मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में रिज मैदान पर आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी वर्गों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
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3 जून 2026 को पुरी (ओडिशा)में BRICS बैठक में हिमाचल ने GIS आधारित अर्बन रेजिलिएंस प्लेटफॉर्म पेश किया—16 ULBs की 15,000+संपत्तियों का डिजिटल मैपिंग व AI-MLआधारित आपदा प्रबंधन।
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Save Water with Mission LiFE and power a sustainable tomorrow by following water-efficient practices
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प्लास्टिक को बायोडीग्रेड होने में हजारों साल लग जाते हैं। प्लास्टिक पेट्रोलियम पदार्थों से बनता है। इसे लापरवाही से फेंक दिया जाए या जलाया जाए तो इनमें से जहरीली गैस निकलते हैं।
करोड़ों साल पुराने वन हमारी पृथ्वी हमारे पर्यावरण को स्थिर रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पृथ्वी पर मौजूद समस्त जैव विविधता और हम मनुष्यों समेत सब का जीवन इन्हीं पर निर्भर करता है।
पंचतत्व अग्नि,जल, वायु, आकाश और धरा पृथ्वी पर जीवन संभव हुआ। इन्हीं पांचों तत्वों के कारण और लाखों वर्षों से भारत में इनके प्रति आदर और सम्मान रहा है। ये एक अटूट अंग हैं हमारी संस्कृति और सभ्यता का हमारी परम्पराओं में निहित हैं।
पवित्र वनों के फायदे सिर्फ उस इलाके और उसके द्वारा संरक्षित जैव विविधता तक ही सीमित नहीं होते। इनका प्रभाव पूरी पृथ्वी पर पड़ता है। वन असरदार कार्बन सिंक का काम करने के अलावा मिट्टी के कटाव और तेज हवाओं को भी रोकते हैं।
𝗖𝗹𝗶𝗺𝗮𝘁𝗲 𝗧𝗲𝗰𝗵 𝗳𝗼𝗿 𝗛𝗶𝗺𝗮𝗹𝗮𝘆𝗮𝗻 𝗟𝗶𝘃𝗲𝗹𝗶𝗵𝗼𝗼𝗱𝘀
#HimCONNECT, a platform linking Himalayan research with start-ups, investors and policy stakeholders, will feature Dr. Lal Singh showcasing integrated climate solutions for the Northwestern Himalaya.
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Hon’ble Shri Bandi Sanjay Kumar Minister of State for Home Affairs in conversation with Aapda Mitra volunteers - LIVE now!
26 January 2026 | 2:30 PM IST
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पर्यावरण से जुड़े अनेक क्षेत्रों में भारत ने विश्व समुदाय का मार्गदर्शन किया है।
प्रकृति के साथ समन्वित जीवन-शैली भारत की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रही है। यही जीवन-शैली, विश्व समुदाय को दिए गए हमारे संदेश ‘Lifestyle for Environment’ यानी ‘LiFE’ का आधार है।