मुख्या चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरल में जांच के आदेश राज्य सरकार ने दिए!
ज्ञानेश कुमार केरल काडर के IAS अधिकारी रहे हैं! आरोप है की उनके कार्यकाल में PWD विभाग में गड़बड़ी हुई जिसकी जाँच विजिलेंस करेगी!
इंडिया गेट से जंतर मंतर मार्च के लिए दो संगठनों के अलग अलग समय तय किए गए हैं।
AISA नेता नेहा ने शाम 3 बजे तो Youth Congress ने शाम 5 बजे इंडिया गेट से जंतर मंतर तक प्रोटेस्ट मार्च का कॉल दिया है।
वैसे तो दोनों प्रोटेस्ट मार्च में 2 घंटे का अंतर है। क्या ये दोनों मार्च एक साथ होंगे या अलग अलग?
"सत्याग्रह" के माध्यम से देश भर के जन आंदोलनों को जोड़ने की पहल एक महत्वपूर्ण कदम है. संसदीय विपक्ष के विस्तार का ये एक बड़ा प्रोजेक्ट है. पहले दिन ही 10 हजार ग्रुप्स/एक्टिविस्ट का जुड़ना बड़ी बात है.
डैशबोर्ड अगर रिसोर्स शेयरिंग करा दे तो ये आंदोलनों का नेशनल ग्रिड बन सकता है.
राहुल गांधी को अब तक का सबसे एक्सपर्ट ब्रैंड मैनेजर मिल गया है, यही वज़ह है कि राहुल गांधी का हर तीर निशाने पर लग रहा है और ब्रैंड वैल्यू लगातार बढ़ रही है उनकी
अगर कांग्रेस, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जगन और नवीन बाबू को INDIA गठबंधन में लाने में कामयाब हो जाती है, तो 2029 में गठबंधन की स्थिति मजबूत होगी, बशर्ते वे बिहार में प्रशांत और चिराग पासवान को गठबंधन में ला सकें।
कांग्रेस 2029 के लिए व्यापक योजना पर काम कर रही है।
यह एक बेहद शानदार पहल है. अकेली लड़ाइयों को एक मंच पर लाना ज़रूरी है ताकि सबको दिखाई दे कि वे ही अकेले शिकार नहीं हैं सिस्टम के. अक्सर सत्ताएँ लोगों को सिंगल आउट करके कमज़ोर करती हैं. हराती हैं. उम्मीद है, इस “सत्याग्रह” के ज़रिए सबको अपना सपोर्ट सिस्टम बनाने का मौक़ा मिलेगा.
जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।
घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ़ इतनी माँग लेकर बैठे हैं कि FIR दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वो भी नहीं किया।
आज ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए।
और ये पहली बार नहीं है - इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अफसर महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।
पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं - मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।
और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है - वो आख़िर किसकी हिफ़ाज़त कर रही है?
दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहाँ हैं आप? जवाब आपको ही देना है।
उत्तर प्रदेश में अब जो हो गया वह हो गया।
मगर शायद कांग्रेस को एक बड़ा और मजबूत दलित नेता मिल गया।
जिसकी कांग्रेस में लंबे अरसे से बहुत कमी थी।
राजेंद्र पाल गौतम ने अजय राय को हटवा दिया।
इमरान मसूद को बनवा दिया।
रोज किसी न किसी को कांग्रेस में शामिल करवा रहे हैं।
दिल्ली होते हैं तो दिल्ली में लखनऊ होते हैं तो वहां लोगों की भीड़ लगी रहती है।
यह सब कांग्रेस में किसी दलित नेता के द्वारा किए जाने की नई कहानी है।
इससे पहले के सारे नेता जिनमें के राजू भी हैं, मीरा कुमार हैं, मुकुल वासनिक, सुशील कुमार शिंदे, चन्नी कोई भी इतने आत्मविश्वास के साथ और भीड़ साथ रखते हुए काम नहीं कर पाया।
कांग्रेस को गौतम का अधिकतम उपयोग करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में 20% दलित वोट सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
जो विकल्प ढूंढ रहा है।
मुसलमान जहां है वहां है।
ब्राह्मण नई प्रदेश अध्यक्ष या प्रभारी की वजह से नहीं आएगा। आएगा तो राहुल गांधी की वजह से आएगा।
इसी तरह यादव के अलावा दूसरा ओबीसी भी राहुल की वजह से ही सोचेगा।
गौतम अगर वाकई बड़े नेता बनना चाहते हैं तो उन्हें पहले यूपी में और बाद में देश में दलितों के बीच कांग्रेस के लिए विश्वास पैदा करना होगा।
मायावती और भाजपा के बीच की सांठ गांठ को उजागर करना होगा।
और अब कांग्रेस ने भी जब उन्हें खुला समर्थन दे दिया है तो फिर खुलकर उनका उपयोग करना होगा।
प्रमोद तिवारी खुद क्यों नहीं बने?
