जन-सेवा के लिए आजीवन समर्पित रहीं श्रद्धेय राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
उनका संपूर्ण जीवन देश और समाज की सेवा के लिए प्रेरणा प्रदान करता है।
आज गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र ���े ग्राम पंचायत नेडिनाडी, माणकी, भाखरपूरा, रतनपुरा, आमलियाला, लोलावा में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों व शोक सभाओं में समल्लित हुआ।
#gudamalani
रा.उ. प्रा. विद्यालय अंकोड़िया (वीरावा) को महात्मा गांधी राजकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल में रूपांतरित करवाए जाने के उपलक्ष में आयोजित उद्घाटन एवं सम्मान समारोह में #सांचौर के विकास पुरूष आदरणीय सुखराम बिश्नोई जी का ऐतिहासिक स्वागत सत्कार।
#part2@MlaSanchore
@कलेक्टर साहिबा एक ऐसी क़िताब है जिसे सभी विद्यार्थियों को आवश्यक रूप से पढ़ना चाहिए । प्���तियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले, वफादारी के साथ प्रेम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इस उपन्यास को एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए! #कलेक्टर_साहिबा
@KalishBish43246
"सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण"
खेजड़ली बलिदान दिवस के अवसर पर जोधपुर के खेजड़ली गांव के वृक्षों की रक्षार्थ के लिए मां अमृता देवी बिश्नोई एवं 363 प्रकृति प्रेमियों ने अपना जीवन न्यौछावर कर सर्वोच्च बलिदान दिया था।
उनकी पुण्य स्मृतियों को सादर नमन।
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस
केंद्र सरकार खेजड़ली को यूनेस्को की श्रेणी मे लाने का प्रस्ताव भेजे
ताकि दुनिया को पता तो चले कि जब तुम पर्यावरण का प भी नही जानते थे, उससे बहुत पहले हमने सैकड़ों बलिदान दे दिए 🙏
@UNESCO@PMOIndia@gssjodhpur#खेजड़ली_बलिदान_दिवस
पुलिस से अभी तक कार्यवाही का जायज लेते हुए
गुरु महाराज पर टिप्पड़ी करने वालों का बख्शा ���ही जायेगा
हर तरह से सामना करने को तैयार तन मन धन से क़ानूनन... चाहे जैसे
विरोधी टकरा के देख ले घर से उठा ले जायेंगे अगर कोई हमारे भगवान् धर्म हमारे गुरु को कुछ भी बोलेगा
"सिर साठे रुख़ रहें तो भी सस्तो जाण"
अमर शहीद मां अमृता देवी बिश्नोई व 363 विर-विरांगनाओं को खेजड़ली बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन 🙏
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस
कल सुबह सभी साथी एक्टिव रहें और #खेजड़ली_बलिदान_दिवस हैशटैग के साथ अधिक से अधिक ट्वीट करें।
हर बार की तरफ सिर्फ 20-25 ही नहीं बल्कि ट्विटर पर एक्टिव सभी साथी इस ट्रेंड में सहयोग करें।
सुबह 9 बजे
अवश्य लिखे 🙏
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस
खेजड़ली गांव जोधपुर मे��� संवत 1787में वृक्षों की रक्षा के लिए 363 नर नारी स्त्री पुरुष बिश्नोईयों ने माता अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में अपना बलिदान देकर प्रकृति के वृक्ष हरे पेड़ पौधों खेजडियों की रक्षा की आज शहीदी दिवस एकादशी के अवसर पर 363 अमर शहीदों को शत-शत नमन श्रद्धांजलि
।। शहीद अमृता देवी बिश्नोई अमर रहे।।
"सर साठे रूख रहे, तो भी सस्तों जांण"
माँ अमृता देवी बिश्नोई सहित 363शहीदों को सादर कोटिशः नमन 🙏
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस@BishnoiYouth
आज से ठीक 293 वर्ष (भाद्रपद शुक्ल दशमी सवत् 1787) पूर्व हरे वृक्षों की रक्षार्थ बलिदान देने वाली मां अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 खेजड़ली बिश्नोई शहीदों को नमन 💐🚩
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस
भाद्रपद शुक्ल दशमी संवत् 1787 में
विश्व में अपनी तरह के अनूठे बलिदान (हरे वृक्ष की ख़ातिर) जिसमें 363 बिश्नोई
संप्रदाय के लोगों ने अपने प्राणों की बलि दी.शासन वर्ग की बेरूखी के कारण इस बलिदान को जो स्थान मिलना चाहिए वो नहीं मिला.
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस ,#तेजा_दशमी #बाबा_रामदेवजी
भाद्रपद शुक्ल दशमी संवत् 1787 में
विश्व में अपनी तरह के अनूठे बलिदान (हरे वृक्ष की ख़ातिर) जिसमें 363 बिश्नोई
संप्रदाय के लोगों ने अपने प्राणों की बलि दी.शासन वर्ग की बेरूखी के कारण इस बलिदान को जो स्थान मिलना चाहिए वो नहीं मिला.
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस ,#तेजा_दशमी
#बाबा_रामदेवजी_मेला_महोत्सव
भाद्रपद शुक्ल दशमी संवत् 1787 में
विश्व में ��पनी तरह के अनूठे बलिदान (हरे वृक्ष की ख़ातिर) जिसमें 363 बिश्नोई
संप्रदाय के लोगों ने अपने प्राणों की बलि दी.शासन वर्ग की बेरूखी के कारण इस बलिदान को जो स्थान मिलना चाहिए वो नहीं मिला.
@UNESCO
#खेजड़ली_बलिदान_दिवस