जब चार सौ सीट आ रही है तो फिर इतना झूठ बोलने की क्या ज़रूरत है? अब तो चुनाव आयुक्त भी नहीं हैं फिर भी झूठ। बांसुरी स्वराज को भी टिकट देकर मास्टर स्ट्रोक चल दिया गया है तो फिर इतना झूठ बोलने की क्या ज़रूरत है?
एक मैसेज आता है की मोदी एक अहम संबोधन करेंगे और तमाम गोदी मीडिया लगभग आधे घंटे तक साहब के महिमा मंडन में लग जाते हैं और बताते हैं की कैसे प्रधानमंत्री का अचानक से संबोधन करना एक नया मास्टरस्ट्रोक होगा.. इसके जरिए चुनाव आयोग में हुए इस्तीफे और सुप्रीम कोर्ट में SBI के इलेक्शन बॉन्ड से ध्यान भटकाया जाता है..
यही नया टूलकिट है.. गोदी मीडिया अब वो बंदर है जिसे मदारी जब भी नाचने कहेगा, यह सभी बंदर उछल उछल कर नाचेंगे...
CJI चंद्रचूड़ ने SBI के धागे खोल दिए
बोले- 26 दिन से आप इलेक्टोरल बॉन्ड पर कर क्या रहे थे?
कल के कल चंदा देने वालों और पार्टी का नाम जमा कराने का आदेश।
क्या कोई नई और बड़ी हेडलाइन आ रही है? ताकि शाम को चैनलों और सुबह अख़बारों में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला फ़ुटनोट बन जाए। वैसे भी गोदी मीडिया इस फ़ैसले को जनता तक पहुँचने नहीं देगा, तो नई हेडलाइन की क्या ज़रूरत है ? कौन सा गोदी मीडिया का ऐंकर इस पर तहक़ीक़ात करने जा रहा है । कहीं ऐसा न हो कि सुप्रीम कोर्ट को एक और आदेश देना पड़ जाए कि हमारी ख़बर कहाँ है? पहले पन्ने पर क्यों नहीं है ?
जनता को अपने-अपने नायकों की पूजा में लगा दिया जाएगा। हर जाति को एक से अधिक नायक, उनकी मूर्तियाँ, जयंतियाँ और छुट्टियाँ दे दी जाएँगी। कुछ को डाक टिकट मिलेगा, कुछ को रत्न। सम्मानों की माँग सबसे बड़ी माँग हो जाएगी। जो दिख रहा है उसे भूल कर लोग याद करने में लगा दिए जाएँगे। यह लोकतंत्र का सबसे ज़रूरी काम होगा।
इस बीच चंडीगढ़ में सारी मूर्तियों को तोड़ते हुए एक नया नायक आएगा। अनिल मसीह। इस नाम का पीठासीन अधिकारी लोकतंत्र को हर ले जाएगा। जनता के एक बड़े वर्ग को मतदान के लिए नालायक घोषित कर दिया जाएगा। बाक़ी बच जाएँगे लायक़ जिन्हें अनिल मसीह विजेता घोषित कर देगा।
गोदी मीडिया जीत का ढोलक बजाएगा। अदालतों की कुर्सी पर बैठे अनिल मसीह
न्याय की अवधारणा पेश करेंगे। जिसे सुनकर सब मंदिर-मंदिर नाचेंगे। तभी एक जयंती आएगी, तभी एक उत्सव आएगा। लोग फिर याद करने में लगा दिए जाएँगे।
कालचक्र घूम गया है। वह काल बन चुका है। वह मेयर बन चुका है। वोट लूटने वालों के समर्थकों ने राम का नाम लिया है। जिसने भी राम का नाम लिया है, उसे मोक्ष मिला है।
डीजे बज रहा है। सेक्टर सतारह में ‘चंडीगढ़ शहर दी कुड़ी’ पर युवाओं का डांस हो रहा है। सेना से रिटायर होने के बाद अफ़सर कनेडा जा रहे हैं। वैंकूवर में मेयर का चुनाव लड़ रहे हैं और चंडीगढ़ में लोकतंत्र हार रहे हैं।
अगली जयंती किसकी है, कब है, कोई बचा है भारत रत्न के लिए ?
होली कब है ?
Grown up watching him in films. Glad that fate had planned for me to work with him too. So sweet and such a great sense of humour. R.I.P Satish Ji. We’ll see you through your films 🙏🏻😞
48 लोगों को भारत रत्न मिला, पर आज तक किसी ठाकुर यानी क्षत्रिय यानी राजपूत को नहीं मिला।
पता नहीं क्यों? उनमें कौन सी कमी है?
राष्ट्र निर्माण में उनका भी तो योगदान है।