मुफ़्त में मिला जहर खाने के लिए भी गदर मचा देते हैं अपने देश के लोग!
कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां लूटने की होड़ मच गई.
मामला पनकी इलाके का है. जहां इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कूड़ा डंपिंग यार्ड में किसी कंपनी या व्यापारी ने भारी मात्रा में एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां फेंक दी थी.जैसे ही स्थानीय लोगों और बच्चों को इसकी भनक लगी, वहां ��क्सपायर्ड चॉकलेट्स को बीनने और ले जाने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग थैलियों और बोरियों में भरकर ये टॉफियां-चॉकलेट्स घर ले जाने लगे.
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन ���ल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" ��सलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
The Delhi police baton charge was inhumane and unlawful. The Supreme Court must take suo motu cognizance and ensure accountability.
@indSupremeCourt@UNHumanRights
The videos clearly show that the police baton charge in Delhi was inhumane and unlawful. The court should take suo motu cognizance of the incident and initiate action against the Delhi Police and the government responsible for it. @indSupremeCourt@UNHumanRights
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्र��� कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
स्कूलों में टीचर से कहा जाता है कि आप बच्चों पर छड़ी नहीं चला सकते। उन्हीं बच्चों पर पुलिस लाठी चला रही थी। शहर देख रहा था। बच्चों के माँ बाप और उनके व्हाट्स एप अंकिल चुपचाप देख रहे थे। पेपर लीक करने वाले आज पार्टी मना रहे होंगे। मनाओ तुम लोग। अभी धर्म क��� मुद्दा खोजा जा रहा होगा ताकी गोदी ऐंकर धर्म रक्षक बन कर चिल्लाने आ जाएँ। जनता को पता है गोदी मालिक, गोदी ऐंकर, गोदी संपादक अपने पेशे के धर्म की रक्षा कभी कर ही नहीं सकते।अख़बारों की हेडलाइन कैसे मैनेज होगी? लिख कर दे दिया गया है या ख़ुद से लिख लेंगे?
संसद के सामने युवाओं पर आँसू गैस छोड़ना बंद कीजिए।
सरकार दमन नहीं, संवाद का रास्ता चुने। अपने अयोग्य शिक्षा मंत्री को हटाकर युवाओं की बात सुने।
#DharmendraPradhanResign#StudentsProtest#Sansad
Haridwar, Uttarakhand: Two sadhus were harassed by a group of right wing extremists at Har Ki Pauri Ghat after they were seen cooking fish. Calling the ghat a sacred place, the group questioned the sadhus religious identity, demanded that they produce identity documents, and went on to destroy their food and cooking utensils.
गोदी मीडिया आपको ये ख़बर नहीं दिखाएगा लेकिन ये ख़बर बेहद जरूरी है.
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में बुंदेलखंड के लोग पानी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूँ नहीं रेंग रही है.
पिछले तीन दिन से लगातार जिओ इंटरनेट के प्रॉब्लम से झुंझ रहे है। मजाल है कि जिओ कॉल सेंटर के बंदे/बंदी किसी सर्विस टेक्नीशियन को घर भेज दें। वेदर के नाम पर बिल फाड़ा जा रहा है। तीन दिन से नेट बंद, काम बंद लेकिन हमें क्या? @JioCare