@RailwaySeva@Ravindrau07 साला सबको पता है जाँच के नाम पर सिर्फ़ चुतियाप ही होगा, फ़ाइल इस टेबल से उस टेबल होगी क्योंकि तुम लोगों की खुद की सरपरस्ती में ही ये सब अपराध होते हैं
@NationalDastak कोई नहीं शंभू जी आप भी दम लगाइये शायद चंद्रशेखर आजाद "आपकी कांग्रेस" या सपा,भाजपा के सहयोग से अगले साल दो साल में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल कर ले और एक नाकाम कोशिश दलितों बहुजनों सर्वजनों की राष्ट्रीय पार्टी बसपा को ख़त्म कर सके !
@nidhiratan11 निधि जी जाने दीजिए ममता जी को तकलीफ़ हो रही है कि जिसे इनके दादा परदादा ने पैर की जूती बना कर रखा वो आज शिक्षा पाकर इनको बराबरी का लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहा है !
दिनांक 11.07.2026 : जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी), दूसरी पार्टियों की तरह अपना राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ साधने के लिये धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, सरकारी व प्राइवेट सम्पत्तियों के तोड़फोड़ व दूसरी हिसंक घटनाओं तथा हवाहवाई वादों-दावों एवं मिथ्या प्रचार-प्रसार आदि के माध्यम से जनता को गुमराह करने आदि में विश्वास नहीं करती है।
अर्थात् बी.एस.पी. ऐसी तमाम राजनीतिक व चुनावी चालबाज़ियों से पूरी तरह से पाक-साफ देश की एकमात्र ऐसी अम्बेडकरवादी पार्टी है जो ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त व नीति पर चलकर यहाँ सर्वसमाज में भी ख़ासकर ग़रीबों, मज़दूरों, शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों के हित व कल्याण हेतु समर्पित है, और जिसका जीता-जागता प्रमाण यहाँ उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. के नेतृत्व में चार बार रही सरकार में व्यापक जनहित, जनकल्याण व विकास का तथा अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था के मामलों में ’क़ानून द्वारा क़ानून का बेहतरीन राज’ रहा है।
इससे यहाँ यूपी जैसे विशाल राज्य में एक आदर्श संवैधानिक सरकार देने के साथ-साथ यह भी सूरज की रौशनी की तरह पूरी तरह से स्पष्ट है कि बी.एस.पी., विरोधी पार्टियों व उनके इशारे पर चलने वाले दलित संगठनों व पार्टियोें आदि की तरह छल व छलावा की राजनीति तथा उनके लिये मगरमच्छ के आँसू नहीं बहाती और ना ही संकीर्ण स्वार्थ हेतु गिरगिट की ही तरह रंग बदलती है, बल्कि करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अपरकास्ट समाज के ग़रीबों के वास्तविक हित व कल्याण के लिये ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी के बताये रास्तों पर चलकर मुख्यतः सत्ता की मास्टर चाबी के माध्यम से ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक उत्थान’ का महान लक्ष्य हासिल करना चाहती है।
और अब यहाँ ख़ासकर उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी आमचुनाव में बी.एस.पी के प्रभाव को तेज़ी से आगे बढ़ता हुआ देखकर विरोधी पार्टियाँ में द्वेष व बेचैनी स्वाभाविक है और इसीलिये वे अपने साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों के तहत् कुछ दलित संगठनों व पार्टियों आदि को आगे करके दलित व बहुजन समाज के अन्य विभिन्न अंगों को तरह-तरह से भटकाने व गुमराह करने में लगे हुये हैं,
जबकि शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों को अच्छी तरह से मालूम है कि ’मा. बहन कुमारी मायावती जी’ के नेतृत्व वाली सरकार ही उनकी सभी राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक समस्याओं का उसी प्रकार से बेहतरीन निदान है जैसाकि उनकी सभी सरकारों में होता रहा है जब सत्ता की शक्ति, संसाधन व ऊर्जा तथा सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल भी हर स्तर पर सबके साथ न्याय एवं सबको न्याय दिलाने के लिये समर्पित व तत्पर रहा।
साथ ही, चुनाव नज़दीक आता देख विरोधी पार्टियाँ अपने हथकण्डों आदि के साथ-साथ दलित संगठनों व गुलाम मानसिकता रखने वाले लोगों के कंधे पर बंदूक रखकर बी.एस.पी. व बाबा साहेब के मूवमेन्ट-विरोधी राजनीतिक स्वार्थ का अपना खेल आगे बढ़ाना चाहती हैं, जिससे सर्वसमाज के लोगों को व विशेषकर दलित एवं ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों को बहुत ही ज़्यादा सचेत व सतर्क रहने की ज़रूरत है ताकि विरोधियों केे नापाक इरादे सफल ना हों सकें।
इसको लेकर बी.एस.पी. की असली चिन्ता यही है कि सर्वसमाज के ग़रीब, मज़दूर व बेरोज़गार नौजवान आदि के साथ-साथ समाज के शोषित-पीड़ित व अन्य उपेक्षित लोग, अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने के क्रम में सरकारी द्वेष, उत्पीड़न व आतंक आदि का शिकार ना बनने पायें,
क्योंकि नौजवान अगर सरकारी ज्यादती के कारण यदि मुकदमा व जेल आदि में उलझ जायेंगे तो इससे उनका भविष्य ख़तरे में पड़ जाने की आशंका है तथा अगर परिवार का मुखिया इन चक्कर में पड़ जायेगा तो उनका घरबार तबाह हो जायेगा और उनके पूरे परिवार के इस प्रकार से अंधकार में डूब जाने का खतरा है, जो बी.एस.पी. कतई भी नहीं चाहती है, क्योंकि बी.एस.पी. का अम्बेडकरवादी मिशन प्रभावित हो सकता है जो कि विरोधियों की असल चाल है।
इसके साथ ही, सर्वविदित है कि दलित-विरोधी सहारनपुर काण्ड में जातिवादी, सामंती व सरकारी आतंक के विरुद्ध बी.एस.पी. व उसके नेतृत्व ने सड़क से लेकर संसद तक में जबरदस्त लड़ाई लड़ी, किन्तु संसद में भी इसका सही से निदान नहीं मिलने के विरोध में तब बी.एस.पी. नेतृत्व ने, दलितों व अन्य पिछड़ों आदि के हक की अनदेखी करने पर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा देश के पहले कानून मंत्री पद से इस्तीफा देने का अनुसरण करते हुये, राज्यसभा से ही इस्तीफा दे दिया था कि जब संसद में भी हमारी बात नहीं सुनी जाती है तो ऐसी संसद में रहने का फायदा ही क्या?
