पुलिस की वर्दी लोगों के प्रति सम्मान और सुरक्षा के लिए मिलती है, कुछ लोगों ने इसे अकड़ और गुंडई का प्रतीक बना दिया है, अब हर आदमी अपनी सुरक्षा के लिए वीडियो बनाए तभी इससे निजात मिलेगी वरना शोषण होना तयं है।
#ReOpenMutualTransfer
जिन शिक्षकों के पास म्युचुअल का विकल्प उपलब्ध है उनके लिए पहले म्युचुअल ट्रांसफर किया जाना चाहिए।
म्युचुअल ट्रांसफर होने से हजारों शिक्षक लाभान्वित होंगे,जिसके बाद सामान्य ट्रांसफर प्रक्रिया में भीड़ कम होगा अवसर जादा मिलेगा।
#BiharTeachersTransfer
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
पेपर लीक के कारण 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। 23 लाख छात्रों के भविष्य से एक बार फिर खिलवाड़ किया गया। बिहार और देश में पेपर लीक का अंतहीन सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा है। क्या भाजपा की सरकारों में इतनी भी प्रशासनिक क्षमता, योग्यता, इच्छाशक्ति व कौशल नहीं है कि एक सामान्य परीक्षा को बिना पेपर लीक हुए सुनियोजित ढंग से आयोजित कर सके या फिर ये भी कोई “संयोग और प्रयोग वाला दांव” है जिससे देश की रुलाई में भी सत्ता की मलाई मिलती रहे।
सत्ता संरक्षण में लगातार होते “पेपर लीक” से सरकार की नीति और नीयत पर ही सवाल उठ रहा है। दिखावटी जाँच की औपचारिकता की बजाय सरकार को “आत्मनिरीक्षण” करने की जरूरत है। ख़ुद से ये सवाल करने की ज़रूरत है कि “क्या हम देश के साथ सही कर रहे हैं?
अब जब 23 लाख छात्र पुनर्परीक्षा देंगे, दुबारा देशभर के विभिन्न 552 शहरों के सैंकड़ों परीक्षा केंद्रों पर जाएंगे तब कितने लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल-तेल की बर्बादी होगी। छात्रों, उनके परिजनों और अभिभावकों को आर्थिक नुकसान एवं शारीरिक और मानसिक कष्ट होगा? क्या प्रधानमंत्री जी ने इसका मूल्यांकन और विश्लेषण किया है?
प्रधानमंत्री जी, खाली जुबानी खर्च करने से देश नहीं चलता, शासन-प्रशासन में पारदर्शिता के साथ जवाबदेही तय होती है लेकिन इनका उद्देश्य तो आम लोगों को पीड़ा देने के अलावा सभी संस्थानों का प्रयोग विपक्षी दलों के लिए करना होता है। #TejashwiYadav
निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पहल!
प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य, मनमानी बढ़ोतरी व अनावश्यक शुल्क पर रोक होगा।
साथ ही किताबें-यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता, छात्रों को फीस बकाया पर भी परीक्षा/परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा।
आदेश उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी।
बिहार के 38 हजार सरकारी स्कूलों के लिए 160 करोड़ रुपये से खेल सामग्री खरीदी गई। कागज पर सब कुछ शानदार दिखता है हर स्कूल में किट, हर बच्चे के हाथ में बल्ला, हर मैदान में फुटबॉल। लेकिन असल तस्वीर थोड़ी ‘कॉमिक’ है। देखिए ये रिपोर्ट #BiharNews#EducationSystem#BreakingNews #GroundReport #Sports @RichaSharmaa18
Nalanda : नालंदा की घूसखोर BEO निलंबित, चंडी प्रखंड की BEO पुष्पा कुमारी निलंबित, शिक्षक के माध्यम से बीईओ ले रही थी घूस, निगरानी की टीम ने बीआरसी से शिक्षक को किया था गिरफ्तार
हम यकीन कर लेते हैं ऐसे लोगों पर जो हमारा काट रहे हैं
विराट कोहली कहते हैं हम सिर्फ हेल्दी खाते हैं, लेकिन चिप्स का ad करते हैं
शाहरुख़ ख़ान खुद गुटखा नहीं खाते, लेकिन कहते हैं दाने दाने में केसर...
बीजेपी गौ माता कहती है, लेकिन बीफ बेचने वालों से चंदा लेती है...
क्यों दोस्तों, ये जो बातें मैंने कही है, आप इसको समझ रहे हैं? असल में हो क्या रहा है, और दिखाया क्या जा रहा है?
🚨 कर्मचारियों को 60 साल बाद भी पेंशन नहीं,
नेताओं को 5 साल में पेंशन
पेंशन व्यवस्था पर बड़ा सवाल, समानता और सामाजिक न्याय की मांग तेज
#PolicyDebate#IndiaPolitics#ViralNews
‘मैं 10 दिन से भूखा हूँ’ फिर वो रो पड़ा, दिल्ली छोड़ रहे हैं मज़दूर, गैस की किल्लत।
देखिए @Saurabh_Unmute की Ground Report, The Red Mike के यूट्यूब चैनल पर।
#LPGCrisis#DelhiNCR
अगर अमेरिका के पास मोदी जी से जुड़ा कोई ऐसा राज है, जिसके कारण उनसे मनमाने फैसले करवाए जा रहे हैं, तो प्रधानमंत्री को तुरंत देश के सामने सच्चाई रखनी चाहिए।
अगर वे इस दबाव में हैं, तो प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना बेहतर है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था, उद्योगों और करोड़ों लोगों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है।
भारत की नीतियाँ किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि देश के हित में तय होनी चाहिए।