UPCISB द्वारा विभिन्न पदों असिस्टेंट मैनेजर, कैशियर के लिए होने वाली इस परीक्षा के एडमिट कार्ड आज (16.26) को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर
17 -21 September के बीच अलग-अलग पालियों (Shifts) में
लकिन सभी बच्चे परेशान है किसी का भी एडमिट कार्ड नहीं निकल रहा है @UPGovt@ibps_official
उत्तर प्रदेश सरकार की लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं को आजीवन मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी
बस में सफर के दौरान अपना आधार या वोटर आईडी दिखाकर उम्र सत्यापित करानी होगी जिसके बाद परिचालक मुफ्त टिकट जारी कर देगा@CMOfficeUP
"ग्रामीण पूष्ठभूमि वाले सामान्य परिवार की बालिका से एक असाधारण शासनकर्ता तक की पुण्यश्लोक अहिल्याबाई की जीवन यात्रा आज भी प्रेरणा की महान स्रोत है"
- दत्तात्रेय होसबाले, सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
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आज #लोकमाता_अहिल्याबाई_होल्कर_जी की 301वीं जयंती के अवसर पर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टेहरकी, अटेरना, चिरौड़ी,दौराला,दुल्हैडा में आयोजित कार्यक्रमों,भंडारे व निकाली जा रही भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए।
धर्म, न्याय और जनसेवा की प्रतीक, महान शिवभक्त लोकमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर सादर नमन
अपने दूरदर्शी नेतृत्व, कुशल प्रशासन और लोककल्याणकारी कार्यों से उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को नई ऊर्जा प्रदान की।
नारी शक्ति, सेवा और समर्पण से परिपूर्ण उनका प्रेरणादायी जीवन सदैव राष्ट्र का मार्गदर्शन करता रहेगा।
#AhilyaBaiHolkar
#अहिल्याबाई_होल्कर
धर्म, लोकसेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना, पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन करता हूँ।
लोकमाता अहिल्याबाई जी धर्म एवं संस्कृति की रक्षक होने के साथ ही महान समाज सुधारक भी थी। एक महान शासिका के रूप में उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण एवं संस्कृति के संवर्धन के लिए उन्होंने कई ऐतिहासिक और प्रभावी कदम उठाये।
मातृभूमि की सेवा में उनका महनीय योगदान प्रणम्य है। राष्ट्र उत्थान और जनकल्याण के उनके विचार व कार्य हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
सुशासन, लोककल्याण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अद्वितीय प्रतीक लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जनसेवा, न्यायप्रियता और मानवीय संवेदनाओं की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपने शासनकाल में यह सिद्ध किया कि सत्ता का सर्वोच्च उद्देश्य जनकल्याण, न्याय और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना होना चाहिए। उनका शासन प्रजावत्सलता का ऐसा आदर्श बना, जिसे आज भी सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है।
उन्होंने न केवल मालवा को समृद्ध और सुव्यवस्थित बनाया, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण में भी अमूल्य योगदान दिया। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, उज्जैन, गया और देश के अनेक तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार एवं विकास के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी गहरी आस्था और समर्पण को दर्शाते हैं।
महारानी अहिल्याबाई के आदर्श, विचार और लोककल्याण की भावना आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।
नेतृत्व की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की पावन स्मृति को कोटि-कोटि नमन!
