आज दिनांक 19-07-2026 को जनपद सुल्तानपुर में बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में एक अतिमहत्वपूर्ण पिछड़ा वर्ग कार्यकर्ता बैठक संपन्न हुई जिसमें शामिल हुआ।
#जयभीम#BSP#सुल्तानपुर#पिछड़ा_वर्ग
जय भीम साथियों,
प्रदेश अध्यक्ष पद से कार्यमुक्त होने के उपरांत मैं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उ.प्र. आदरणीय बहन कु. #मायावती जी का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूँ,जिन्होंने मुझ पर विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन में लम्बे समय तक कार्य करने का अमूल्य अवसर प्रदान किया। उनके नेतृत्व,मार्गदर्शन और विश्वास से मुझे बहुजन महापुरुषों के मिशन को जन-जन तक पहुँचाने का सौभाग्य मिला। इसके लिए मैं सदैव आदरणीय #बहन जी का कृतज्ञ रहूँगा..🙏🙏
साथ ही प्रदेश के सभी सम्मानित पदाधिकारियों,वरिष्ठ नेताओं,कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं बहुजन समाज के सभी शुभचिंतकों का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।आप सभी का स्नेह, विश्वास,सहयोग और आत्मीयता मेरे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहे हैं।
मैं विश्वास दिलाता हूँ कि पद चाहे कोई भी हो या ना हो बहुजन समाज पार्टी,माननीय बहन जी के नेतृत्व तथा बहुजन महापुरुषों के मिशन के प्रति मेरी निष्ठा,समर्पण और प्रतिबद्धता सदैव अटूट रहेगी। मैं पहले की तरह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से संगठन एवं समाज के हित में कार्य करता रहूँगा।
आप सभी के स्नेह, सहयोग और विश्वास के लिए पुनः हृदय से धन्यवाद..🙏🙏
जय भीम! जय भारत!
बहुजन समाज पार्टी ज़िंदाबाद..
#मान_बहन_जी जिंदाबाद..
आपका कार्यकर्ता
इंजी.रमाकांत पिप्पल
बसपा मप्र
@Mayawati@AnandAkash_BSP@bspindia
आज दिनांक 20-07-2026 को जनपद अयोध्या में बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में अयोध्या मंडल की एक अतिमहत्वपूर्ण कार्यकर्ता बैठक संपन्न हुई जिसमें शामिल हुआ साथ ही सपा को छोड़कर दर्जनों साथियों ने थामा बसपा का दामन जिसमें प्रमुख नाम निम्न है— अरमान हुसैन जी,मो. फहाद जी,मो. महबूब जी,पिंटू सोनू जी,अमोर हुसैन जी,बल्ले शर्मा जी,श्री राम जी,मो. मुकीद जी,मो. चाँद बाबू जी,जावेद हुसैन जी,मो. शेखबुल जी,शाबान हुसैन जी,जीशान हुसैन जी,आन हुसैन जी,बिल्लू भाई जी,अनिल कुमार जी,रियासत अली जी,सौरभ जी,अदनान जी,अयान जी,आलम भाई जी,सरफराज़ जी,इरफान अहमद जी व रोहन जायसवाल जी ने बहुजन समाज पार्टी एवं आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के नीतियों में अपनी आस्था व्यक्त करते हुए बहुजन समाज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
सभी सम्मानित साथियों का बहुजन समाज पार्टी परिवार में हार्दिक स्वागत!
