"अनुराधा, नेहा दास, तुम जाहिल हो. अजीत भारती है कौन, तुमलोग अपनी नौटंकी से बाहर निकलो, नहीं तो लात मारकर निकालेंगे.
दौड़ा-दौड़ा कर कुत्ते की तरह मारेंगे.
छोड़ेंगे थोड़ी, चाट जाएंगे, भच लेंगे, लील लेंगे, खा जाएंगे लेकिन डकार भी नहीं लेंगे!
जूता जूता मारेंगे!"
-ये हैं GC की आवाज़ उठाने वालों के लिए भाजपा और तथाकथित RSS के मेंबर्स के शब्द!
और इसमें दूसरे समर्थक ताली बजा रहे हैं!
ये किया था इनलोगों ने UGC विरोध के समय, जनरल केटेगरी की आवाज़ उठाने वालों के साथ!
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी @narendramodi
नमस्कार।
मैं एक जनरल कैटेगरी का छात्र हूँ। आपकी सरकार से एक सीधा, कड़वा और दर्द भरा सवाल पूछने आया हूँ।
आरक्षण के नाम पर मेरी जिंदगी के 4-5 साल पूरी तरह बर्बाद कर दिए गए। जो टॉप कॉलेज मुझे अपनी रैंक और मार्क्स पर पहली ही कोशिश में मिल जाना चाहिए था, उसके लिए मुझे दो-दो साल अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी। डबल मार्क्स लाने पड़े। रात-रात भर पढ़ाई, नींद छोड़ना, खुद को तोड़ना… सिर्फ इसलिए कि मेरे पास “जाति का सर्टिफिकेट” नहीं था।
कितने पैनिक अटैक झेले, कितना डिप्रेशन सहा… ये सिर्फ मैं ही जानता हूँ। और मैं अकेला नहीं हूँ। हर साल करोड़ों जनरल कैटेगरी के बच्चे यही जहन्नुम झेल रहे हैं। आधे मार्क्स वाले, उनसे 10 गुना अमीर बच्चे उनकी सीट छीन ले जाते हैं… सिर्फ आरक्षण के नाम पर।
ये “सामाजिक न्याय” नहीं है मोदी जी।
ये खुली नाइंसाफी है।
ये मेहनतकशों का कत्ल है।
ये मेरिट का कत्ल है।
आप “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देते हैं। लेकिन असल में जनरल कैटेगरी के बच्चों का साथ कौन दे रहा है? उनकी जिंदगी कौन बचा रहा है? जब आरक्षण की वजह से मेहनत करने वाले बाहर हो रहे हैं और कम मेहनत वाले अंदर घुस रहे हैं, तो देश कैसे आगे बढ़ेगा? विश्वगुरु कैसे बनेगा?
क्या आपके मंत्री, आपके सांसद, आपके अधिकारी ये सब नहीं देख रहे? या जानबूझकर आँखें मूंद रखी हैं क्योंकि वोटबैंक की राजनीति ज्यादा जरूरी है?
मैं आपसे नहीं, बल्कि इस व्यवस्था से थक चुका हूँ।
लेकिन आप प्रधानमंत्री हैं। आपके हाथ में ताकत है।
अगर सच में देश को मजबूत बनाना है, तो आरक्षण की इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था पर लगाम लगाइए। मेरिट को वापस लाइए। वरना ये देश सिर्फ नारों में विश्वगुरु बनेगा, हकीकत में नहीं।
इंतजार कर रहा हूँ…
किसी जवाब का, या फिर उसी पुरानी चुप्पी का।
सादर,
एक टूटा हुआ जनरल कैटेगरी छात्र
🚨 Love Jihad Horror Exposed!
This is what happens in Love Jihad,
A Hindu girl brutally beaten by her Muslim boyfriend.
For them Hindu girls are just sex slaves to be used and abused.
Yet mainstream media and so-called feminists are completely silent, No condemnation and No protests.
Where is your “women’s rights” activism now?
Selective feminism is the biggest betrayal of Indian women.
Wake up before it’s too late....
In 1950:
SC list had 607 castes, today it has ~1200
ST list had 241 tribes, today it has 744
So where these castes are coming from?
If even after 70+ yrs, not a single caste has been uplifted via reservation, that itself shows "Reservation is a failed policy".
#EndReservation
I remember one of my first tweets against Reservations. It went viral & got around 500+ comments.
