मणिपुर में BSF जवान के घर में सोते दो नन्हे बच्चों की हत्या की खब��� दिल को चीर देने वाली है।
मणिपुर में हिंसा की दहकती हुई आग में आज 3 साल बाद भी निर्दोष बच्चे झुलस रहे हैं - शांति का कोई संकेत दूर-दूर तक नजर नहीं आता।
मोदी सरकार इतनी संवेदनशून्य और पत्थरदिल हो गई है कि मानो यह भूल चुकी है कि मणिपुर के बच्चे भी देश के बच्चे हैं, हमारा भविष्य हैं।
कब जागेगी ये सरकार? आखिर कब तक अपनों की लाशें गिनते-गिनते मणिपुर करता रहेगा इंतज़ार?
मैं बार-बार कहता आया हूं , शांति ही एकमात्र रास्ता है। सभी समुदायों को साथ लाकर, संवेदनशीलता से ही इस संकट का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
प्रधानमंत्री जी, मणिपुर सिर्फ एक राज्य नहीं है, ज़िम्मेदारी है। सिर्फ नाम का एक बयान काफी नहीं, सिर्फ दिखावे का एक दौरा काफी नहीं।
आपको ठोस और तत्काल कदम ��ठाने ही होंगे - इससे पहले कि हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो जाएं।