“ट्रांसक्रिप्ट में हुई वार्ता में आरोपीगण द्वारा किसी भी राजनेता/विधायकगण या किसी अन्य व्यक्ति को तत्कालीन राजस्थान सरकार को अस्थिर करने के लिए रूपयों का प्रलोभन देना एवं रूपयों का लेनदेन करना नही पाया गया है तथा ना ही किसी राजनेता/विधायकगण या अन्य किसी व्यक्ति/लोकसेवक द्वारा रूपयों की मांग करना एवं प्राप्त करने के तथ्य प्रकट हुये है।”
अशोक जी ने किन- किन नामों से विभूषित किया था सचिन पायलट को!
#sachinpilot
"रेगिस्तान की रेत में खिला एक फूल।"
प्रिय सचिन पायलट, @SachinPilot
आज जब तारीख़ ने आपकी उम्र की किताब में एक और पन्ना जोड़ा है, तो मुझे लगा जैसे इतिहास खुद बैठकर आपको सुनाना चाहता है कि, “देखो समय चलता रहा, लेकिन कुछ मुसाफ़िर ऐसे होते हैं जो रास्तों से भी बड़े हो जाते हैं।”
राजनीति की भीड़ में आपका जन्मदिन सिर्फ़ कैलेंडर की तारीख़ नहीं है, बल्कि यह याद दिलाता है कि इस देश में अब भी ऐसे लोग हैं जो गंदे तालाब में खिले कमल की तरह नहीं, बल्कि तपते रेगिस्तान में खिले उस फूल की तरह हैं , जो कम दिखाई देता है, पर जिसकी खुशबू मीलों तक जाती है।
आपको देखकर कभी-कभी लगता है कि ज़िन्दगी ने आपको बहुत जल्दी परिपक्व बना दिया। पिता की विरासत, जनता का भरोसा, पार्टी की राजनीति, और अपनी आत्मा के बीच संतुलन साधना, ये किसी साधारण इंसान का काम नहीं। मगर आप साधारण रहे, जबकि आपके इर्द-गिर्द लोग असाधारण बनने की दौड़ में अपने को ही खो बैठे।
आज आपके जन्मदिन पर मैं आपको फूलों से नहीं, एक प्रार्थना से सजाना चाहता हूँ। वो प्रार्थना कि,
आपकी ईमानदारी कभी हारे नहीं। आपकी शालीनता कभी टूटे नहीं।, आपकी मुस्कान कभी बुझे नहीं।
सचिन जी, राजनीति में लोग अक्सर सत्ता के जन्मदिन मनाते हैं, इंसानों के नहीं। मगर आपके साथ फर्क यही है कि लोग आपकी कुर्सी से नहीं, आपके व्यक्तित्व से मोहब्बत करते हैं। आपकी आवाज़ में जब संयम झलकता है, तो लगता है जैसे लोकतंत्र अब भी ज़िंदा है।
आपसे एक निजी स्वीकार है, जब कभी इस सड़ी-गली राजनीति से घृणा होती है, तो आपके जैसे कुछ नाम याद आते हैं और लगता है कि शायद यह मुल्क पूरी तरह निराशा की अंधेरी गली में नहीं गया। आप उम्मीद की उस रोशनी जैसे हैं जो दूर से कमज़ोर दिखती है, मगर क़रीब जाकर आँखें चौंधिया देती है।
इस जन्मदिन पर आपको ढेर सारी शुभकामनाएँ , जनता के बीच अब भी ऐसे लोग हैं, जो सच्चाई को पहचानते हैं और उसके साथ खड़े रहते हैं।
आपकी उम्र लम्बी हो, मगर उससे भी ज़्यादा लम्बा हो आपका धैर्य।
आपकी यात्रा अनंत हो, मगर उससे भी ज़्यादा गहरी हो आपकी ईमानदारी। और जब अगली बार लोग आपकी तारीख़ याद करें, तो सिर्फ़ जन्मदिन नहीं, बल्कि आपके संघर्ष को भी याद करें।
आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई,
रेगिस्तान की रेत से उठती हुई प्रार्थना के साथ।
ख़त लिखने वाला लड़का।
चाय इश्क़ और राजनीति।
कई विद्यालयों में 16 तक दिव्यांग विद्यार्थी अध्यनरत हैं। राज्य में लगभग 80000 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनके लिए विशेष शिक्षा के पद नहीं देने से बेरोजगार विशेष शिक्षकों में कल से घोर निराशा है।निवेदन है कि #विशेष_शिक्षक_भर्ती करने की कृपा करें। @BhajanlalBjp@madandilawar