ब्राह्मण कुछ तो उनसे जुड़ता।
बेटी अध्यक्ष बन गई।
प्रोफाइल बड़ी हो गई।
मगर क्या कांग्रेस को चुनावी राजनीति में कोई फायदा होगा?
पुणे में 'छात्रों की गूँज' के दौरान महाराष्ट्र के छात्रों ने अपनी पूरी समस्या मेरे सामने रखी थी - पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, महँगी पढ़ाई, बदहाल हॉस्टल, ज़हर जैसा खाना, और DBT में धोखाधड़ी।
मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा था - MPSC में सुधार कीजिए, परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी बनाइए, इन बच्चों की सुनिए।
कुछ नहीं हुआ। इसीलिए आज वही छात्र पुणे में सत्याग्रह पर बैठे हैं।
उनकी मांगे साफ़ हैं:
→ MPSC अध्यक्ष इस्तीफ़ा दें, और उनकी जगह एक ईमानदार, योग्य अधिकारी आए
→ 70,000+ ख़ाली सरकारी पद तुरंत भरे जाएं
ये मांगे नाजायज़ नहीं हैं। इन पर कार्रवाई चाहिए - आश्वासन नहीं।
महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति ने अपना आंदोलन 'सत्याग्रह' पर दर्ज किया।
युवा कांग्रेस और NSUI इस आंदोलन के साथ लगातार खड़े थे - उनसे कहा है कि छात्रों की मांगे पूरी होने तक उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर लड़ते रहना। मैं ये मुद्दा महाराष्ट्र सरकार के सामने फिर से उठाकर इसके स्थायी समाधान की मांग करूंगा।
जो संस्था छात्रों का भविष्य तय करती है, उस पर क़ब्ज़ा कर लिया गया है। हम इसे ऐसे ही नहीं चलने देंगे।
#Satyagraha
पद से हटाए जाने के बाद अजय राय ने कैमरे के सामने अपना जनेऊ दिखाते हुए कहा कि वे खुद जनेऊधारी ब्राह्मण हैं और दिखावा नहीं करते. उन्होंने कहा कि उनके रिश्ते हर समाज से हैं. चाहे वह ब्राह्मण हों, मुस्लिम, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े या निषाद समाज हो. अजय राय ने स्पष्ट किया कि पार्टी में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की कोशिश की जा रही है और वे सब मिलकर कांग्रेस को और मजबूत करेंगे.
मैं कार्यकर्ताओं से कहूंगा कि सब लोग डटकर राहुल गांधी को मजबूत करिए, कांग्रेस को मजबूत करिए।
हमें राहुल गांधी को 2029 में प्रधानमंत्री बनाना है, तो मेरा कार्यकर्ताओं से निवेदन हाथ जोड़कर आग्रह है कि कहीं पर कोई नाराजगी नहीं, हम सब लोग एक परिवार हैं।
- @kashikirai