DON'T MINCE WORDS !
What is happening with the IIT BOMBAY professor Dr Doolla is wrong! We neeed to stand up and fight against this injustice!
Education is being destroying this way. Who will stay in INDIA if this continues?
If we care about our beautiful INDIA, if we don't want brain drain, if we care for merit, let us stand up for Professor Dr Doolla!
2 other students committed suicide in IIT BOMBAY, they were from the GC.
We need to focus on IIT BOMBAY & why so many students committed suicide: not charge Professor Dr Doolla under the SC ST act.
TEAM BHARAT stands unconditionally with professor Dr Doolla.
@OGTeamBharat@FactswithDinesh@nachiket1982@Nidhzee@Alamkhan19bs@Shankyram2
While the death of the IIT Bombay student is extremely unfortunate and yet another reminder that these premier institutions need to work on the campus environment and mental health but to sack the professors to end the protests is just a band aid solution to a problem that needs surgery. Also, shifting the blame on the professors who were doing their job of reporting copying during an exam and making it about caste discrimination is a sad outcome.
❓What is the market share of UPI payment apps in India?
- PhonePe: 48.9%
- Google Pay: 37.7%
- Paytm: 8.3%
- Others: 3.6%
- Cred: 1%
- Amazon Pay: 0.5%
❓Who are the biggest beneficiaries
- PhonePe (72% stake owned by America's Walmart)
- Google Pay (100% owned by America's Google LLC)
🔹MDR revenue will increase their earnings and valuation
🔹This is a lifeline for PhonePe's IPO. The IPO was stopped in March 2026 because PhonePe's valuation had fallen below $10 billion.
👉 This means people in India who are already struggling with inflation and unemployment are now being forced to boost the valuation of an American company before its IPO.
: AICC Social Media and Digital Platforms Chairperson @SupriyaShrinate ji
स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था झड़प के दौरान..
पुलिस का जवाब था- पहले जब कंप्लेंट की गई थी तब शिकायतकर्ता ने जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप नहीं लगाया था। बाद में दूसरी बार जब बयान हुआ तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप लगाया इसलिए स्वतंत्र पर SC/ST एक्ट लगा दिया गया।
क्या ये संभव है कि शिकायतकर्ता को पूरी घटना याद रही लेकिन जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ था ये याद आने में 70 दिन लग गए?
अभी तक जितने वीडियो आए हैं उनमें से किसी में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का ऑडियो सुनाई दिया है क्या?
लेकिन कोई कुछ नहीं कहेगा.. SC/ST एक्ट के गलत इस्तेमाल पर कोई चर्चा नहीं होगी इस देश में। और SC/ST एक्ट लगवाने वाला भले खुद वीडियो में पीटता दिख रहा हो लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। भले वो वीडियो में खुद मान रहा हो कि उसने हालत बुरी कर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी।
गजबे है। और ये गजबे है चलता रहेगा, खत्म ना होनेवाला।
तुम पढ़ो और पढ़कर लिखो सब
वरना तारीख़ बदली मिलेगी,
अब क़लम और काग़ज़ से बढ़कर
दूसरा कोई चारा नहीं है।
शाहीन कॉलेज बीदर कर्नाटका में पिछले दिनों छात्रों से संवाद का एक ख़ूबसूरत मौक़ा।
12वीं में 95%अंक लेकिन कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला इसलिए बेटे ने आत्महत्या कर लिया
वोटजीवी नोटजीवी सत्ताजीवी नेता जाति भाषा मजहब का जहर घोलकर देश को बर्बाद कर रहे हैं
धन-धर्म, घर-परिवार, खेत-खलिहान, मकान-दुकान, उद्योग-व्यापार बचाना है तो दल गुलामी छोड़कर सत्य बोलिए और सत्य लिखिए
हिन्दुओ मुबारक हो निशु आजाद हिन्दुओ को गाली देकर CBSC बोर्ड मे पडती हैँ लाखो की फंडिंग होती हैँ
राजेश वाल्मीकी दिन रात सनातन का प्रचार करता हैँ.. फिर भी उसकी बेटी आज दस वीं के बाद 8.हजार की जॉब करने पर मजबूर हैँ 😔
राज्य मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि “मुझे और मेरे परिवार को किसी भी तरह का आरक्षण नहीं चाहिए। हमारा आरक्षण समाज के गरीब लोगों को दे दो।
इससे पहले इनके बेटे भी कह चुके हैं कि हमारी पार्टी आर्थिक आधार पर आरक्षण मिले इसकी समर्थक है।
मेहरबान, क़दरदान साहिबान हो जैव सावधान…….जीतन राम माँझी भी अब आरक्षण की समीक्षा को लेकर मैदान में हैं।
आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए और कोटे में कोटा लागू हो:- जीतन राम मांझी (केंद्रीय मंत्री)
No Ex-Chief Minister is mentoring
No political party is funding
No mainstream media is covering
This is a movement born out of public anger & feedback.
Keep supporting and we will WIN!