काशी विश्वनाथ मंदिर से तीर्थराज पुष्कर के घाटों तक, उन्होंने हमारी सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण किया। आज से 300 वर्ष पूर्व एक महिला सैन्य टुकड़ी का गठन कर नारी सशक्तीकरण की अद्भुत मिसाल पेश की। उनका जीवन और प्रशासनिक कौशल हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
न्यायप्रिय, लोककल्याणकारी एवं आदर्श शासन की प्रतीक, भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की महान संरक्षिका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
उनका त्याग, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पित जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। राष्ट्र और समाज के उत्थान हेतु उनके आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
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जनसेवा, न्याय और आदर्श शासन की अप्रतिम प्रतीक एवं नारी शक्ति की प्रेरणास्रोत वीरांगना अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण के प्रति समर्पित उनका जीवन सेवा और जनहित के पथ को आलोकित करता है।
सेवा, समर्पण एवं त्याग की प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी ने तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार एवं मंदिरों के निर्माण के माध्यम से सनातन संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया।
नारी सम्मान, शिक्षा, सेवा और लोककल्याण के प्रति उनका समर्पण आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
न्याय, लोककल्याण और धर्मनिष्ठ शासन की अमर प्रतीक लोकमाता रानी अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर सादर नमन।
अपने दूरदर्शी नेतृत्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और लोककल्याण के कार्यों के माध्यम से उन्होंने आदर्श शासन की ऐसी मिसाल स्थापित की, जो आज भी समाज और जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
लोककल्याण, नारी सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित, लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं।
देशभर में मंदिरों, घाटों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान संस्कृति के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है। जनसेवा और धर्म-संस्कृति के प्रति समर्पित उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
#अहिल्यादेवी_होळकर
#AhilyadeviHolkar
#पुण्यश्लोक
महान वीरांगना, कुशल प्रशासक, नारी सशक्तिकरण की विराट प्रतिमूर्ति लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर कोटिशः नमन। धर्म और संस्कृति के उत्थान हेतु समर्पित आपका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
देशभर में मंदिरों, घाटों और धर्मस्थलों के पुनर्निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से एक आदर्श शासन व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत करने वाली 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर कोटिशः नमन।
प्रजा के हित को सर्वोपरि रखते हुए विकास, धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्य आज भी हमें सुशासन और लोकहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
सांस्कृतिक धरोहर की परम संरक्षक, आस्था के पुनरुद्धार, न्यायप्रियता-निष्पक्षता एवं लोक कल्याण की अभेदकारी प्रजा-पालक परम भावना से शासन-प्रशासन करने का आदर्श स्थापित करनेवाली, महिला सशक्तीकरण व शक्ति के सकारात्मक सदुपयोग की प्रतीक प्रेरणादायी पुण्यश्लोक मातोश्री देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। महारानी अहिल्याबाई जी ने न्याय, सुशासन और लोकसेवा को अपने शासन का मूल मंत्र बनाकर जनकल्याण का एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया। देश के अनेक तीर्थस्थलों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण के माध्यम से उन्होंने भारत की सनातन चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। देश और समाज के प्रति उनका सेवा भाव और राष्ट्र के सांस्कृतिक गौरव के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
न्यायप्रिय, धर्मनिष्ठ एवं जनकल्याणकारी शासक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी ने सोमनाथ, काशी विश्वनाथ सहित अनेक मंदिरों के पुनर्निर्माण के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य किया। महिला शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित कर उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाया।
माता अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
न्यायप्रिय, धर्मनिष्ठ आणि प्रजावत्सल शासक राजमाता अहिल्याबाई होळकर यांनी सोमनाथ, काशी विश्वनाथ यांसह अनेक मंदिरांचा जीर्णोद्धार करून भारतीय सांस्कृतिक वारशाचे जतन आणि पुनर्स्थापना करण्याचे कार्य केले. महिला शिक्षण आणि विधवा पुनर्विवाहाला प्रोत्साहन देऊन त्यांनी महिलांना सशक्त बनवले. राजमाता अहिल्याबाई होळकर यांच्या जयंतीनिमित्त त्यांना कोटी-कोटी प्रणाम!
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन! बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति अटूट निष्ठा को लेकर पूरा देश उन्हें आदर और सम्मान के साथ स्मरण करता है। उनका जीवन सुशासन, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सदैव साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नेतृत्व किया। देशभर में पावन मंदिरों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण से लेकर सभी के लिए न्याय और कल्याण सुनिश्चित करने में उन्होंने अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक चेतना को और सशक्त बनाया। समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण भाव देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।