ये मुसलमान है। ये महिला है। ये पत्रकार है। ये Gen-Z है।
जुर्म इतना है कि देशभक्त महिला पत्रकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल पूछ लिया। फिर अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से इस बहन की पिटाई कर दी।
मोदी जी के अमृतकाल वाले कथित न्यू इंडिया में अब मुसलमान होना, महिला होना और निष्पक्ष पत्रकार होना, सबसे बड़ा गुनाह है।
भाजपा ने पूरे देश में सत्ताई निरंकुशता की हर सीमा को लाँघ दिया है। निरंकुश भाजपा सरकारों से अब सवाल पूछना उनकी आलोचना करना ही सबसे बड़ा अपराध है।
दिल्ली हो या बिहार, हर जगह कायर भाजपाई अब पुलिस से पत्रकारों को पिटवा रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा के शासनकाल में संवैधानिक संस्थाएं और पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक बन गई है।
ये रिपोर्ट देखिए 👇
मोदी सरकार वंदेभारत, तेजस जैसी ट्रेनों में किराए के नाम पर वसूली करती है, लेकिन बदले में यात्रियों को बदबूदार खाना परोसा जाता है।
इतना ही नहीं- शिकायत करने पर यात्रियों को पीटा भी जाता है। मगर रील मंत्री जी के लिए तो ये 'छोटी घटना' ही होगी।
शर्मनाक!
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे बागेश्वर बाबा, सैल्यूट करते और ऑन ड्यूटी जूते उतारकर उनके पैर छूता दिखा पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई!
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“सिर्फ नकाब हटाया है तो इतना हल्ला, कहीं यहाँ-वहाँ उंगली लगा देते तो क्या होता”
ये बेशर्मी की बात हँसते हुए यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद कह रहे हैं
जिस अंदाज़ और जिस काईयाँ हँसी के साथियों यह कह रहे हैं वो उनकी
घटिया, बेहूदा और महिला विरोधी सोच दिखाता है