चढ़ावा चोरो का वकीलों ने केस लड़ने तक से मना कर दिया।
और
2008 अहमदाबाद आतंकी हमले के दोषी आतंकवादियों को सज़ा के ख़िलाफ़ अपील करेगा जमीयत।
और हाँ
आतंकवाद का धर्म नहीं होता।
Sshhhh Secularism है।
अच्छा है 🙏
भारत तरक्की कर रहा है..!
आज भुसावल से गोवा ट्रेन से यात्रा करते समय एक अनुभव हुआ..!
अचानक, मेरे दोस्त के 2 साल के बेटे को बुखार आ गया। हमारे पास कोई दवा नहीं थी, और हमारी मंज़िल, मडगांव, पहुँचने में अभी भी 7 घंटे बाकी थे। हमने सोचा कि अगले स्टेशन पर उतरकर डॉक्टर से सलाह लेंगे और फिर सड़क मार्ग से यात्रा जारी रखेंगे..!
मैंने यूँ ही ट्रेन में सामान बेचने वाले एक वेंडर से कहा..!
"हमें कुछ दवा चाहिए। क्या आप अगले स्टेशन पर इसका इंतज़ाम कर सकते हैं ? मैं आपकी मेहनत के लिए ₹500 दूँगा"
वेंडर ने जवाब दिया..!
"इसकी कोई ज़रूरत नहीं है। TTE (टिकट परीक्षक) से मिलिए; आपकी समस्या हल हो जाएगी"
हम तुरंत TTE से मिले..!
मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी में किसी सरकारी कर्मचारी से इतनी तत्परता का अनुभव नहीं किया था..!
उन्होंने अपना काम रोका, तुरंत फ़ोन किया, हमारी सीट नंबर और बीमारी की स्थिति नोट की, और हमें अपनी सीट पर वापस जाने के लिए कहा..!*
सच कहूँ तो, हमें ज़्यादा उम्मीद नहीं थी। हमने पहले ही तय कर लिया था कि अगर ज़रूरत पड़ी तो हम अगले स्टेशन पर उतरकर बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएँगे..!
हमने सोचा था कि शायद कोई कागज़ में लिपटी कुछ गोलियाँ ही लाएगा..!
लेकिन ठीक अगले स्टेशन पर, एक डॉक्टर अपने असिस्टेंट के साथ हमारी सीट पर आए। TTE भी वहाँ मौजूद थे। बच्चे की जाँच करने के बाद, डॉक्टर ने तुरंत अपने असिस्टेंट को हमें सिरप की कुछ बोतलें देने का निर्देश दिया। उन्होंने दवा देने का तरीका समझाया और फिर TTE से पैंट्री से थोड़ा नमक मँगवाने को कहा..!
TTE ने तुरंत एक और फ़ोन कॉल किया। डॉक्टर ने हमें बच्चे के माथे पर नमक के पानी में भीगा हुआ कपड़ा रखने की सलाह दी और चले गए..!
जब हमने आवाज़ देकर पूछा कि हमें कितने पैसे देने हैं, तो हमें बताया गया कि यह सब पूरी तरह से मुफ़्त था..!
हम अभी भी हैरान और चकित थे कि जब तक हम अपनी सीट पर वापस पहुँचे, पैंट्री का एक कर्मचारी नमक लेकर आ गया..!
मेरा देश सचमुच बेहतर के लिए बदल रहा है..!
इतनी सारी आलोचनाओं का हम क्या करें..!
क्या उन्हें पेट्रोल के साथ पी जाएँ..!
मीडिया या अख़बारों में अक्सर ऐसे सकारात्मक बदलावों को उजागर नहीं किया जाता है..!
बदलाव हो रहा है। हमें भी इन अनुभवों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ साझा करना चाहिए..!
इसमें समय लगेगा, लेकिन हम उस बदलाव को देख और महसूस कर रहे हैं जो हो रहा है..!
राष्ट्रहित सर्वोपरि..
🪷 🇮🇳 🙏 🇮🇳 🪷🇮🇳
अकाल तख्त में आज पंजाब के सभी सिख विधायकों की पेशी हो रही है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, विपक्षी कांग्रेस और अकाली दल के सिख विधायक अकाल तख्त पहुंचे हैं।
ऐसे ही ख्याल आया कि क्या ऐसा हो सकता है कि कृष्ण जन्मभूमि अयोध्या में यूपी के सभी हिन्दू विधायकों की पेशी हो और उन्हें कहा जाए कि दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान के लिए कार्य करें !
Shocking report from West Bengal by @azad_nishant : Bengal Post Poll R*pe Victims speak up -
“My father was being beaten in one room, while I was being rap*d in another...”
“I was rap*d in front of my 11-year-old daughter.”
“I went to police station to file an FIR, they refused to file a report"
“All the men who rap*d me were Muslims...”
Such horrific stories.. Mamata Banerjee is responsible for all these things...
https://t.co/hZyzJZct1T
The wife of an army man was drugged, gang-raped and filmed by Ayyaz Taj Madare and Ameen Shaikh on the pretext of a land deal in Nagpur.
Blackmailed, extorted for lakhs, forced to drink halal liquid, chant verses, converted by Hazrat Maulana in Chhindwara, MP, "nikah" to Ayyaz, and forced to eat beef!
