जब सारी दुनिया खुद को बचाने मे जुटी थी,
तब यही कोरोना योद्धा (NHM कर्मचारी) अपने जान पर खेलकर लोगो की जान बचाए
इनके हौसलो से ही जीते थे, कोरोना की वो भीषण जंग,
उन कोरोना योद्धाओ को, हम दिल से करते है नमन।
लेकिन
वही संविदा NHM कर्मचारी अपनी सेवा सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे है!
@dhruv_rathee@dhruv_rathee 16,000NHM workers in Chhattisgarh are on strike for the last21 days demanding regularisation & fair pay.
BJP govt had promised to regularise NHM staff within100days of coming to power, but no action yet!
Requesting @dhruv_rathee to raise this issue
*केंद्र सरकार का जवाब छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए*
*नियमितीकरण का निर्णय राज्य सरकार के अधीन है यह केंद्र सरकार का विषय नहीं है*।
@ChhattisgarhCMO@ShyamBihariBjp
ये राजनीति का सबसे गंदा चेहरा है।
सरकार ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए सभी NHM संविदा कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का आदेश दिया गया है। आदेश नहीं मानने पर बर्खास्त करने की चेतावनी सरकार ने दी है।
जब NHM कर्मचारियों ने 160 बार से अधिक बार ज्ञापन दिया तब सरकार उनकी बात गंभीरता से क्यों नहीं लिया?
काश इतनी तत्परता अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे को पूरा करने में दिखाते है, विपक्ष में थे तब इन्हीं संविदा कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन और हड़ताल अच्छे लगते थे। तब संविदा कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन और हड़ताल में जा-जाके रोटियां सेंकते थे। तब इन्हीं संविदा कर्मचारियों की चिंता और हमदर्दी जताया करते थे।
अब जब चुनाव जीत गये हैं, सरकार को 2 साल होने वाले हैं तो और जब संविदा कर्मचारी आपके घोषणापत्र में किये वादे ( मोदी की गारंटी ) और अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं तो यही संविदा कर्मचारी सरकार की नजरों में चुभने लगे हैं।
जब विपक्ष में थे तब वर्तमान मुख्यमंत्री @vishnudsai, वर्तमान उप मुख्यमंत्री @ArunSao3, वर्तमान वित्तमंत्री @OPChoudhary_Ind संविदा कर्मचारियों के प्रति बहुत हमदर्दी थी, संविदा कर्मचारियों की बहुत चिंता होती थी। विधानसभा चुनाव में जिन संविदा कर्मचारियों भर-भर के वोट दिया, यही संविदा कर्मचारी अब तुच्छ लगने लगे हैं।
यही राजनीति, यहाँ वादों और जुबान की कोई कीमत नहीं और घोषणापत्र तो सबसे बड़ा झूठ है, अगर ऐसे ही राजनीतिक पार्टियाँ और नेता लोग अपने वादों और चुनावी घोषणा पत्र से पलटने लगे तो अगले विधानसभा चुनाव में इस घोषणापत्र को छत्तीसगढ़ की जनता गंभीरता से नहीं लेने वाली।
#nhm_नियमितीकरण
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#संविदा_एनएचएम_कर्मचारियों_का_नियमितीकरण_पूरा_करो
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@vishnudsai@ArunSao3@ShyamBihariBjp@bhupeshbaghel@DeepakBaijINC@TS_SinghDeo@DrCharandas@CGNHM1@SatyaBaat007@cgsvskm@SanvidaMisana@CGRHO11@cgmgnregaunion@cgmgkm@BJP4CGState@INCChhattisgarh@HealthCg@brijmohan_ag@DSunilkiran@JdaRaipur@vijaybaghelcg@MBBS_Medicos@JaltarePratik
NHM संविदाकर्मियों का भुगतान और सुविधाएं समय पर नहीं है कभी फंड समय से नहीं आता है कभी पोर्टल पर कार्य चलता है शासन प्रशासन लॉलीपॉप देने का कार्य करते हैं अल्प वेतनभोगी हर माह आर्थिकशोषण का शिकार होता है संविदा एक बड़ा शोषण है@myogiadityanath@JPNadda@brajeshpathakup@kpmaurya1