वीरता, अदम्य साहस और अटूट भक्ति के प्रतीक, खुदीराम बोस जी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए 18 वर्ष की छोटी उम्र में खुद को बलिदान कर दिया। एक किंवदंती, उनकी निडर भावना और देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। आज उनकी जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
Dear @ECISVEEP
क्या तुम जिंदा हो?
नामांकन वापिस लेने की तारीख निकल जाने के बाद भारत के प्रधानमंत्री खुद फोन लगाकर निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव से पीछे हटने के लिए दबाब बना रहे है।
अगर जिंदा हो, तो जिंदा नजर आना जरूरी है।