@DrTnsharma जी पूरे दिन लूटपाट,भ्रष्टचार की बात करते हो। ईमानदारी का चोला पहने रखते हो। क्या ये आपकी लूट नही है? फीस ली, केस जी जान से लड़ने की बात कही। जब फीस ली तब बड़ी बड़ी बाते कही। मीठी गोली शानदार दी
कम से कम प्रयास तो करो। आप तो अपनी ताकत लगाओ।
इसको लूटना नही कहे तो क्या?
@DrTnsharma जी silent बैठने से काम नहीं चलेगा।
कोचिंग चलाते और कंप्यूटर के टीचर हो इसलिए लड़के आपके झांसे में आ गए। आपके पास बहुत भारी उम्मीद से केस लगाया था ।
केस हार जीत अलग मुद्दा है। कम से कम प्रयास तो करना चाहिए। गरीब बेरोजगार का पैसा फूटकर निकलेगा।
कर्म करो फल कुछ भी हो
@DrTnsharma जी silent बैठने से काम नहीं चलेगा।
कोचिंग चलाते और कंप्यूटर के टीचर हो इसलिए लड़के आपके झांसे में आ गए। आपके पास बहुत भारी उम्मीद से केस लगाया था ।
केस हार जीत अलग मुद्दा है। कम से कम प्रयास तो करना चाहिए। गरीब बेरोजगार का पैसा फूटकर निकलेगा।
कर्म करो फल कुछ भी हो
वकील साहब आप भी बेरोजगारों की पीड़ा नहीं समझते हैं।
इस तरह का छलावा करते है। फीस लेने के बाद वकील राजा क्यों हो जाता है?
काफी मैसेज आ रहे है आपके क्लाइंट के
@DrTnsharma उम्मीद है इसका आप जवाब देंगे।
में सोच रहा था बाकी वकीलों से तो अच्छे होगे जो बेरोजगारों के केस को गम्भीर लेगे
श्रीमान फौजी साहब @alokrajRSSB शास्त्रो मे इसे ही अपने मुह मिया मिठु बनना कहा गया है , कल तक तो जब OMR CHANGE
करने की बात आती थी, आप बेरोजगार पर हसते थे , आज भी माथुर आपके DEPT का सदस्य है, उसे तो हटवा दो 😂
जवाब की प्रतिक्षा रहेगी मै भी फौजी का बेटा हु 🙏
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्रीमान हरि प्रसाद शर्मा जी से भी पूछताछ करनी चाहिए...हरि प्रसाद शर्मा जी का कार्यकाल जनवरी 2021 से अगस्त 2023 तक था उनके कार्यकाल मे भी संजय माथुर सिस्टम एनालिसिस का करता था...
हरि प्रसाद शर्मा जी के कार्यकाल मे 100 परीक्षाओ का आयोजन हुआ और 122 भर्ती परीक्षा के परिणाम जारी हुए...
संजय माथुर 2018 से OMR घोटाला करता आ रहा है तो एक बार पूर्व अध्यक्ष से भी पूछताछ करनी चाहिए...हो सके बड़ा खुलासा हो जाए।
हालांकि हरि प्रसाद शर्मा जी राजस्थान पुलिस से सेवानिवृत्त IG थे वो ऐसा घोटाला नही कर सकते लेकिन कर्मचारी पर विश्वास नही हो रहा है क्योंकि संजय माथुर ने पहले 3 भर्ती मे - 6 वाले के 259 नम्बर दिए थे संजय माथुर 5 अध्यक्ष का कार्यकाल मे काम कर चुका है।
आपकी क्या राय है...बताओ।
OMR शीट बदलने का खुलासा: अशोक गहलोत ने 2024-25 की सभी भर्तियों की जांच की उठाई मांग
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में OMR शीट बदलने के खुलासे ने भर्ती व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को बेहद चिंताजनक बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से 2024 और 2025 में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की गंभीर व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि SOG रिपोर्ट के अनुसार यह फर्जीवाड़ा करीब 9 साल पहले यानी 2018 से पूर्व शुरू हुआ और 2026 तक जारी रहा, जो सिस्टम की बड़ी नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में शामिल कर्मचारी 2024-25 में भी सक्रिय थे और चयन बोर्ड में पदस्थ रहे।
कांग्रेस सरकार के समय उठाए गए सख्त कदमों का किया जिक्र
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ देश में सबसे पहले सबसे कड़ा कानून बनाया, जिसमें उम्रकैद की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्ती और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस कार्यकाल में SOG द्वारा 250 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं और माफियाओं की संपत्तियों पर कार्रवाई भी की गई।
“भर्ती परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 सालों में राजस्थान में कई बड़ी भर्तियां हुईं, जिनमें 35 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें सूचना सहायक, संविदा नर्स (GNM/ANM), कृषि पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखाकार, संगणक, CET (स्नातक/सीनियर सेकेंडरी), पशु परिचर, LDC, JEN, पटवारी, वाहन चालक, VDO और ग्रेड-4 सहित कई परीक्षाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ये सभी परीक्षाएं उसी सिस्टम और स्टाफ की देखरेख में हुईं, जिन पर अब OMR गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। ऐसे में इन सभी भर्तियों की शुचिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कटऑफ बढ़ने को लेकर भी जताई चिंता