#आरक्षण पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री @oprajbhar जी ने जो कहा है, उस पर कोई भी समझदार व्यक्ति विवाद कर ही नहीं सकता है। राजभर जी ने कहा-
"बाबासाहब ने आरक्षण की व्यवस्था इसलिए दी थी कि, समाज के वंचितों, दबे-कुचले लोगों को मुख्य धारा में लाया जा सके, लेकिन आज DM, SP, CM, गवर्नर और यहां तक कि, राष्ट्रपति के बच्चे भी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। जो लोग आरक्षण का लाभ लेकर समाज की मुख्य धारा में आ चुके हैं, उन्हें इससे बाहर किया जाना चाहिए"
यही आरक्षण का सही रास्ता है। आरक्षण न्यूनतम और कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति/समाज के लिए ही होना चाहिए। #ReservationDebate
रेलवे में खुली लूट चल रही है… तत्काल में टिकट बुक किया… पेमेंट कट गया और ऐप घूमता रहा… थोड़ी देर बाद 1 वेटिंग हो गई
ज़ाहिर है टिकट कंफर्म नहीं होना था… चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल हुआ और रिफंड का मैसेज आया
रिफंड में 153 रुपये काट लिए हैं… ऐसा हर दिन करोड़ों लोगों के साथ होता होगा… आखिर यात्री की क्या गलती है इसमें
ब्रह्मांड का सबसे घटिया ऐप भी रेलवे का ही है…
@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw@RailwaySeva@IRCTCofficial
Irrespective of whether you agree or disagree with @ajeetbharti ; it is our duty to stand by him.
We have figured out the govt is 'match fixing' with certain groups who were "allowed to protest;" they did not face FIRs when they beat up Delhi Police, two Union Ministers went on thier knees and made this group a star & then the same group members were "conveniently attacked" in Rajasthan on the very day GC students & youngsters were protesting at Jantar Mantar Delhi to divert attention from the RHA andolan.
Those who did violence againt our cops faced no charges, but Ajeet Bharati has an FIR!
Are we Fools! It is our duty to stand up to this bullying !
SC/ST एक्ट के जितने भी केस होते हैं, जिनमें से 92 परसेंट फेक साबित होते हैं, उन केसों का 81 से 84 परसेंट हिस्सा OBC समाज के लोगों पर दर्ज होता है। यादवों पर, जाटों पर, गुर्जरों पर, कुर्मियों पर, कुशवाहा पर, ये सभी लोग OBC हैं। तो भाई, आप लोग इनके द्वारा सबसे ज्यादा पीसे जा रहे हो। इसमें आपको आगे आना चाहिए, और इसके साथ ही OBC समाज के हर उस व्यक्ति को आगे आना चाहिए जिसे लगता है कि इस तरह के एक्ट से समाज विभाजित हो रहा है।
आप खुद को केवल 'यादव' तक सीमित कर लेते हैं, लेकिन यादव भाई, मैं जानता हूँ कि यादव समाज सबसे धार्मिक समुदायों (one of the most religious clans) में से एक है, बिहार में भी और यूपी में भी। अक्टूबर 2024 में डासना में जब जुबैर के ट्वीट के बाद दस हजार की भीड़ पहुँच गई थी, तब यादव भी वहाँ डटकर खड़े थे, वही मंदिर को बचा रहे थे। तो भाई, आप भी इसमें आगे आओ। आप लोग इस एक्ट के तहत सबसे अधिक टारगेट होते हैं। आखिर इसे चाहता कौन है? कौन कहता है ये सब करने के लिए?
कहीं एक जगह ऐसा होता होगा कि आप किसी को घोड़ी चढ़ने से रोक रहे होंगे, लेकिन उसे सौ बार इस तरह से दिखाया जाता है जैसे कि हर यादव, हर OBC उन्हें घोड़ी पर चढ़ने नहीं दे रहा।
जबकि ऐसा तो है नहीं। तो जब अपवादों (exceptions) को उदाहरण बनाकर आपके पूरे जाति समूह को, आपकी पूरी जाति को अपमानित किया जाता है, तो यह आपके लिए भी उचित सलाह है कि आप आगे आइए। क्या जातिवाद आपके खिलाफ नहीं होता है? 'OBC Atrocity Act' क्यों नहीं होना चाहिए? 'सवर्ण Atrocity Act' क्यों नहीं? क्या यादवों को 'गँवार' और इस तरह के अन्य आक्षेप नहीं सहने पड़ते हैं? आखिर ऐसी कौन सी जाति है जिसके ऊपर जातिवादी टिप्पणी नहीं होती है?
जब ब्राह्मणों को नहीं छोड़ा जा रहा है, उन्हें 'ब्राह्मणवादी', 'भिखमंगा', 'मनुवादी' और पता नहीं क्या-क्या बोला जाता है, और वो सब के सब नेगेटिव इंटेंट (negative intent) के साथ बोले जाते हैं। फिर आप क्यों अपने आपको इससे अलग रखकर चल रहे हो? OBC समाज should be the first in line.
भाई, ये जो भी जातिवाद के उदाहरण रखते हैं, उन्हें देखने की जरुरत है। और आपका कटऑफ भी अब जनरल के बराबर ही आ रहा है, तो आपके लिए तो वैसे भी आरक्षण का उतना अधिक मतलब रह नहीं गया है। तो चाहे आरक्षण की बात हो या SC/ST Atrocity Act की, या फिर अभी आपको लग रहा होगा कि 'चलो भाई, UGC में हम तो बचे हुए हैं', लेकिन यदि कोई SC/ST आपसे बदला लेना चाहे, तो वह आपका भी जीवन खराब कर सकता है। You are not protected from the SC/ST Act. या जो UGC regulations 2026 हैं, उनमें भी आपको कोई प्रोटेक्शन नहीं है।
आपके पास सिर्फ इतनी प्रोटेक्शन है कि यदि आप पर कोई जातिवादी टिप्पणी करेगा तो आप भी काउंटर कर सकते हैं; काउंटर ही नहीं, आप भी जाकर शिकायत कर सकते हैं। But as such, यदि कोई SC/ST आप पर झूठा आरोप लगा दे, तो आप भी फँस जाओगे।
इस बात को समझो and come into this; oppose these shitty regulations and these acts, जो समाज को विभाजित करने में लगे हुए हैं। And leftists are having a bloody field day. They are laughing and having a great time at our expense. इस बात को समझिए और साथ आइए।