*बोलो आज़ादी 2021* •
Goonj , the Hindi Literary and Debating Society of MAHE is conducting an Online Hindi Poetry Contest.
Get the opportunity to win various prizes.
To know more and participate please DM @goonj.manipal
Give your entries before 12th August
#poetry#azadi
गूंज प्रस्तुत करता है टक्कर !
(An online debate competition)
Topic -केंद्र सरकार कोविड -19 से निपटने में विफल रही है।
Date - 22 May, 2021
Time - 6:00 pm onwards
📍Google Meet
Register
https://t.co/ksw5Zbe5IC
#Online#debate#COVID19#Government
Rules of event are as follows-
1.Only solo participation is allowed.
https://t.co/NsplzaENA6 need to prepare both for and against the motion(preferably in Hindi) and your stand will be given on the spot.
3.The speech time will be 4-5 minutes, followed by a question-answer round.
तुम्हारा प्यार एक लाल रूमाल है
जिसे मैं झंडे-सा फहराना चाहता हूँ
तुम्हारा प्यार एक पेड़ है
जिसकी हरी ओट से मैं तारों को देखता हूँ
- मंगलेश डबराल
साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित, जाने-माने कवि व लेखक मंगलेश डबराल जी की जयंती पर शत शत नमन।
कच्चा घर जो छोटा सा था,
पक्के महलों से अच्छा था।
पेड़ नीम का दरवाजे पर,
सायबान से बेहतर था।
- आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी
महावीर प्रसाद द्विवेदी जी के जयंती पर शत-शत नमन।
इनकी रचनाओं में अक्सर विरोधाभास, स्वयं की खोज , मानवीय रिश्तों की संवेदनाएं शामिल होती थीं। आम बोलचाल की भाषा में बहुत ही गहरी बात कहने की कला निदा फ़ाज़ली को बाकियों से अलग बनाती है।
#NidaFazli#hindipoetry
भारत में हिंदी- उर्दू जबान के कवि लेखक और गीतकार निदा फ़ाज़ली को उनके जन्म दिवस हम याद कर रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए साल 2013 में इन्हें पदम श्री पुरस्कार से नवाजा गया था। इनकी कलम कई मुद्दों पर बेबाक बोलती थी।
इनकी रचनाओं में अक्सर विरोधाभास, स्वयं की खोज , मानवीय रिश्तों की संवेदनाएं शामिल होती थीं। आम बोलचाल की भाषा में बहुत ही गहरी बात कहने की कला निदा फ़ाज़ली को बाकियों से अलग बनाती है।
#NidaFazli#hindipoetry
इनकी रचनाओं में अक्सर विरोधाभास, स्वयं की खोज , मानवीय रिश्तों की संवेदनाएं शामिल होती थीं। आम बोलचाल की भाषा में बहुत ही गहरी बात कहने की कला निदा फ़ाज़ली को बाकियों से अलग बनाती है।
व्यक्तिगत अस्तित्व को खूबसूरत और सार्वभौमिक बनाना एक कला है और इसकी सबसे उच्चकोटी की कलाकार हैं 2020 की साहित्य में नोबल पुरस्कार जीतने वाली अमेरिकी कवियत्री लुईस ग्लूक।
साहित्य समाज उनके इस उपलब्धि पर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
#louisgluke#poetry
" संयम वह मित्र है, जो ज़रा देर के लिए चाहे आँखों से ओझल हो जाए, पर धारा के साथ बह नहीं सकता, संयम अजेय है, अमर है "
:- प्रेमचंद
मुंशी प्रेमचंद जी की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन🙏
#Premchand#hindipoetry#hindiurduwriters
उन्हें यह फ़िक्र है हरदम,नयी तर्ज़-ए-ज़फ़ा क्या है?
हमें यह शौक है देखें,सितम की इन्तहा क्या है?
दहर से क्यों ख़फ़ा रहें,चर्ख का क्या ग़िला करें
सारा जहाँ अदू सही,आओ!मुक़ाबला करे|
शहीद भगत सिंह को पूरा गूँज परिवार आज श्रद्धापूर्वक भाव से श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
#BhagatSingh
टेलीफोन की घंटी बजती है,
9 बजे हर रात,
पापा हाल पूछकर चैन से सो जाया करते हैं।
मुझे बड़े होकर बड़ा आदमी नहीं बनना,
बनना है अपने पिता समान,
और पाना है वही सुकून,
चाहे क्यूँ न रहूँ मैं घर से बहुत दूर।
:-भूमिका
पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
#HappyFathersDay