कल राजस्थान विधानसभा से यह बिल पास हो गया . जिग वर्कर्स याने प्लेटफार्म आधारित एप्प जैसे झोमेटो जैसे प्लेटफार्म के लिये काम करने वाले श्रमिको की कार्यदशाओ मे सुधार हो सकता है
लेबर कोड मे इन्हे कवर किया गया है पर लेबर कोड लागू होना दूर की कौडी है !
#SocialSecurityGigWorkers
💐💐*'असली शिक्षा"*💐💐
एक बड़ी सी गाड़ी आकर बाजार में रूकी, कार में ही मोबाईल से बातें करते हुयें, महिला ने अपनी बच्ची से कहा, जा उस बुढिया से पूछ सब्जी कैंसे दी, बच्ची कार से उतरतें ही,
अरें बुढिया यें सब्जी कैंसे दी?
40 रूपयें किलों, बेबी जी.....
सब्जी लेते ही, उस बच्ची ने सौ रूपयें का नोट उस सब्जी वाली को फेंक कर दिया, और आकर कार पर बैठ गयी, कार जाने लगी तभी अचानक किसी ने कार के सीसे पर दस्तक दी,
एक छोटी सी बच्ची जो हाथ में 60 रूपयें कार में बैठी उस औरत को देते हुये, बोलती हैं आंटी जी यें आपके सब्जी के बचें 60 रूपयें हैं, आपकी बेटी भूल आयी हैं,
कार में बैठी औरत ने कहा तुम रख लों,
उस बच्ची बड़ी ही मिठी और सभ्यता से कहा, नही आंटी जी हमारें जितने पैंसे बनते थें हमने ले लियें हमें, हम इसे नही रख सकतें, मैं आपकी आभारी हूं, आप हमारी दुकान पर आए, आशा करती हूं, की सब्जी आपको अच्छी लगें, जिससे आप हमारें ही दुकान पर हमेशा आए, उस लड़की ने हाथ जोड़े और अपनी दुकान लौट गयी.......
कार में बैठी महिला उस लड़की से बहुत प्रभावित हुई और कार से उतर कर फिर सब्जी की दुकान पर जाने लगी, जैसें ही वहाँ पास गयी, सब्जी वाली अपनी बच्ची को पूछते हुयें, तुमने तमीज से बात की ना, कोई शिकायत का मौका तो नही दिया ना??
बच्ची ने कहा, हाँ माँ मुजे आपकी सिखाई हर बात याद हैं, कभी किसी बड़े का अपमान मत करो, उनसे सभ्यता से बात करो, उनकी कद्र करो, क्यूकि बड़े_बुजर्ग बड़े ही होते हैं, मुजे आपकी सारी बात याद हैं, और मैं सदैव इन बातों का स्मरण रखूगी,
बच्ची ने फिर कहा, अच्छा माँ अब मैं स्कूल चलती हूं, शाम में स्कूल से छुट्टी होते ही, दुकान पर आ
जाऊंगी.......
कार वाली महिला शर्म से पानी पानी थी, क्यूकि एक सब्जी वाली अपनी बेटी को, इंसानियत और बड़ों से बात करने शिष्टाचार करने का पाठ सीखा रही थी और वो अपने अपनी बेटी को छोटा_बड़ा ऊंच_नीच का मन में बीज बो रही थी.....!!
"गौर करना दोस्त,
सबसे अच्छा तो वो कहलाता हैं, जो आसमान पर भी रहता हैं, और जमींन से भी जुड़ा रहता है।
"बस इंसानियत, भाईचारें, सभ्यता, आचरण, वाणी में मिठास, सब की इज्जत करने की सीख दीजिए अपने बच्चों को, क्यूकि अब बस यहीं पढ़ाई हैं जो आने वाले समय में बहुत ही जादा मुश्किल होगी, इसे पढ़ने इसे याद रखने इसे ग्रहण करने में,और जीवन को उपयोगीबनानेंमें।
🙏🙏🙏🙏🙏
#इंडिगो के काउंटर पर कर्मचारी की भेषभूषा देख कर मैं थोड़ा चौंका। सारे कर्मचारी शूट टाई की जगह कुर्ता पायजामा पहने हुए थे। चेक-इन के दौरान मैंने आहिस्ता से पूछा, "क्या आप की ड्रेस बदल गयी है?"
उसने भी धीरे से मुस्कान बिखेरते हुए जवाब दिया, "सर आज #भारतीय_नववर्ष है, इसलिए हम पारम्परिक कपड़े पहन कर आए हैं।"
कुछ वर्ष पहले तक यह नजारा देखने को नहीं मिलता था।
आमतौर पर होली, दिवाली और ईद के मौके पर ही दफ्तरों में लोग पारम्परिक परिधान पहन कर काम करते देखे जाते थे। भारतीय नववर्ष पर नागपुर एयरपोर्ट का यह दृश्य देख कर लगता है मेरा देश #सांस्कृतिक_पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। कोई भी देश तभी महान और शक्तिशाली बनाता है जब वह अपनी जड़ों से गहरे से जुड़ा होता है।
आप सभी को भारतीय नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।💐🌹💐🌹
Utter madness. Third time in as many years that our embassy has been attacked so brazenly in the UK.
Where is the security, @RishiSunak? Had the British flag been taken down by vandals from atop your embassy here in Delhi, you would have gone berserk.
गुजरात में बोर्ड की परीक्षा चल रही है
एक पिता अपनी बेटी को गलत परीक्षा केंद्र पर उतार कर चला गया... बेटी ने 15 मिनट तक अपना रोल नंबर खोजने की कोशिश किया फिर वहां एक पुलिस इंस्पेक्टर की ड्यूटी थी उन्होंने जब देखा कि एक छात्रा काफी देर से परेशान है तब उन्होंने उसकी हॉल टिकट लेकर देखा तब पता चला कि लड़की के पिता जी उसे गलत परीक्षा केंद्र पर उतार कर चले गए हैं और इस बच्ची का असली परीक्षा केंद्र वहां से 20 किलोमीटर दूर है
परीक्षा में 15 मिनट बचा था पुलिस इंस्पेक्टर ने अपनी सरकारी गाड़ी में लाइट जलाते हुए और हूटर बजाते हुए उस बच्ची को समय से पहले उसके मूल परीक्षा केंद्र पर पहुंचा कर उस बच्ची का एक साल बिगड़ने से बचा लिया
ॐ
@sardesairajdeep जब सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा की बेल में तीन घंटे में सुनवाई होकर बेल मिली तब वह आम नागरिक था क्या ? उस बीजेपी विधायक को सजा मिलना चाहिये पर आप कैसे लिजलिजे , बेगैरत कांग्रेस के चमचे बन बैठे है
Once upon a time in Kashmir, this was my ancestral home in Rainawari, Srinagar. Every visit brings back happy childhood memories of time spent with family ... but also an extremely painful feeling of a lost home. #KashmiriPanditExodus