किसी गेंदे को गुलाब कह देंगे,
हम हक़ीक़त को ख़्वाब कह देंगे।
हश्र में जब हिसाब होगा तब,
EVM ही था ख़राब कह देंगे।
बंगाल के कांटे में इस बार नहीं फंसी मछली,
इसे SIR का जाल कही देंगे,
असम में जनता ने जो कहा गो गो,
इ चुनाव आयोग को अजाब कही देंगे
अपनी बक्लोलियों को कब स्वीकारा है हमने,
इस बार भी खतरे में है संविधान कही देंगे।