Around 90% were people tagging Delhi Police, demanding my arrest under SC/ST Act.
Today, the same issue is being discussed in the mainstream media. We've come a long way.
#educationreform#reservationreform राष्ट्र के लिए.
एजुकेशन रिफॉर्म और रिजर्वेशन रिफॉर्म राष्ट्र के भविष्य से जुड़े विषय हैं। मैं सभी राष्ट्रहित में सोचने वाले नागरिकों से अनुरोध करता हूँ कि वे इस विषय पर खुली और रचनात्मक चर्चा का समर्थन करें। यह आंदोलन किसी जाति या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के लिए है।
मेरा मानना है कि यदि गरीब, वंचित और शोषित वर्गों को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर विद्यालय, आवश्यक संसाधन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, तो उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए अधिक अवसर प्राप्त होंगे। हमें ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जहाँ प्रत्येक बच्चे को समान प्रारंभिक अवसर मिलें और वह अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ सके।
आज भारत को स्वास्थ्य, विज्ञान और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में विश्व के अग्रणी देशों की श्रेणी में लाने के लिए शिक्षा में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। एक मजबूत और समावेशी शिक्षा प्रणाली ही देश की वास्तविक शक्ति बन सकती है। हमें इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि आने वाली पीढ़ियों को कैसे बेहतर अवसर और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाए।
यदि हम भारत को इन क्षेत्रों में नंबर वन बनाना चाहते हैं, तो शिक्षा सुधारों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और ठोस कदम उठाना आवश्यक है। आप सभी से अनुरोध है कि इस विषय पर अपनी आवाज़ उठाएँ, सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएँ और इसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें।
1990 Anti Reservation Protest:
60+ deaths
Criminal charges
Police shootings
Mass arrests
200 self immolation attempts
DEMOCRACY IS NOT THE SAME FOR EVERYONE
Harsh Dubey, This was So Brutal Man.😭🔥
Just Look at the expression of These uneducated politicians when Harsh asked a simple question regarding NEET.
Congress representative literally lost his Calm, Man. What a shame.
Dear General Category brothers and sisters,
There is no alternative choice, bro.
You have to raise your voice, bro.
It’s time to make some noise, bro.
Write #EndReservation and join the right side, bro.
चलो दिल्ली, चलो दिल्ली, चलो दिल्ली
सर्वण आक्रोश महापंचायत UGC रोलबैक में अपनी आवाज बुलंद करने का समय आ गया है।
अब अन्याय नहीं सहेंगे, अब एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। ⚔️
📍 स्थान : शाह ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
📅 दिनांक : 23 अगस्त 2026
⏰ समय : दोपहर 01:15 बजे
सभी समाजबंधुओं से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस महापंचायत को ऐतिहासिक बनाएं।
🚩 व्यवस्थापक : क्षत्रिय करणी सेना & अखंड करणी पार्टी
🚩 आयोजक : समस्त सवर्ण संगठन एवं सवर्ण समाज
#KarniSena #kshatriyakarnisena #iamrajshekhawat #akp4ind #akhandkarniparty
"ये लोग कहते हैं कि नीट पर 18 घंटे चर्चा करेंगे, लेकिन क्या ये नीट की असली समस्याओं पर 18 मिनट भी बोल पाएंगे?"
"चर्चा किनसे करेंगे जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं? उन्हें मेरी समस्या पता है क्या? उन्हें पता है कि एक नीट छात्र और उसका परिवार किन मुश्किलों से गुजरता है?"#neet
CRPF personnel has completely exposed the entire CJP protest.
He is currently deployed at Jantar Mantar, and every single word he said is absolutely accurate and powerful.
I was deeply moved by what he said, and I believe every Indian should listen to him and understand his message.
रिजर्वेशन पर चर्चा किए बिना जेन्यून रिफॉर्म्स की बात नहीं हो सकती। अगर लक्ष्य सामाजिक न्याय और समान अवसर है, तो हमें यह भी पूछना चाहिए कि SC/ST छात्रों को शुरुआत से ही बेहतर शिक्षा, संसाधन और अवसर क्यों नहीं मिलते। केवल अंतिम चरण में आरक्षण देना ही पर्याप्त समाधान नहीं माना जा सकता।
सरकार को उनकी शुरुआती शिक्षा में निवेश करना चाहिए, ताकि हर छात्र को शुरुआत से ही समान अवसर मिलें और वह अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ सके।