#जयभीम #BSP
#अयोध्या
2027 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, हिस्सेदारी और भविष्य की दिशा तय करने वाला चुनाव होगा।
माननीय आकाश आनंद जी जिस तरह युवाओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, वह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। यदि संगठन इसी तरह मजबूत होता रहा, तो 2027 का चुनाव बहुजन राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
जय भीम! जय भारत! 🐘💙
#BSP #BahujanSamajParty #AkashAnand #Mayawati #Mission2027 #Bahujan #JaiBhim #UP2027
उत्तर प्रदेश का हर वह व्यक्ति जिसने बसपा सरकार का दौर देखा है, वह जानता है कि उस समय शासन, प्रशासन और अनुशासन की अलग ही पहचान थी। कानून का सम्मान होता था और सरकारी व्यवस्था जवाबदेह नजर आती थी।
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्यों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प्रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठाना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटकर एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, किन्तु प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भी बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसीलिये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
आज दिनांक 17-07-2026 को जनपद प्रतापगढ़ के विधानसभा पट्टी में बहुजन समाज पार्टी द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुआ जिसमें बूथ /सेक्टर की समीक्षा तथा मिशन 2027 को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
#जयभीम#BSP#प्रतापगढ़#मिशन_2027#पट्टी #बहुजन_समाज_पार्टी
1.अब जबकि संसद का मानसून सत्र कल दिनांक 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, एक बार फिर यह देश व आमजन की चिन्ता है कि क्या इस बार भी फिर से संसद का सत्र हंगामा व स्थगन आदि की भेंट चढ़ जायेगा, या फिर ज़बरदस्त महंगाई, ग़रीबी, बेरोज़गारी, महिला असुरक्षा, महत्वपूर्ण परीक्षाओं के भी पेपरलीक आदि से जुड़े देश के ज्वलन्त मुद्दों से उत्पन्न उत्तेजित, आक्रोशित व आन्दोलित माहौल को शान्त करने व इनके संतोषजनक समाधान हेतु गंभीरता दिखाई जायेगी।
2.वैसे ख़ासकर अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा की चोरी, हेराफेरी व ग़बन आदि को लेकर व्यापक जन आक्रोश ने भी यूपी व देश को काफी झकझोर कर रख दिया है और लोग, धर्म का चुनावी स्वार्थ हेतु राजनीतिकरण करने वालों को इसके लिये कठघरे में खड़ा करके, उनसे दिल दुखाने की जवाबदेही माँग रहे हैं, जिसकी गूंज सड़कों से लेकर अदालत तक में है और संसद में भी यह मुद्दा ज़रूर गर्म होगा, जिसपर भी लोगों की पैनी नज़र है।
3.इतना ही नहीं बल्कि बंगाल में विधानसभा आमचुनाव के बाद के हालात्, राजस्थान में सरकार की लापरवाही के कारण गर्भवति महिलाओं की मौत सहित विभिन्न राज्यों में बढ़ती महिला असुरक्षा, काफी आपाधापी में की जाने वाली चुनावी रेवड़ियों में भारी गड़बड़ी, सरकारी योजनाओं आदि में चर्चित भ्रष्टाचार, पुलिस मुठभेड़ का प्रचलन, वर्षों से बसे-बसाये लोगों को उजाड़कर उनके कालोनियों का ध्वस्तीकरण आदि जैसे सरकारी रवैयों से चरमराई संविधान की जनकल्याणकारी व्यवस्था के साथ ही,
https://t.co/zbwuw6xrFA की अर्थव्यवस्था व यहाँ के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करती हुई अमेरिका-इज़राइल का ईरान के विरुद्ध लगातार युद्ध व रुपया का अवमूल्यण आदि देश व जनहित के ऐसे ख़ास मुद्दे हैं जिनपर राजनीतिक द्वेष, स्वार्थ व आरोप-प्रत्यारोप की संकीर्णता/वैमनस्य को त्यागकर सत्ता और विपक्ष दोनों को एकजुट होकर अच्छा उपाय ढूंढ कर सराहनीय कार्य करना होगा, वरना लगभग 140 करोड़ की जनसंख्या वाले अपने देश में बहुजनों का जीवन यहाँ और भी अधिक बुरे दिन वाला बनकर उनका भविष्य अधर में लटकायेगा, जिसकी आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
5.अतः देश को त्रस्त करने वाली इन भारी चुनौतियों व उसके प्रति चेतावनियों को ध्यान में रखकर संसद के मानसून सत्र को, बिना किसी उत्तेजना, रोष व विद्वेष के, सुचारू, शान्तिपूर्ण एवं स्वस्थ्य लोकतांत्रिक परम्परा के मुताबिक चलना सुनिश्चित किया जाना चाहिये, जो वक्त की अहम् ज़रूरत के हिसाब से सभी की ज़िम्मेदारी भी बनती है।
6.साथ ही, इस सम्बंध में सभी संस्थाओं को ऐसा प्रयास ज़रूर करना चाहिये कि देश के कठिन सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हालात से त्रस्त भारतीयों के जीवन का बोझ व नित्य दिन की उनकी परेशानी/दिक्कतें और अधिक नहीं बढ़ने पायें।
7.इसी क्रम में संसद को भी इन ज्वलन्त राष्ट्रीय मुद्दों पर पूरी तरह से गंभीर व संवेदनशील होना ज़रूरी है और इसकी शुरूआत अगर संसद के वर्तमान मानसून सत्र से ही हो तो यह अवश्य ही बेहतर होगा। जनहितैषी गुड गवरनेन्स हेतु संसद का प्रभावी होना ज़रूरी। जय भीम, जय भारत।
बसपा का हर कार्यकर्ता जानता है कि जीत सिर्फ नारों से नहीं, संगठन और बूथ की मजबूती से मिलती है। इसलिए 2027 के मिशन में हर समर्थक अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। सबका लक्ष्य एक, दिशा एक और संकल्प एक है आदरणीय बहनजी के नेतृत्व में फिर से बसपा सरकार बनाना।