कोचिंग व्यवस्था गलत है, तो पहले यह बताइए कि कोचिंग पैदा क्यों हुई?
करोड़ों बच्चे स्कूल से निकलने के बाद कोचिंग की तरफ भाग क्यों रहे हैं?
क्या उन्हें कोचिंग का शौक है?
शिक्षा व्यवस्था उन्हें वह नहीं दे पा रही जिसकी उन्हें आवश्यकता है|
कोचिंग बंद हो जाए, मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन उससे पहले स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था तो ऐसी बनाइए कि बच्चे को कोचिंग की ज़रूरत ही न पड़े।
कोचिंग बीमारी नहीं है, कोचिंग उस बीमारी का लक्षण है जो हमारी शिक्षा व्यवस्था में वर्षों से मौजूद है।
@AshwiniUpadhyay@narendramodi@nsitharaman सर किन अकल के अंधों को आप ज्ञान दे रहे हैं, उन्हें यह बताओ कि कहां किस तरह से चुनाव जीतना है, रैलियों में भाषण में क्या बोलना है, रोडशो इत्यादि। देश को कैसे विकसित बनाना है ये उन्हें नहीं जानना। इसके लिए आपको ही एक संगठन बनाना पड़ेगा।
@AshwiniUpadhyay सर आप एक राजनीतिक दल बनाएं युवा पीढ़ी आपको सपोर्ट करेंगे । आपके मुद्दे धर्म शिक्षा, स्वास्थ्य, जनसंख्या है। हम @narendramodi और उनके जैसे विपक्षी (INC, SP, BSP) नेताओं की लूट से परेशान हो गये है। इन नेताओं ने देश लूट कर अपने घर भर लिये।
@mukeshrajput_mp@BJP4India@BJP4UP और एक विनती है ED CBI मत भिजवा देना मोदी अमित शाह को बोलकर, मिडिल क्लास आदमी हूं (कोई विपक्षी नेता नहीं जिसने घोटाले से धन संचय कर रखा हो), संभाल नहीं पाऊंगा,
@mukeshrajput_mp@BJP4India@BJP4UP सांसद महोदय को अपने क्षेत्र में काम से कोई मतलब नहीं, क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, लेकिन महोदय को सभी नेताओं के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देना जरूर आता है, तभी देश अभी तक विकासशील ही है और रहेगा, दुखद है आपके जैसा सांसद, हमारे क्षेत्र के लिए
@DrMohanYadav51@narendramodi नौटंकी करने में देश के नेताओं का कोई जवाब नहीं, इतना पैसा बर्बाद कर देते है, एक EV गाड़ी लेके, अपने काफिले को छोटा कर दो, तब पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चल रही पब्लिक को भी कोई परेशानी नहीं होगी।
@SushantBSinha@narendramodi चमचा गिरी में सुशांत ने सुधीर, अरनब, रजत और गुल्लू को भी पीछे छोड़ दिया, ऐसा कितना पैसा दे दिया बीजेपी ने की तुम लोग अपनी पत्रकारिता ही छोड़ दिए।
@AshwiniUpadhyay जिस देश का प्रधानमंत्री को चुनाव प्रचार से हीं फ्री नहीं हो पा रहा, हर चुनाव में नौटंकी करने पहुंच जाते है, वहां सांसद विधायक पार्षद से क्या उम्मीद कर सकते हैं हम।
“हमारे देश से काबिल बच्चे बाहर जा रहे है”
“वहाँ कोई जाति नहीं पूछता”
“योग्यता देखकर तुरंत नौकरी दी जाती है।”
ये कहना है सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील AP सिंह का 🔥✅