"पानी आएगा... और पानी मैं ही पिलाऊंगा!"
ये सिर्फ एक बयान नहीं था, बल्कि शेखावाटी से किया गया एक वादा था।
आज जब 32 वर्षों से लंबित यमुना जल परियोजना पर राजस्थान और हरियाणा के बीच MoA पर हस्ताक्षर हुए हैं, तो वह भरोसा हकीकत बनता नजर आ रहा है।
जो बात कभी तानों में थी, आज वही पहचान बनी,
जो सपना वर्षों से अधूरा था, आज उसकी नई उड़ान बनी।
चूरू, सीकर और झुंझुनू के लाखों लोगों के लिए यह समझौता भविष्य में पेयजल की नई उम्मीद लेकर आया है। कभी विधानसभा में किया गया दावा, आज विकास की दिशा में मजबूत कदम बनकर सामने है। @BhajanlalBjp
राजस्थान के लिए यह दिन खास है
शेखावाटी के लिए यमुना जल का समझौता हो गया है। 32 साल पुराना मुद्दा कभी सुलझ भी सकता है, इसकी उम्मीद कम थी लेकिन हम इसे आज होते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बार-बार के दिल्ली दौरों पर सवाल उठते रहे और मजाक बनते रहे लेकिन भजनलाल चुपचाप अपना काम करते रहे। नतीजा आज सबके सामने है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना जल समझौते पर दस्तखत किए हैं।
32 साल के दौरान पता नहीं कितने नेताओं ने यमुना के पानी के भरोसे चुनाव जीत लिए लेकिन पानी नहीं ला पाए। सरकार में आने के साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यमुना जल प्रोजेक्ट को गति देने के प्रयास शुरू किया और अब जाकर यह प्रयास रंग ला रहे हैं। बड़े काम काफी मेहनत, समर्पण और धैर्य की मांग करते हैं।
@AmitShah@BhajanlalBjp@NayabSainiBJP@CRPaatil@svoruganti1466
भाषा में घमंड टपकता साफ़ दिख रहा है।
सेना के जवान को लड़का कह कर पुकारना। खुद की फोर्स के तोंदू को साब साब कहो।
कैसी मानसिकता हैं ?
@adgpi से बात करने के सलीके सिखाने के लिए ऐसे अधिकारियों को किसी वर्कशॉप में भेजो भाई।
आमजन में डर, कंपनियों में विश्वास — बाड़मेर पुलिस
पिछले लंबे समय से पश्चिमी राजस्थान में यह आम बात हो गई है।
एक तरफ़ जहाँ बाड़मेर आगोर में लंबे समय से बसे ग़रीब लोगों को तालाब की आगोर भूमि पर अतिक्रमण के नाम पर बेघर किया गया और उनके आशियाने उजाड़े गए।
वही दूसरी ओर, सीताराम की ढाणी (शिव) में जब प्रशासन के चहेते कंपनी वाले तालाब की आगोर भूमि पर बिना किसी वैध कागज़ात के खंभे खड़े कर रहे थे और गाँव के लोगों ने विरोध दर्ज करवाया, तो बदले में गाँव के लोगों को ही जेल भेज दिया गया।
जब किसानों की सहमति के बिना उनके खेतों से हाईटेंशन लाइनें निकाली जाती हैं और बड़े प्लांट स्थापित करने के लिए दबाव बनाया जाता है, तब यह प्रश्न और भी प्रासंगिक हो जाता है — प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी किसके प्रति है? आमजन के प्रति या कंपनियों के प्रति?
क्या प्रशासन का दायित्व अपने अधिकारों तथा जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे आम नागरिकों के साथ खड़े होने का है, या फिर बड़ी कंपनियों के हितों की रक्षा करने का?
जनता जानना चाहती है — आख़िर प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही किसके प्रति है? आमजन के प्रति या कंपनियों के प्रति?
@PMOIndia@RajCMO@PoliceRajasthan@BarmerDm
~समाजवादी पार्टी में परिवार वाद भरा पड़ा है,
~कांग्रेस परिवार वाद को बढ़ावा देती है,
~बसपा में सभी परिवार के लोग हैं,
केवल बीजेपी ऐसी पार्टी है जिसमें परिवारवाद बिल्कुल नहीं है।
जय भाजपा तय भाजपा
“मैं दूध का जला हूँ, इसलिए छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता हूँ। 2006, 2007 और 2008, मीणा-मीना विवाद
और आरक्षण आंदोलनों को मैं भूला नहीं हूँ। उस समय विधानसभा में हमारे 33 विधायक थे। सभी ने कहा था कि यदि आरक्षण पर कोई आँच आई तो वे अपने पद छोड़ देंगे।
मैंने अपने वचन का पालन करते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद मुझे पार्टी से निकाल दिया गया और मेरा टिकट भी काट दिया गया। लेकिन मैं उस संघर्ष से पीछे नहीं हटा।”
कितनी कम याददाश्त है हमारी
साल भर पहले जिस बेसमेंट में डूब कर कोचिंग के बच्चों की मौत हुई थी उसमें फिर से लाइब्रेरी चल रही है.. फिर से बारिश आने वाली है.. फिर से कार्रवाई की नौटंकी होने वाली है...
