🚨 30+ men raped a 13 year old in Rajasthan
12-14 arrested?? 32 accused in police FIR, where are others?
Its a syndicate
Why not encounter or fasi ki saza dhosi ko jldi se jldi? #pocso#rajasthan#justiceforher
@ABPNews@chitraaum इतने गंभीर विषय पर चर्चा चल रही है और नेता जी खाने पीने में व्यस्त है । कभी कोई भाईसाहब निकर पहन कर डिबेट में आ जाते है , ये चल क्या रहा है देश में ? जब ये इतनी सीनियर पत्रकार को गंभीरता से नहीं ले रहे तो आम जनता की क्या होगा?
“लगता है अच्छे दिन आ चुके है”
मोदी जी को भगवाधारोयों में भी चाटुकार और भ्रष्ट मवाली ही पसंद आते हैं!
चुन चुन कर नीच प्रवृत्ति के लोगों को केवल राम मंदिर ट्रस्ट में ही नहीं बल्कि शिक्षा संस्थानों और हर महत्त्वपूर्ण पद पर बैठा रहे हैं!
इनको खोज ख़बर प्रभु राम और अंजनी पुत्र हनुमान ही लेंगे!
पत्रकार : मैं पत्रकार हूँ मेरा माइक मत पकड़िए आप हटा नहीं सकते है
गोविन्द देव गिरी : मैंने आपको 5 minute दिए
पत्रकार : मैं सवाल कर रहा हूँ आप इस्तीफ़ा देंगे
गोविंद देव गिरी की टोन और जवाब अब आगे आप ख़ुद देख लीजिए .
ABP News ने गोविंद गिरी से एकदम तार्किक सवाल पूछे।
“क्या आप अपनी ज़िम्मेदारी मानते हैं?”
मगर गोविंद गिरी की हालत देखिए, संत होकर आप एक जेन्युइन सवाल नहीं सह सके।
माइक फेंकने लगे।
बाद में जब कहा कि बिल्कुल ज़िम्मेदारी मानता हूँ तो रिपोर्टर ने अगला सवाल दाग़ा कि इस्तीफा देंगे?
गोविंद गिरी फिर भड़क गए।
सोचिए! कोषाध्यक्ष होने के बावजूद अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकारने को तैयार नहीं,
और पद का मोह ऐसा कि उसे छोड़ने का स्वप्न भी बेचैन कर देता है!!
संतत्व की महान परंपरा आलीशान मंहगी गाड़ियों और सुख-सुविधा-अधिकार संपन्न जीवन शैली के गुरूत्वाकर्षण के आगे आद्योपांत नतमस्तक है!!
'मुंह में राम, बगल में छुरी', राममंदिर में चढ़ावे की कर गए चोरी!
देखें So Sorry
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#SoSorry#RamMandirDonationTheft
जो व्यक्ति स्वयं का ध्यान रखने में असमर्थ हैं, व्हीलचेयर से चलते हों, वो किस तर्क से ट्रस्ट के अध्यक्ष बने हुए हैं? संत हैं, अच्छी बात है, पर क्या संत को यह देखते हुए कि वो इस पद पर अपनी सेवा देने योग्य नहीं हैं, हट नहीं जाना चाहिए?
नृत्य गोपाल दास रोग-व्याधि से पीड़ित हैं, आयु अत्यधिक हो चली है, फिर भी उनका अध्यक्ष पद पर बने रहना कितना उचित है? वह भी तब जब ऐसे प्रकरण हो रहे हैं जिससे हर हिन्दू ठगा अनुभव कर रहा है?
भगवान राम की सेवा, भजन, आंदोलन में भाग लेना, आपके हिस्से के पुण्य हैं, परंतु दान की चोरी के समय अध्यक्ष होना, चोरी का पता चलने के उपरांत भी अध्यक्ष बने रहना सह बताता है कि आप पद से आसक्त हैं।
ऐसा व्यक्ति संत नहीं होता। उसके लिए दूसरा शब्द है, जो मैं नहीं लिख रहा। पूरा ट्रस्ट भंग होना चाहिए। जिनके रहते यह दुष्कृत्य हुआ, उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।
नृत्य गोपाल दास ने महीने भर बाद एक रद्दी चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्हें मोदी-योगी से आशा है। किस मोदी से? जिसने एक शब्द नहीं बोला? किस योगी से? जिसकी इंटेलिजेंस यूनिट को पता तक नहीं पड़ा?
यह तो बाहर आ गया तो आज गिनने वालों को पकड़ा जा रहा है, परंतु जिन्होंने गिनने वालों को वहाँ लगवाया, वो क्या त्यागपत्र दे कर अपने दायित्व से हाथ धो लेंगे?
अब हनुमान जी भी भाजपा सदस्य हो गए क्या? क्या यह हिंदू धर्म का अपमान नहीं है? कहाँ गए हिंदू धर्म के ठेकेदार? पहले राम मंदिर में चोरी पर चुप्पी और अब हनुमान जी के अपमान पर! यह राम भक्त नहीं, मोदी भक्त हैं!