सहो ज़ुल्मो सितम अब क्यों भला घबरा रहे भैये
चुना भी आपने ही है तो क्यों पछता रहे भैये
सुनो अब पांच सालों तक तो कुछ कर भी नहीं सकते
अभी दो ही हुए इतने भी क्यों उकता रहे भैये
बचेगा वक्त जब थोड़ा तो टुकड़ा फैंक देंगे फिर
अभी से हम तुम्हें आगाह कर बतला रहे भैये
السَّـــــــلاَمُ عَلَيــْــكُم
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
अपनी औलद और अपने अमवाल के लिए
बद्दुआ ना करो कँही ऐसा ना हो के तुम किसी
ऐसी घड़ी में दुआ कर बेठो जिस में दुआ
क़बूल हो जाती है
(📚Mishkat al Masabih 2229)
#بزم_غلام#बज़्म#HadithOfTheDay
बदलाव ऊपर से होता है लोग बडों से प्रेरणा लेते हैं बडों का व्यवहार सर्वविदित है नेताओं से घिन आती है ❗कोठा के जजों से नफरत और फासला से फासला बढ गया है❗ साधू सन्यासी मठाधीश सभी धन्धे और अय्याशी में मस्त है ❗अदालत में कसम खाकर झूठ का कारोबार होता है ❓ कोई त्यागी सादा जीवन वाला