
1994 में कर्नाटक के हुबली में उमा भारती पर हिंसा भड़काने का आरोप का मामला न्यायपालिका में लंबित था. 2004 में BJP के कुछ नेता जो उमा भारती को CM पद से हटाना चाहते थे,
कर्नाटक के कांग्रेसी नेताओं से मिलकर उस पुरानी फ़ाइल को दुबारा खुलवाया. कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार थी, CM धर्म सिंह थे. हुबली के कोर्ट ने 1994 के मामले पर उमा भारती के नाम अरेस्ट वारंट जारी कर दिया.
उमा भारती को मध्यप्रदेश के CM पद से इस्तीफा देना पड़ा. मुझे उमा भारती से कोई सहानुभूति नही है. लेकिन यह किसी से छुपा नही है उन्हें OBC होने के नाते निशाना बनाया गया.
आय से अधिक संपत्ति का मामला अक्सर OBC SC ST नेताओं के खिलाफ उनके राजनीतिक कैरियर को खत्म करने के लिए लगाया जाता है.
दिन रात BJP के खिलाफ लिखने वाले जनरल जाति के वो सड़ा चेहरे वाला पत्रकार, OBC SC ST नेताओं को बदनाम कर नायक अपनी जाति के नेताओं को ही बनाएगा. समझ में आया तो ठीक, नही समझ आया तो देवतपुत्रों को अपने सर पर बिठाकर गुलामी करते रहो.
तीन बेटियों के बाद एक बेटा भी है। ये बात नहीं बतायेगा। जब तक बेटा पैदा नहीं हुआ, बच्चे पैदा करता रहा।
लेकिन अब ये भी जनसंख्या नियंत्रण और नारी सम्मान पर लंबे लंबे भाषण झाड़ता है।
खासतौर पर अवसरवादी और डरपोक मुंबइया फिल्मी बिरादरी को संबोधित Badal Saroj जी की पठनीय पोस्ट-
🔴 अमरीका की सदाबहार अभिनेत्री, दुनिया की कमाल की एक्ट्रेस में से एक मेरिल स्ट्रीप Meryl Streep और अमरीका के सबसे दुष्ट राष्ट्रपतियों में भी दुष्टतम और दुनिया के सबसे बेहूदा प्राणी ठरकी ट्रम्प Donald J. Trump के साथ टाउन हॉल में हुई चर्चा को यूट्यूब पर ढूंढ कर सुनिए .....
फ़िलहाल पढ़िए
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🔵 मेरिल ने कहा
आप परिवारों को तबाह कर रहे हैं और इसे राजनीति कह रहे हैं। हमें ऐसा नहीं होना चाहिए।"
🟤 ट्रम्प अपनी कुर्सी पर थोड़ा हिले। मॉडरेटर ने अपना पेन नीचे रख दिया। 17 लंबे सेकंड बीत गए—कोई नहीं बोला।
🔴 मेरिल ने अपनी बात जारी रखी, उनकी आवाज़ स्थिर थी और चिल्लाने से कहीं ज़्यादा प्रभावशाली थी—ऐसी गूंज जो सिर्फ़ उन्हीं में हो सकती है :
"यह देश मेहनतकश लोगों के आंदोलन और दिलों पर बना है। और जिन लोगों की आप सिर्फ़ संख्या के रूप में बात कर रहे हैं? वे हमारे खेतों में काम करते हैं, हमारा भोजन उगाते हैं, हमारे घर बनाते हैं और हमारे समुदायों की सेवा करते हैं। वे हमारे इतिहास का हिस्सा हैं, चाहे आपको पसंद हो या न हो।"
🟢 ट्रम्प ने बीच में बोलने की कोशिश की।
मेरिल ने एक उंगली उठाई—आक्रामक रूप से नहीं, बस दृढ़ता से, उस महिला के अधिकार के साथ जो सच्चाई को भली-भांति जानती है।
"मुझे बात पूरी करने दीजिए।"
🟣 कमरे में सन्नाटा छा गया।
उसके बाद मेरिल बोलीं : "नेतृत्व लोगों को डराने के बारे में नहीं है, यह उनकी रक्षा करने के बारे में है। और क्रूरता ताकत नहीं होती है।"
श्रोता तालियाँ बजाते हुए अपनी सीटों से उठ खड़े हुए। ट्रम्प उठे और मंच से चले गए।
🟡 मेरिल वहीं रहीं। सीधे कैमरे में देखा, उनकी आवाज़ अब पहले से नरम थी, लेकिन उनके अब तक के किसी भी प्रदर्शन से ज़्यादा तीखी थी ।
"अगर हम रास्ता भटक गए हैं, तो लोगों को बाहर धकेलने से नहीं। हम उसे तब पाएंगे जब हम याद रखेंगे कि हमने क्या बनने का वादा किया था।"
◾ सबक :
वही कलाकार सच्चा कलाकार है जो भेडिये की आँख में आँख डालकर उसे भेड़िया कह सके !!
