Glimpse of Vishwaguru Nation where Son of IAS getting reservation benefits, where the real needy is struggling and risking his life for two times meal.
कुरावली, मैनपुरी उत्तर प्रदेश में वारिश अली की हत्या को वक्त बीत रहा है, लेकिन आरोपी अभिषेक भदौरिया और बिल्ला अब भी फरार हैं। न बुल्डोजर चला, न कोई सख्त कार्रवाई दिखी। ऊपर से आरोपी पक्ष का अमन प्रधान खुलेआम धमकियां दे रहा है।
क्या कानून का डर सिर्फ चुनिंदा लोगों के लिए है?
सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फौगाट के एशियन गेम्स ट्रायल के लिए आदेश पारित किया । अब ज्यादती देखो सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी मजाक बनाकर अपनी पॉवर एक्सरसाइज कर रहे है। ओर वो लोग जो 50 किलो में विनेश के लड़ने पर उसे दोष दे रहे थे।जवाब मांग रहे थे।अब जब वो मां भी बनी है और उसने 57 किलो में लड़ने की इच्छा जताई थी। तो बोल रहे है आप 50 किलो में ट्रायल दो। इतनी ज्यादती!!!!!!! हद नहीं हो रही है ये.....
मतलब कि आप चाहे सुप्रीम कोर्ट जाओ या कही जाओ सब इनकी जूती नीचे है और इनकी ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर आपको रौंद दिया जाएगा...
अपनी मर्जी से रातों रात नियम बना रहे है.......
बस अपनी ताकत का प्रदर्शन करके बताओ के अच्छे खिलाड़ी को खत्म करने है क्योंकि उसने इनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई है।
पहलवान कितने वजन में लड़ेगा वो पहलवान तय करेगा। ओर अगर वो सबको हराने का माद्दा रखता हो तो देश की गरिमा ऐसे ही पहलवानों को आगे भेजने में है। न कि मनमर्जी ओर पावर एक्सरसाइज में उसे टॉर्चर करके खत्म करने की घटिया राजनीति हो। @Phogat_Vinesh
किसी शख़्स को इस बात की सज़ा नहीं मिलनी चाहिए कि उसने इंसानियत की ख़ातिर एक मुस्लिम बुजुर्ग की मदद की।
दीपक का जिम आज बंद होने के कगार पर है।
दीपक की सहायता कीजिए मैंने अपनी सैलरी से उन्हें 50 हज़ार की सहायता की है।
आप भी मदद का हाथ बढ़ाइये अच्छे लोगों का हौसला बुलंद रहना चाहिए।
गजब है..दिल्ली सरकार..रिपोर्टिंग करने सामाजिक मुद्दे उठाने सवाल पिछले के लिए भी परमिशन लेनी पड़ेगी...!
सुबह 7 बजे से..जब नेता..मंत्री.. सांसद..विधायक सोकर भी नहीं उठती तब से बेचारी दिल्ली की जनता जन औषधी केंद्र के बाहर घंटों से लाइन में बैठी है..!
एक स्थानीय पत्रकार समस्या दिखाने दवाईयों के स्टॉक की जानकारी लेने क्या पहुंच गया...सिक्योरिटी आ गई.. परमीशन का हवाला देकर बाहर निकाल गई..!
ये हाल है दिल्ली के सरकारी सिस्टम का...?
"The entire system is pitted against us. Attempt being made to cover up," say the parents of Twisha Sharma, who died at her in-laws’ home in Bhopal.
Twisha’s mother-in-law, Giribala - a retired judge who served in Bhopal and is now an accused in the case - has sparked serious concerns over impartiality. Giribala's anticipatory bail sailed through the court, Twisha's parents allege. "There is mismatch in the PM report and actual findings," they added. The grieving parents are demanding that the investigation be immediately transferred to Delhi or any other independent jurisdiction to ensure a fair probe.