गहलोत ने कहा कि अभ्यर्थियों की लगातार शिकायतें आ रही हैं कि बीते 2 वर्षों में कटऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है, जिससे युवाओं में संदेह बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इन शंकाओं को दूर करने के लिए सरकार को तुरंत जांच के आदेश देने चाहिए।
@GovindDotasra@ashokgehlot51@BhajanlalBjp
चतुर्थ श्रेणी नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया
फर्स्ट शिफ्ट _ 5/6 प्रश्न कम
2nd शिफ्ट _2 प्रश्न कम
3rd शिफ्ट _ लगभग समान
4th शिफ्ट _1 प्रश्न कम (हार्ड शिफ्ट पढ़ने वाले बच्चे बैठ गए)
5th शिफ्ट _ 2/3 प्रश्न+
6 th शिफ्ट _ 4/5 प्रश्न +
1,5,6 निर्णायक शिफ्ट
@KrishanTetawral@vkjaat139398
एक बार जाकिर नाईक के साथ कार्यक्रम में शाहरुख खान कह रहे थे कि मैं एक प्राउड मुस्लिम हूं हमारा इस्लाम किसी के आगे सर झुकाने की इजाजत नहीं देता हम सिर्फ अल्लाह के आगे सर झुकाते हैं
यह देखिए जब शाहरुख खान बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रहे थे तब मात्र 20 सेकंड में कितने बार सुभाष घई के पैरों पर गिरे
इंस्टाग्राम ने बागेश्वर धाम का 1.8 मिलियन फॉलोवर्स वाला
offical अकाउंट सस्पेन्ड कर दिया
दक्ष चौधरी 2.9 M
DR प्रकाश सिंह 1.1 M
अभिषेक ठाकुर 1.5 M
ये सभी अकाउंट 3-4 दिन मे सस्पेंड हो चुके है
हिन्दुत्व की आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है
@AshwiniVaishnaw मामले को देखे
👉🏻👉🏻 डाबी बहनें चाहतीं तो अपने समाज के लिए इतिहास लिख सकती थीं। लेकिन उन्होंने इतिहास नहीं, हेडलाइन मैनेजमेंट चुना।
>> यूपीएससी पास करके आईएएस बनना इसलिए नहीं था,
कि गाँव में पानी पहुँचे, हैंडपंप चले, टंकी भरे—
>> बल्कि इसलिए कि शादी का कार्ड भी “प्रोजेक्ट” बने,
मंत्रालय का होमपेज भी “फील्ड विज़िट” कहलाए और ऊपर से करोड़ो का अवॉर्ड जेब में आ जाए।
> ये मेहनत नहीं है।
> ये बुद्धिमानी भी नहीं है।
> ये सिस्टम को मूर्ख बनाने का कॉन्फिडेंस है।
>> टीना डाबी और उनकी बहन अगर चाहतीं, तो हज़ारों लड़कियों को बता सकती थीं कि आईएएस बनकर काम कैसे किया जाता है।
>> लेकिन संदेश दिया गया ये—
• काम मत करो,
• डेटा सजाओ।
• ज़मीन मत नापो,
• पोर्टल संभालो।
• जनता मत देखो,
• जूरी मैनेज करो।
>> कल अवॉर्ड मिला था, आज सवाल उठ रहा है ।
@dabi_tina - फर्जीवाड़े से जीता गया सम्मान,
सबसे पहले सम्मान को ही मारता है।
टीना डाबी की बहन , IAS रिया डाबी की टीम ने जल शक्ति मंत्रालय की वेबसाइट पर एक शादी का निमंत्रण पत्र कार्य पूर्ण होने के प्रमाण के रूप में अपलोड किया और इसके बावजूद ₹1 करोड़ का सरकारी पुरस्कार ले उड़ी।
ज़रा ठहरिए , इसे समझिए।
📌 शादी का कार्ड = प्रोजेक्ट एविडेंस
📌 ज़मीन पर कोई वास्तविक काम नहीं
📌 कोई जियो-टैग्ड फोटो नहीं
📌 कोई थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन नहीं
📌 फिर भी सरकारी रिकॉर्ड में काम “पूर्ण” घोषित।
> यह कोई क्लेरिकल गलती नहीं है।
टीम ने शादी का कार्ड सरकारी काम बताकर अपलोड किया सिस्टम ने उसे मंज़ूरी दी, इनाम दिया और जश्न मनाया।
अगर शादी का निमंत्रण इन्फ्रास्ट्रक्चर का सबूत बन सकता है।
तो ऑडिट सिर्फ़ दिखावा हैं, जियो-टैगिंग एक मज़ाक है।
और अवॉर्ड महज़ पावर-बैक्ड काग़ज़ी खेल।
यह शासन नहीं है।
यह “उत्कृष्टता” के नाम पर सजी हुई संस्थागत भ्रष्टाचार की तस्वीर है।
@SARITA_BISHNOI2 Inko exam hi nahi dena chahiye tha fourth grade ka inki vajah se seat khali jaygi agar 2 guna me bhi kuch logo ka 1/2 ya 1 number se reh gaya toh cutoff high jaane ka karan yahi log hai jinko bas exam dene hai jab join hi nahi karna toh exam kyu?
“मेरे वालिद पाकिस्तान से थे, मैं खुद पठान हूँ और पाकिस्तान की जीत में मुझे अपनी जीत नज़र आती है”
और फ़िल्म बनायेंगे “फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी”
इनका भी हलाल का कारोबार चल रहा है, पैसा कमाने के लिये हिंदुस्तान और “दिल दिल पाकिस्तान”