@gupta_rekha@MCD_Delhi
Ye ek sarkari school hai or school ki classes ke aage car park hai bache khelte hai kya teachers ki car parking iss tarah ki jaa sakti hai....
@GNN_Support@AMRUTCityGzb@GzbNagarNigam माननीय अधिकारी महोदय ग्रीन वैली पार्ट 3 कावेरी मार्ग गुरुवारा रोड ज्ञान खण्ड 3 इंदिरापुरम गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में ग्रीन वैली पार्ट 3 के अन्दर निजी व्यक्ति ने नर्सरी बनाकर पहले अन्दर के पेड़ काटे अब उसने आने जाने वाले रास्ते पर ताला लगा कर बन्द कर दिया। कृपया आप संज्ञान ले।
@dm_ghaziabad माननीय जिला अधिकारी महोदय ग्रीन वैली पार्ट 3 कावेरी मार्ग गुरुवारा रोड ज्ञान खण्ड 3 इंदिरापुरम गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के अन्दर नर्सरी वाले ने ग्रीन वैली पार्ट 3 के प्रवेश द्वार पर अपना बोड लगाकर अन्दर जाने के रास्ते पर कब्जा कर दिया है। आप से अनुरोध हैं संज्ञान लेने का कष्ट करें।
@myogiadityanath हर हर महादेव। माननीय मुख्यमंत्री जी आपको भी सावन माह की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं आपको हमेशा विजयी भवों का आशीर्वाद सदेव आप पर बना रहे।
@ukcmo माननीय मुख्यमंत्री जी स्वयंम स्वरोजगार करा जा सकता है परन्तु अस्पताल व शिक्षा संस्थान नहीं बनाएं जा सकते पर्वतीय क्षेत्रों को इस समय इन दो चीजों की बहुत आवश्यकता है।
@AMRUTCityGzb महोदय वन महोत्सव ग्रीन वैली पार्ट 3 कावेरी मार्ग गुरुवारा रोड ज्ञान खण्ड 2 3 4 शक्ति खण्ड 1 2 इनदरापुरम गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के अन्दर क्यों नहीं आयोजित कराया जाता। क्या वह स्थान झुग्गियों का अतिक्रमण करने के लिए छोड़ दी गई है।
@AMRUTCityGzb माननीय अधिकारी महोदय ग्रीन वैली पार्ट 3 कावेरी मार्ग गुरुवारा रोड ज्ञान खण्ड 3 इंदिरापुरम गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के अन्दर नगर निगम का कार्यालय खोलने के नाम पर किसी व्यक्ति ने अपनी प्राइवेट नर्सिंग खोल दी है। हरित क्षेत्र के अन्दर इतना बड़ा कब्जा ये अतिक्रमण नहीं तो क्या है।
@ukcmo श्रीमान क्या हल्द्वानी और देहरादून ही उत्तराखंड है पर्वतीय क्षेत्रों का भी थोड़ा ध्यान दीजिए ।नहीं तो पर्वतीय क्षेत्र की जनता भी आप को भूल जाएगी। पर्वतीय क्षेत्रों में 10 साल की आपकी भाजपा की विकास यात्रा शून्य से शुरू होकर शुन्य पर खत्म हो गई। अभी भी वक्त है ।जाग जाओ।
@ukcmo माननीय मुख्यमंत्री जी पर्वतीय क्षेत्रों का विकास तो रोडो के कटान व धना सैठो के रिजाट बनाने के लिए ही हो रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों का विकास पर तो जाम लगा हुआ है। स्वास्थ्य सुविधा 0 शिक्षा व्यवस्था 0
समय रहते पर्वतीय क्षेत्रों में मेडिकल कोलेज तो खोल दो।
माननीय मुख्यमंत्री जी पूरे पर्वतीय क्षेत्रों में यह पिरूल 10 या इससे थोड़ा सा अधिक जगह पर ही एकत्रित होता है। इन महिलाओं से कोई जाकर पूछे कितना महीनताना मिलता है तब समझ में आएगा की वह कम से कम मजदूरी का भी आधा है। इतने बड़े पर्वतीय क्षेत्रों में जब तक विलोक स्तर पर कम से कम 50 कलेक्शन सेंटर खुले व सरकार पिरूल की मिनिम प्रति किलो तय कर दे तो तभी इसे अच्छा कह सकते हैं।