इस प्रकार यह उन जबरदस्त उदाहरणों में एक है जो बी.एस.पी. नेतृत्व ने अपने संघर्ष के क्रम में दिया है अर्थात् स्पष्ट है कि बी.एस.पी. को अपनी तरह ही मगरमच्छ के आँसू बहाने की सलाह देेने वाले संकीर्ण स्वार्थी लोग विरोधी पार्टियों के जातिवादी व विशैले षडयंत्र का शिकार ना बनें तो यह बेहतर होगा।
वैसे भी सभी जानते हैं कि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) का गठन देश में जाति के आधार पर सदियों से सताये, तोड़े व पछाड़े गये उन लोगों को ’बहुजन समाज’ को आपसी भाईचारा के आधार पर एकता में जोड़कर राजनीतिक शक्ति अर्थात् ’’हुकमरान जमात’’ बनाने के लिये इसलिये किया था ताकि इन वर्गों के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के सत्ता की मास्टर चाबी के माध्यम से आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेन्ट को मंज़िल तक पहुँचाया जा सके, और यह क्रम लगातार जारी है, जिसकी राह में रोड़ा बनकर खड़ा होना बी.एस.पी के मिशन 2027 को प्रभावित करने का घोर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर-विरोधी अनुचित कृत्य होगा। जय भीम, जय भारत।
@ramjigautambsp मंदिरों से दान चोरी का मुद्दा ही उठाएंगी और भाजपा से कम सपा कांग्रेस को ज्यादा कोसेंगी,हम समझ ही नहीं पा रहे हैं कि बहन जी ने sc/st में वर्गीकरण वाले मुद्दे के अलावा कब ऐसी प्रेसवार्ता की है जिसमें सर्वसमाज को बसपा पर दुबारा भरोसा करने या सोशल मीडिया की जरूरत पर कोई बात की हो !
UPSC के रिटेन में तो ये रट्टा मार के लिख सकता है लेकिन इसे इंटरव्यू में कैसे पास कर दिया UPSC ने ??
मुझे तो लगता है UPSC ने इसकी जात देखकर इसे इंटरव्यू में पास किया होगा क्योंकि इसकी बॉडी लैंग्वेज, इसकी भाषा शैली और इसका जनता के प्रति व्यवहार देखकर तो ये मुझे किसी भी एंगल से UPSC के लायक नही लगता है ।
@RubikaLiyaquat@NationalDastak ख़ुद नफरती एजेंडा चलाओ, और दूसरा कोई इनकी छोटी सी वीडियो चला दे भावना आहत, तुरन्त कानूनी कार्यवाही की धमकी ! ठीक भी है जब चलते में नहीं चलाई तो सत्ता के साथ कदमताल करने का क्या फायदा !
@love_donor_abhi असल में ये कांग्रेस के हरिजन हैं, ये अम्बेडकर से ज्यादा राहुल "गांधी" को जानते मानते हैं, इनके होठों पर अंबेडकर और दिल में गांधी बसते हैं !
@Lohiya_07@journalist_syed@yadavakhilesh@samajwadiparty@MPDharmendraYdv अबे चमन चूतिये, हम भी इसी विधानसभा सीट गाँव गालिबपुर से हैं, वहाँ भीड़ इतनी थी जितनी तेरे धर्मेंद्र यादव के आज़मगढ़ लोकसभा सीट पर चुनावी भाषणों के समय भी नहीं थी, इसकी आधी भीड़ भी लाल टोपी वाले सांसद के चुनावी सभाओं में नहीं रहती थी ! बाकि तेरी रतौंधी की बीमारी लाईलाज है !
भारी बारिश के बावजूद मोहम्दाबाद के गोहना में बसपाईयों का जनसैलाब उमड़ा है ।
ये तस्वीरें बताती है कि 2027 में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है ।
@AshokShrivasta6 साला दलाली में PhD किये हैं,AI से बना वीडियो डालकर सोच रहे हैं कि जनता इनकी तरह बिना दिमाग के है, मतलब पानी पुल के ऊपर तक उछल गया और जैसे ही ट्रेन पुल की दूसरी साइड आती है,पटरियां बिल्कुल सूखी हुई हैं मतलब बारिश का पानी सिर्फ़ ब्रिज के एक तरफ़ ही बरसा 😅