Two are arrested; Maulana is absconding. Husband filed FIR.
"Gaza, Palestine, Iran ka pata hota hai lekin is par lakwa maar gaya?": Reporter slams silence of Muslims on slαin Surya Pratap Chauhan. Chad woman 👏🏼👏🏼
It is unfortunate that @GautamKhattar and his younger brother, Madhav Khattar, have been arrested in hate speech case by the Goa Police, who appear to have acted with unusual speed and aggression. Many Hindus believe they are not criminals but have spoken what they see as the truth. The Inquisition remains a dark chapter of Goa’s history that deserves discussion even today. Everyone should speak up on this issue. We cannot accept such high-handed actions.
ख़ौफ़नाक।
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के भजनपुरा के जाफराबाद थाना क्षेत्र से तीन हिंदू बेटियों के कथित अपहरण की खबर सामने आ रही है।
आरोप है कि जिहादी जिसका नाम ‘आलम’ बताया जा रहा है, उन्हें बिहार के सीतामढ़ी ज़िले (बेला थाना क्षेत्र) और रक्सौल के आसपास ले जाकर बंधक बनाकर रखा हुआ है।
तथा नशीले इंजेक्शन देने की बात भी सामने आ रही है।
@CPDelhi@HMOIndia@LtGovDelhi@DCPNEastDelhi@PMOIndia
असली कमाई तो ये ही है...
कल राजस्थान विश्वविद्यालय के पास से गुजर रहा था। पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। बोनट पर काटा हुआ केक रखा था। दो-तीन वर्दीधारी और दो-तीन सिविलियन हंसी-खुशी के माहौल में केक खा रहे थे और खिला रहे थे। एक महिला के गोद में बच्चा भी था। मैंने गाड़ी चला रहे हैं मेरे दोस्त को बोला यार थोड़ा बैक लो। बड़ा ही मस्त दृश्य लग रहा है। छोटा सा वीडियो बनाते हैं।
मैं अपने हिसाब से सोच रहा था कि कोई महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर है और बच्चे का बर्थडे होगा इसलिए यहीं पर केक काटकर खुशी मना रहे होंगे। शायद असली बात पता ही नहीं चलती अगर उनमें से एक पुलिस का जवान हमारी गाड़ी के पास नहीं आता। जवान ने पूछा कि वीडियो क्यों बना रहे हैं? मैंने कहा, यार बड़ा अच्छा लग रहा है देखकर। बच्चे का बर्थडे पुलिस वाले ऐसे मनाते हैं, कितनी मुश्किल ड्यूटी होती होगी पुलिस वालों की?
पुलिस का जवान धीरे से मुस्कुरा दिया। फिर बोला- सर जी, बात यह नहीं है। आप नीचे उतरेंगे तो बताऊंगा। मैंने कहा लो भाई, नीचे आ जाते हैं। अब बता दो क्या बात है। उसने जो कहानी बताई वह तो सच में ही दिल को छू गई। फिर हम भी गाड़ी के पास ही पहुंच गए।
असल बात यह थी कि बर्थ-डे बच्चे का नहीं बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात महिला इंस्पेक्टर गुंजन सोनी का था। केक अलवर से एक दंपती लेकर आए थे। इंस्पेक्टर गुंजन सोनी ने अपनी अलवर पोस्टिंग के दौरान इस जोड़े की शादी को टूटने से बचाया था। दोनों के बीच कुछ अनबन और गलतफहमी थी जिसे समझाईश से गुंजन ने दूर कर दिया था और दोनों तभी से खुशी-खुशी साथ रहते हैं। गुंजन के हर जन्मदिन पर दोनों केक लेकर जोड़े से आते हैं। कल गुंजन की ड्यूटी दिन भर यूनिवर्सिटी के गेट पर थी तो दोनों यहीं आ गए।
मैं हैरान रह गया। आप ड्यूटी के दौरान कई बार कितने अच्छे काम कर जाते हैं और उसकी छाप कितनी गहरी पड़ती होगी? हम नौकरी और प्रोफेशन में कितना कमाते हैं, कितना बचाते हैं यह मायने नहीं रखता लेकिन अगर हम लोगों का ऐसा प्यार कमाते हैं, तो मैं समझता हूं कि असली कमाई यही है। बाकी सब कुछ इसके नीचे-नीचे ही है।
@arvindchotia@PoliceRajasthan
पहले सिर्फ चार वर्ण थे…लेकिन आज राजनीति ने इन्हें जातियों में बदला।
और कुछ BSDK बिना इतिहास जाने ब्राह्मण को जाति व्यवस्था का ज़िम्मेदार बताते हैं,जबकि ब्राह्मण कभी जाति व्यवस्था को नहीं मानता,वर्ण व्यवस्था को मानता है।
#Minus40NEETMerit
गुजराती भाषा में सीता जी के मार्मिक वियोग का यह गीत मेरे हृदय के बहुत करीब रहा है। आज निरंजन पांड्या जी के पंडाल में गुजरात की पावन धरती पर, गुजरात की भाषा में इसे गाने का सौभाग्य मिला। सीता जी की धरती से आकर उनके वियोग को स्वर देना मेरे लिए अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय क्षण रहा। @CMOGuj@narendramodi@PMOIndia@BJP4Gujarat@GujaratTourism@sanghaviharsh