जो मोहन यादव पूरे प्रदेश में कर्जा लेकर लाड़ली बहन योजना का पैसा बाँट सकता है
उसने थोड़ा अपने लाडलों में क्या बाँट लिया लोगों की आंतों में ऐठन होने लगी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने का बड़ा खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान और सिंहस्थ मेला 2028 को लेकर प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर सड़कों के आसपास, मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई।
मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि को व्यावसायिक या आवासीय भूमि में बदला जा रहा है। खुलासा यह है कि मास्टर प्लान के सार्वजनिक होने से पहले ही परिवार ने उन स्थानों पर जमीन खरीदी, जिन्हें आगे चलकर व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया जाना था।
रिपोर्ट बहुत विस्तार से इस पूरे मामले की पड़ताल करती है। रिपोर्ट को देखकर या सुनकर आसानी से इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि यह सब महज संयोग नहीं है।
उज्जैन को विकसित करने के मास्टर प्लान के समानांतर मोहन यादव का परिवार भी विकसित होता दिखाई दे रहा है।
देखना होगा कि इतने बड़े आरोपों के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया होती है।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती के पावन अवसर पर हैदराबाद की पावन धरा पर वीर क्षत्रिय राजपूत समिति हैदराबाद के तत्वावधान में आयोजित भव्य जयंती महोत्सव में सम्मिलित होकर उनके अद्वितीय शौर्य, पराक्रम, स्वाभिमान एवं मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का स्मरण किया।
महाराणा प्रताप जी का त्याग, संघर्ष और राष्ट्रधर्म के प्रति अडिग निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका गौरवशाली जीवन हमें सदैव आत्मसम्मान, साहस और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है।
प्रवासी बंधुओं द्वारा हैदराबाद की धरती पर आयोजित भव्य जयंती समारोह के सफल आयोजन हेतु समस्त समिति सदस्यों को साधुवाद।
हैदराबाद प्रवास के दौरान भाग्यनगर में राजपुरोहित समाज एवं अन्य स्नेहीजनों द्वारा आयोजित भव्य समारोह में सम्मिलित होकर अपार आत्मीयता, स्नेह और अपनापन अनुभव करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रवासी बंधुओं का प्रेम और आशीर्वाद हर बार मेरे मन को नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नई शक्ति से भर देता है।
लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों के दौरान आप सभी ने दूरियों की परवाह किए बिना जिस विश्वास, समर्पण और प्रेम के साथ अपना अमूल्य मत रूपी आशीर्वाद दिया, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आपका अटूट विश्वास केवल समर्थन नहीं, बल्कि एक ऐसी अमूल्य धरोहर है, जिसे मैं सदैव अपने हृदय में संजोकर रखूँगा।
समय-समय पर आप सभी का स्नेह, अपनापन और अटूट विश्वास ही मुझे बार-बार आप सबके बीच आने, आपसे जुड़ने और आपके साथ संवाद करने के लिए प्रेरित करता है। दूरी चाहे कितनी भी हो, आत्मीय रिश्तों की गर्माहट हर दूरी को छोटा कर देती है।
आप सभी प्रवासी परिवारजनों द्वारा प्रदान किए गए प्रेम, सम्मान, शुभकामनाओं और आत्मीय स्वागत के लिए हृदय की गहराइयों से कोटि-कोटि आभार। आपका यह स्नेह मेरे लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
तबादले की गुहार, आंखों में आंसू और मंत्री के चरणों में गिरकर न्याय की पुकार...
#जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब एक महिला नर्सिंगकर्मी अपने तबादले की मांग को लेकर राजस्थान के चिकित्सा मंत्री @GajendraKhimsar के पैरों में गिर पड़ी। रोते-बिलखते हुए उसने अपनी पीड़ा चिकित्सा मंत्री के सामने रखी और राहत की गुहार लगाई। उस वक़्त केंद्रीय मंत्री @gssjodhpur वही मौजूद थे।यह दृश्य केवल एक कर्मचारी की व्यक्तिगत व्यथा नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों की भी कहानी कहता है, जहां अपनी बात सुनाने के लिए किसी को इस हद तक मजबूर होना पड़ता है।
ये आदमी हर हाल में गिरफ़्तार होना चाहता है. गिरफ़्तार को TV की हैडलाइन और सोशल मीडिया ट्रेंड बनना चाहता है.
ये चाहता है कि सिस्टम और जनता मिलकर इसको बड़ा आदमी बनाए. इसे बड़ा आदमी बनना है.
लेकिन अफ़सोस, अमित शाह हर बार इसे सीरियसली लेकर सीरियस नहीं लेते.
Best wishes to the Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Shri Rahul Gandhi Ji on his birthday. Praying for his good health and long life.
@RahulGandhi
बाड़मेर राजकीय अस्पताल में परिजन के साथ आए युवक का मोबाइल फोन चोरी हो गया, परिसर में लगे जब कैमरे चैक करने की बात आई तो अस्पताल प्रशासन का कहना है कि हमारे कैमरे खराब है..
अगर खराब है तो ठीक क्यों नहीं करवा रहे आम व्यक्ति के साथ हुई चोट का आखिर जिम्मेदार कौन ?
@Barmer_Police@BarmerDm