देश में आदिवासी महिला राष्ट्रपति भी है। मणिपुर में आदिवासी महिला राज्यपाल भी है। देश की संसद में आदिवासी 47 सांसद भी है। फिर भी मणिपुर में आदिवासियों को जिंदा लाश बनते हुए देख रहे है। आखिर इन सबका जमीर कहां मर गया? @AnusuiyaUikey@rashtrapatibhvn
मणिपुर की राजधानी इम्फाल में कार धोने का काम करने वाली फ्लोरेंस और ओलिविया नाम की दो युवा कुकी आदिवासी लड़कियों के साथ दरिंदगी और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। दो महीने से अधिक समय से उनके माता पिता इंफाल के शवगृह में पड़े है लेकिन वह अभी तक उनके शवों की शिनाख्त नहीं कर पाएं। क्या आप अन्य मामलों की तरह सिर्फ इसलिए चुप रहेंगे क्योंकि इनका कोई वीडियो या घटना दृश्य उपलब्ध नहीं है? क्या आपको ऐसी घटनाओं को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए? अगर हम उनके लिए नहीं बोलेंगे तो कौन बोलेगा? मानवता खामोश हो गई है, क्योंकि ये दो युवा लड़कियाँ अपने बारे में अब नहीं बोल सकतीं। हमें अपनी आवाज उठानी चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए बोलना चाहिए कि मणिपुर और भारत देश फिर कभी ऐसी दुखद घटनाओं का गवाह न बनें। @rashtrapatibhvn@priyankagandhi@RahulGandhi@kharge@deespeak@priyankachopra@ReallySwara@UrmilaMatondkar@RichaChadha@DrLamtinthangHk@bliss_singson@khanumarfa #JusticeForFlorenceAndOlivia #TribalLivesMatter #ManipurBurning #Kuki #Manipur #ManipurViolence #ManipurCrisis
मणिपुर में लगातार जारी हिंसा के कारण राजस्थान में पढ़ाई कर रहे वहां के विद्यार्थियों को कोई परेशानी आए तो वो संबंधित जिले के जिला कलेक्टर कार्यालय या 181 को अपनी समस्या बता सकते हैं। यह शिक्षण संस्थानों एवं हम सभी राजस्थानियों की जिम्मेदारी है कि मुश्किल परिस्थितियों में अपने घर से दूर हमारे सभी मणिपुरी भाई-बहनों की मदद करें। राजस्थान सरकार इस कठिन परिस्थिति में आपके साथ है।
चौरासी विधायक @roat_mla ने मणिपुर कुकी आदिवासी समाज की बहनों के साथ गैंगरेप निर्वस्त्र घुमाया घटनाओं को लेकर राजस्थान विधानसभा में आवाज उठाई।।
#नरेंद्र_मोदी_इस्तीफा_दो
बाकी आदिवासी समाज के दलाल 486 विधायक 47 सांसदों के मुँह छिल दिए है क्या?? कलम कांग्रेस ने?
@roat_mla
हमें यह कहने में शर्म महसूस हो रही हैं कि हम आजाद भारत में जी रहे हैं!!
हम संविधान और लोकतंत्र को मानने वाले हैं!!
मेरे देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं!!
देश की सत्ता 77 दिन तक चुप रही!!
#नरेंद्र_मोदी_इस्तीफा_दो
• मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ मणिपुर के आदिवासियों ने न्याय के लिए बारिश में निकाला मार्च.
• CM एन बिरेन सिंह को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग.
#मणिपुरहिंसा#Manipur_Violence
आज मणिपुर के आदिवासी कुकी समुदाय के समर्थन में पत्रिका गेट, जवाहर सर्किल, जयपुर पर विरोध प्रदर्शन किया और पत्रिका गेट से JNL मार्ग पर जेनपैक्ट चौराहे तक कैंडल मार्च किया..!
मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुई क्रूरतापूर्ण दरिंदगी के खिलाफ राज्य के आदिवासी बारिश में भीगते हुए पीड़िताओं को न्याय के लिए मार्च निकाल रहे है। राज्य में तात्कालिक शांति के लिए बीरेन सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर रहे है। क्या सरकार सुनेगी?
अत्यंत दुख की बात है कि मणिपुर में हिंसा बंद होने का नाम नहीं ले रही। इससे पूरा देश चिंतित है।
भाजपा की लापरवाही की वजह से मणिपुर में अभी तक 142 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
मणिपुर को देख कर राजस्थान में लोग पूछ रहे हैं कि भाजपा की सरकारों को कानून व्यवस्था चलाना क्यों नहीं आता?
#ManipurViolence
आज सिर्फ एक महिला ही नहीं देश की अस्मिता भी बेआबरू हो गई😰😰
मणिपुर की एक आदिवासी कुकी लड़की का शर्मनाक वीडियो वायरल हो रहा है।लड़की को निर्वस्त्र करके, स्तनों के साथ खिलवाड़ हो रहा है, उसके जनांगों में हाथ डाला जा रहा है, खुली परेड की जा रही है।
फ़िर भी दिल्ली में बैठे राजा को शर्म तक नहीं आई!
इतनी हैवानियत पर भी देश के हुक्मरान खामोश है
@narendramodi@AmitShah
देश की मीडिया खामोश है...!
@aajtak@ZeeNews@ndtv
मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, एसटी आयोग सब के सब ख़ामोश है।
शर्म आनी चाहिए निर्लज्जो...😰
और कितना इंसानियत को तार तार करवाओगे..??
#ManipurViolence
#TribalLivesMatter
मानवता के इतिहास की ऐसी ह्रदय विदारक घटना पर मेरी आंखों से आंसू आना कमजोरी नहीं है..सवाल पूछती रहूंगी...बेटी होकर बेटियों के लिए ना बोल पाऊं हाथरस के बाद मेरे साथ जो हुआ उस अंजाम से डर जाऊं ऐसा नहीं हो सकता..बताने को बहुत कुछ है..लेकिन फिर कभी..दुनिया में कितना गम है..मेरा गम..बहुत कम है..
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, युवा महिला, उन दो महिलाओं में से एक, जिन्हें मणिपुर में नग्न घुमाया गया और यौन उत्पीड़न किया गया, ने कहा: “पुलिस उस भीड़ के साथ थी जो हमारे गांव पर हमला कर रही थी। पुलिस ने हमें घर के पास से उठाया और गांव से थोड़ी दूर ले जाकर भीड़ के साथ सड़क पर छोड़ दिया। हमें पुलिस ने उन्हें सौंप दिया था।" पीड़िता के इस वक्तव्य से साफ होता है की पुलिस और सरकार की मिलीभगत से मणिपुर में आदिवासियों पर अत्याचार किया जा रहा है। अत: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। @JPNadda@narendramodi@AmitShah@NBirenSingh
घटना 4 मई की है. इसके बाद 18 मई को मामले में ‘ज़ीरो FIR’ दर्ज हुई. इसके बाद 21 जून को संबंधित क्षेत्र में इस मामले को लेकर FIR दर्ज की गई. अब लगभग एक महीने बाद वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने ट्वीट कर दिया कि आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है.
https://t.co/1crcb6PNMq