How are the students having spectacles expected to attempt exam while wearing masks isn't it logical that specs get foggy if we wear masks these SOPs aren't there for any practical use!!”
#INDIAunitedtoPostponeJEE_NEET
दो दिन पहले ट्वीट किया,
उसमें ‘पीले रंग के पानी’ का जिक्र है.
देखें, क्या ये पानी पीने लायक है?
ये दिखाता है कि सरकारें कैसे काम करती हैं, खासकर आदिवासी क्षेत्रों में.
https://t.co/i14YFdHUoo
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा की कही गई बातें बहुत कुछ सोचने पर आपको मजबूर कर देगी।
पवन खेड़ा— हमारी पार्टी 140 साल पुरानी पार्टी है, जिसमे 54 साल 7 महीने हम सरकार में रहे हैं।
आज भी हर राज्य में हमारा ख़ुद का ऑफिस नहीं है। और जहाँ है भी वहाँ किराए पर है।
वहीं बीजेपी को सरकार में आए 11 साल हुए लेकिन कोई ऐसा राज्य बता दीजिए जहाँ संघ और बीजेपी का अपना ऑफिस ना बन गया हो।
7 स्टार की फैसिलिटी वहाँ मिलेगी , यूट्यूबर को वहाँ जाने की अनुमति नहीं मिलती है। ये पैसा कहाँ से आया ?
गौरव पिछले 7/8 साल से Policybazaar के ज़रिए ली गई Niva Bupa पॉलिसी का प्रीमियम भर रहे हैं।
पिछले साल उन्हें पैनक्रियाटाइटिस डिटेक्ट हुआ।
एलोपैथिक की बजाय आयुर्वेदिक इलाज चुना, उत्तराखंड के रुद्रापुर में 21 दिन एडमिट रहे।
डिस्चार्ज से पहले ही कंपनी को कॉल करके बता दिया था, Policy Bazar केयर मैनेजर से मांगा तो 5 दिन तक कोई जवाब नहीं आया।
सारे डॉक्यूमेंट्स दिए
इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट्स, डिस्चार्ज समरी, बिल्स भी टाइम पे भेजे, क्लेम रजिस्टर हुआ, वेरिफिकेशन टीम घर भी आई।
फिर भी 30 से 32 दिन बाद क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया।
रीजन दिया गया कि जस्टिफाई नहीं कर पाए हॉस्पिटल क्यों नहीं गए।
जबकि पॉलिसी में साफ लिखा है, 24 घंटे एडमिट होने पर आयुष ट्रीटमेंट (आयुर्वेदिक/यूनानी/होम्योपैथिक/नेचुरोपैथी) कवर है।
बार बार वही डॉक्यूमेंट्स मांगे गए, 20+ मेल किए गए, ग्रीवेंस पोर्टल पे 4 बार क्लेम रीकंसीडर डाला गया, अब बीमा लोकपाल में कंप्लेंट है।
2 लाख का खर्चा, हर महीने 19 हज़ार की मेडिसिन और महीनों से सिर्फ मेंटल हैरासमेंट मिल रहा है।
Policybazaar के एजेंट खुद कहते हैं हम सिर्फ दलाल हैं, क्लेम अप्रूवल से हमें मतलब नहीं।
8 साल का भरोसा, एक जेन्युइन क्लेम के लिए इतनी हैरासमेंटयही है।
Niva Bupa और Policybazaar का असली चेहरा।
मैं दो बार और भी इनके लिए आवाज़ उठा चुका हूं, कंपनी वाले मैसेज कर देते हैं कि काम हो जाएगा लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ।
This is a school for tribal children in Balaghat.
Would our politicians ever send their own children to a school like this?
The ASHA workers here have not received their salaries for last 6 months.
काशी में विदेशी पर्यटकों के सामने पानी-पानी हुआ देश की ‘प्रधान नगरी’ का जलमग्न विकास!
जब तक प्रधान नगरी काशी को जलमग्न मुख्य नगरी गोरखपुर जैसा नहीं बना देंगे तब तक लखनऊवाले मानेंगे नहीं।
दरअसल अब आपस का झगड़ा अंतरराष्ट्रीय हो गया है बात दिल्ली बनाम लखनऊ से ऊपर उठकर ‘क्योटो बनाम स्पेन’ की हो गई है।
Don't ctiticise this as yet.
Rishi Bagree is still looking for a video of an under-construction bridge collapse in China, Japan or Europe.
Wait for him to post that video and ‘normalise’ bridge collapses.
कहां हो हे गौरक्षकों????
इसी दिन के लिए गौठान बंद करवाया था??
देखो... भाजपा के मंत्रियों के घरों के बाहर कैसे बेरहमी से पिटाई हो रही है!
यही देखने के लिए भाजपा को वोट दिया था ना???
Saurav visited schools in Punjab, pointed out the shortcomings, and the Education Minister met him and assured action.
Ashu did the same in Karnataka. The Education Minister met him and assured action.
But when we expose poor conditions in schools in BJP-ruled states, they send goons after our team.
Why is the BJP so afraid of accountability? Why is the BJP against education?
Daily lives of Muslims is being made a living hell in India, by Modi.
Families not being allowed inside parks until they take their naqab off.
The sooner Modi, BJP & RSS is dismantled in India, the faster we can be on our way to recovery.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट आकृति चौधरी पर लगाए हुए NSA को रद्द करते हुए अपने फैसले जो कहा, वो अभी अहम है .
हाईकोर्ट के फैसले से कुछ अहम हिस्से
' गौतमबुद्ध नगर की District Magistrate का आचरण कड़ी निंदा/तिरस्कार के योग्य है .
गौतमबुद्ध नगर की DM मेधा रूपम अपनी संवैधानिक निष्ठा की शपथ के उल्लंघन की दोषी हैं.
DM से अपेक्षा थी कि वो पूरे मामले की बारीकी से जाँच करती लेकिन ऐसा लगता है कि DM आकृति को एक नज़ीर बनाना चाहती थी ताकि दूसरे लोग मजदूरों के समर्थन वाले जगहों पर राइट टू फ्रीडम और स्पीच का इस्तेमाल करने से हतोत्साहित हों . गौतमबुद्ध नगर की DM ने सरकारी पावर का ग़ैर जिम्मेदाराना इस्तेमाल किया . इससे आकृति चौधरी के संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ . 5 लाख मुआवजे की रकम गौतमबुद्ध नगर की DM की सैलरी से रिकवर की जाए '
दिल्ली में अभी बच्चों की लाशें निकाली जा रही हैं और ये महामानव गुजरात में खिलखिलाता हुआ मस्त रील बनवा रहा है.
क्योंकि ये 'नाराज़ फूफा' नहीं है...ये 'मस्त मामा' है...जो हमेशा अपनी मस्ती में रहेगा, चाहे 7 बच्चे मर जाएँ, चाहे 700 किसान मर जाएँ.
दिल्ली के हादसे पर इस महामानव ने एक ट्वीट तक नहीं किया है. लेकिन अगर दिल्ली के इन्हीं बच्चों के किसी कॉलेज में भाषण देना हो या फीता काटना हो तो दौड़कर चला आएगा...
मस्तराम मस्ती में...
याद रखा जाएगा ना???...