आँखे नम हैं।रत्न टाटा आप चले गए।पर आप मुल्क़ की रूह में बसते हो।आप देश की धड़कन हो।
अब आप जन्नत को और ख़ूबसूरत बनाना।आप "भारत रत्न"के असली और प्रथम हक़दार हैं।
I MISS YOU TATA!
मोती कहूँ,हीरा कहूँ,पन्ना कहूँ,
अनमोल तुझको मुल्क़ का चहरा कहूँ।
कैप्टेन आर 'ग़ज़लयार'
"हलाला" सभ्य समाज में माँ बहनों का अपमान है। नारी जो पुरुष की जननी है... उसी पुरुष के हाथों इतनी बेइज़्ज़ती... नाक़ाबिलेबर्दाश्त ज़िल्लत।
अपनी जाहिल सोच को बदलें।इस कुप्रथा को ख़त्म करें। कम से कम बुद्धिजीवी वर्ग तो नारी के सम्मान में पहल करके आगे आए।
-कैप्टेन आर 'ग़ज़लयार'