◾ जिज्ञासा :
क्या दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाली मुम्बइया बिरादरी में कोई मिस या मिस्टर मेरिल स्ट्रीप हैं ?
एक ठाकुर IPS है तो एक जाटव IAS है एक ने मालामाल कर दिया परिवार को
और मजे की लाइफ़ काट रहा है
दूसरा जाटव होने की सजा काट रहा है देश और प्रदेश की जिम्मेदारी उठाई ईमानदारी से काम दिया तो सरकार ने ठिकाने लगा दिया
और कितना दलितों के साथ अत्याचार करोगे कब तक दलितों से भेदभाव करोगे भाई कब तक ..?
रिंकू सिंह जाटव ने प्रदेश और देश में ईमानदारी से काम किया तो घर की दीवाल भी बना सके घर में पेंट नहीं करा सके
ऊपर से इतना गंदा घर देखकर हर कोई अवाक रह जाए
एक IAS का घर देखिए यही होता है जाटव समाज में 56 इंची सीना जो देश के लिए कुर्बान कर देते है
मुद्दा यह नहीं कि सीवर ब्राह्मण या मशीन से साफ़ क्यों नहीं करवाया जाता नहीं, मुद्दा यह है कि आप क्यों करते हैं?
दलितों की दूसरी जातियों से कुछ सीखते क्यों नहीं? उन्हें अपने पुश्तैनी धंधे में अपमान का एहसास हुआ, उन्होंने उस धंधे को लात मार दी।
आप इस नारकीय धंधे को कब छोड़ेंगे?
इस खबर को पढ़ने के बाद आप अपना सर पकड़ लोगे।
तस्वीर में दिख रही लड़की का नाम आर्या बल्लावर है यह मध्य प्रदेश की रहने वाली है।
इसको आशीष से प्रेम होता है लेकिन यह बात इसके पिता कांस्टेबल जयंत बल्लावर जी को ठीक नहीं लगी।
उन्होंने अपनी बेटी को आशीष से अलग होने के लिए बोला लेकिन यह बात उसको रास नहीं आई।
कुछ दिन बाद अपने पिता को जहर देकर मार दिया जिससे पिता की नौकरी उसे मिल गई।
फिर उसने आशीष के साथ शादी कर लिया कुछ समय बाद, दोनों में झगड़ा होने लगा।
गुस्से में आकर आशीष ने पुलिस स्टेशन जाकर सारी सच्चाई बता दिया।
UPA era एक एलीट शासन का युग था! मध्यवर्गीय परिवारों के लिए एक शांत और स्थित जीवन का दौर था!
फिर मध्यवर्गीय परिवारों ने छद्म नागपुरी राष्ट्रवाद और हिंदुत्व का चूरन चाट लिया!
अब वे देहाती ग्वार उज्जड़ लोगों के साथ लाइन में खड़े हैं!
मिडिल क्लास को सोचना पड़ेगा कि गलती क्या हुई?
बड़े गणराज्य सफलतापूर्वक रचने- चलाने और महिलाओं की समता पर द्रौपदी के सखा कृष्ण के क्रांतिकारी विचार दूर तक फैलते, इससे पहले धर्म के ठेकेदारों ने उनको वैष्णवधर्म के केंद्र में लड्डूगोपाल और राधारमण के रूप में स्थापित कर दिया।बस फिर उसी पर भजनक्लबिंग होने लगी !
ये मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक 2015 बैच को IPS अपर्णा कौशिक जी हैं ,
NIT से बायोटेक्नोलॉजी में Btech करने के बाद MNC की हाई पेइंग जॉब छोड़कर UPSC पास कर IPS बनी !
लेकिन कुछ छिछोरे टाइप के लोग इनकी वीडियो पर इनके शरीर को लेकर भद्दे कमेंट करते हैं , जिसके बाद कमेंट बंद कर दिया जाता हैं मिर्जापुर पुलिस द्वारा !
लेकिन कमेंट बंद करना क्या समस्या का समाधान हैं , बिल्कुल भी नहीं !
क्योंकि ये समस्या सोच में ही है , हम बचपन से फिल्मों में हमें दिखाया गया हैं कि IPS एक फिट और मजबूत शरीर वाला आदमी होता हैं ,
लेकिन वास्तविक जीवन में ऐसा नहीं होता , जिसके कारण बेशर्म टाइप के लोग एक महिला के शरीर को लेकर गंदी टिप्पणी करते हैं !
अगर आलोचना करना ही था तो पूरे पुलिस विभाग के फिटनेस को लेकर करते , क्योंकि आधे से ज्यादा पुलिस वालो के पेट निकले हुए हैं !
ऐसे लोगो से एक IPS सुरक्षित नहीं हैं तो आम बहन बेटियों का क्या होगा ?